सोशल मीडिया ऐप टेलीग्राम के सीईओ पावेल डुरोव पर रूस में आतंकवाद में मदद का बड़ा आरोप लगा है. रूस ने पावेल को अंतर्राष्ट्रीय वांटेड की सूची में डालकर सनसनी फैला दी है.
रूस की खुफिया एजेंसी एफएसबी ने खुलासा किया है कि यूक्रेन के सीक्रेट एजेंट टेलीग्राम की मदद से हनीट्रैप में लिप्त हैं और रूसी लोगों को बरगलाकर आतंकी गतिविधियों में शामिल करते हैं.
रूस का दावा है कि टेलीग्राम ने आतंकवादी और यूक्रेनी एजेंसियों से जुड़े चैनल नहीं हटाए.
रूस में जन्मे पावेल ने वर्ष 2013 में अपना देश छोड़कर यूएई की नागरिकता ले ली थी. टेलीग्राम से पहले पावेल ने ‘वीके’ नाम का एक रूसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तैयार किया था. रूसी सरकार इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल को लेकर पावेल से जानकारी लेना चाहती थी. पावेल ने मना किया तो उसे देश छोड़ना पड़ा था.
रूसी खुफिया एजेंसी ने पावेल के पर कतरे
एफएसबी ने घोषणा की है कि टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव अब अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वांछित हैं. सुरक्षा सेवा ने जो खुलासे किए हैं वो चौंकाने वाले हैं.
एफएसबी के मुताबिक,”टेलीग्राम के एडमिनिस्ट्रेशन ने रूस में ऐसे कई चैनलों, चैट्स और बॉट्स को नहीं हटाया है, जिनका इस्तेमाल यूक्रेनी इंटेलिजेंस एजेंसियों, आतंकवादी और चरमपंथी संगठन कर रही है. इसका इस्तेमाल तोड़-फोड़, आतंकवाद, सामूहिक हत्या और साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं की तैयारी और उन्हें अंजाम देने के लिए किया जा रहा है.”
एफएसबी ने बयान जारी करके कहा, “टेलीग्राम के जरिए यूक्रेनी खुफिया एजेंसियों द्वारा किए गए अपराधों में कई लोगों की मौत हुई है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. साथ ही अरबों डॉलर का भौतिक नुकसान भी हुआ है.”
ऐप पर फैला यूक्रेनी एजेंट का जाल
एफएसबी ने दावा किया है कि “यूक्रेनी एजेंटों ने टेलीग्राम की डेटिंग सेवा पर खुद को युवा महिलाओं के रूप में पेश किया, रूसी पुरुषों से दोस्ती की और फिर धोखे से उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती किया.”
एजेंसी ने बताया कि “जुलाई 2025 से अब तक अधिकारियों ने रूस के 16 क्षेत्रों में इस डेटिंग सेवा के 46 युवा उपयोगकर्ताओं को हिरासत में लिया है. इन लोगों ने यूक्रेनी खुफिया के निर्देश पर पुलिस अधिकारियों पर हमले किए और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया.”
फ्रांस भी पावेल डुरोव पर चला चुका है चाबुक
सितंबर2024 में फ्रांसीसी पुलिस ने पावेल डुरोव पर धोखाधड़ी के साथ-साथ ड्रग्स तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और बच्चों के शोषण जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए गिरफ्तार किया था. फ्रांसीसी पुलिस का आरोप था कि पावेल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संगीन अपराधों को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए थे. जबकि पावेल पहले आरोप लगा चुके थे कि पश्चिमी देश उनपर टेलीग्राम में ‘बैकडोर एक्सिस’ की मांग कर रहे हैं ताकि वे यूजर्स पर नजर रख सकें. पावेल को उस वक्त गिरफ्तार किया गया जब वो अजरबैजान की राजधानी बाकू से अपने चार्टर्ड प्लेन से पेरिस के करीब ब्रोगेट एयरपोर्ट पहुंचा था.

