अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भले ही लंबी दूरी की मिसाइल से रूस में हमले की खुली छूट दे दी हो, लेकिन पिछले 24 घंटे में रूसी सेना ने यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है. रूस ने यूक्रेन के 144 मिलिट्री फील्ड, ड्रोन फैक्ट्री, पावर स्टेशन पर गैस संयंत्र जबरदस्त हमले किए हैं.
रूस का दावा है कि यूक्रेन की ऊर्जा को खत्म इसलिए किया गया ताकि मिलिट्री इंडस्ट्रियल कॉम्पलेक्स (एमआईसी) को तबाह कर दिया जाए. यूक्रेन ने कबूल किया है कि पिछले ढाई साल में यानी जब से जंग शुरू हुई है तब से रूस का ये अब तक के सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक है.
रूस ने टेक्टिकल एविएशन, ड्रोन और जंगी जहाज से दागी गई मिसाइलों से कीव, खारकोव (खारकीव), निकोलेव, पोल्तावा, लवीव, ओडेसा और जपोरिजिया सहित डेढ़ दर्जन शहरों में जबरदस्त हमले किए.
उधर, कुर्स्क में उत्तरी कोरिया के सैनिकों के साथ रूसी सेना ने यूक्रेनी सेना को जबरदस्त नुकसान पहुंचा तो बाइडेन ने जेलेंस्की को लंबी दूसरी की अटकैम्स यानी आर्मी टेक्टिकल मिसाइल सिस्टम (एटीएसीएमएस) को इस्तेमाल की खुली छूट दे दी है. इसके मायने ये है कि यूक्रेनी सेना इन मिसाइलों को कुर्स्क में इस्तेमाल कर सकती है.
बाइडेन ने अभी तक अटकैम्स मिसाइलों के इस्तेमाल पर रूस सीमा पर इस्तेमाल करने की इजाजत दे रखी थी. लेकिन इन लंबी दूरी की मिसाइलों की रूस के अंदरूनी इलाकों में इस्तेमाल की पाबंदी लगा रखी थी.
हालांकि, अमेरिका में हुई राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ट ट्रंप जीत चुके हैं, लेकिन वे 20 जनवरी को ही सत्ता संभालेंगे. चुनाव जीतने के बाद ट्रंप ऐलान कर चुके हैं कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करा देंगे. ऐसे में बाइडेन के यूक्रेन को अटकैम्स मिसाइल के इस्तेमाल से युद्ध को हवा मिल सकती है.
कुछ समय पहले ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने साफ कर दिया था कि अगर नाटो (अमेरिका और पश्चिमी) देशों की मिसाइल रूस पर आकर गिरी तो गंभीर परिणाम होंगे. पुतिन ने दो टूक कह रखा है कि ऐसे परिस्थितियों में नाटो का रूस से सीधे युद्ध हो जाएगा.
Air-Strike से यूक्रेन बेदम, बाइडेन ने जेलेंस्की को दी खुली छूट

