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ट्रंप की जुबानी, ईरान में अमेरिकी पायलट रेस्क्यू मिशन की कहानी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सामने अपनी सेना की पीठ थपथपाई. ईरान के क्षेत्र में घुसकर कैसे अमेरिकी कमांडोज़ ने अपने पायलट को बचाया और ईरान को छकाया, इसकी एक एक जानकारी ट्रंप ने साझा की है.

ट्रंप ने ये बात मानी कि ऑपरेशन में 02 अमेरिकी एयरक्राफ्ट का नुकसान हुआ, लेकिन इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने साबित कर दिया कि अमेरिकी कितने बहादुर हैं.

3 अप्रैल को ईरान ने अमेरिका के एफ 15 को मार गिराया था. इस विमान के 02 पायलट खुद को इजेक्ट करके ईरानी क्षेत्र में छिप गए. एक पायलट को फौरन बचा लिया गया था, लेकिन दूसरा पायलट ढूंढना एक बड़ी चुनौती था.

लेकिन अमेरिका ने जोखिम उठाया और शेर की मांद से अपने एयरमैन को बचा लाया.

पायलट को बचाने के लिए 155 विमान लगाए गए: ट्रंप

ट्रंप ने ईरान से अपने पायलट्स को बचाने के लिए किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी साझा की है. ट्रंप ने इसे ऐतिहासिक ऑपरेशन बताया और कहा कि “अमेरिकी सेना अपने किसी भी नागरिक को पीछे नहीं छोड़ती.”

ट्रंप ने कहा कि “इस मिशन में कई लोगों ने मदद की. इसमें थोड़ी किस्मत भी साथ थी और दोनों एयरमैन बहुत बहादुर थे. सीआईए ने बहुत शानदार काम किया. उन्होंने पायलट को ढूंढ निकाला. यह तिनके के ढेर में सुई ढूंढने जैसा था.”

ट्रंप ने बताया कि “उन्होंने सेना को आदेश दिया था कि फंसे हुए एयरमैन को बचाने के लिए जो भी जरूरी हो, वो किया जाए. इस ऑपरेशन में सैनिकों ने बड़ा जोखिम लिया, लेकिन किसी को चोट नहीं लगी. वहीं, घायल एयरमैन खून बहने के बावजूद पहाड़ चढ़कर अपनी लोकेशन भेजने में कामयाब रहा. एयरमैन को बचाने के मिशन में 155 विमान लगाए गए थे, जिनमें 4 बॉम्बर, 64 फाइटर जेट, 48 रिफ्यूलिंग टैंकर और 13 रेस्क्यू विमान शामिल थे.”

ट्रंप ने कहा, “कौशल और सटीकता, मारक क्षमता और ताकत का ज़बरदस्त प्रदर्शन करते हुए, अमेरिका की सेना उस इलाके में उतरी. दुश्मन से भिड़ गए, फंसे हुए ऑफिसर को बचाया, सभी खतरों को खत्म किया और बिना किसी नुकसान के ईरानी इलाके से बाहर निकल गए.” 

रेस्क्यू मिशन की जानकारी लीक करने वालों को नहीं छोड़ेंगे: ट्रंप

ट्रंप के मुताबिक, “वह बहादुर अधिकारी करीब 48 घंटे तक पकड़े जाने से बचता रहा. ट्रंप ने कहा कि कुछ अमेरिकी विमानों को ईरान में छोड़ना पड़ा, लेकिन उन्हें दुश्मन के हाथ न लगने देने के लिए अमेरिका ने उन्हें खुद ही नष्ट कर दिया. ट्रंप ने कहा कि वह अपने सैनिकों के इस बड़े जोखिम और बहादुरी को कभी नहीं भूलेंगे.”

ट्रंप ने कहा, “किसी ने अमेरिकी एफ-15 एयरक्राफ्ट के एयरमैन को बचाने वाले मिशन की खबरों को लीक किया. इसने अमेरिकी सैनिकों की जान खतरे में डाल दी. ट्रंप ने कहा कि हम जानकारी लीक करने वाले को पकड़ लेंगे. सीआईए काम पर लगी हुई है. जिसने भी जानकारी लीक की उसे सजा मिलेगी.”

ईरान की गुफा में छिपा था बहादुर, एक मैसेज के बाद रेस्क्यू

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा, “एयरमैन ने खुद को एक गुफा में छिपा रखा था और एयरमैन ने अपना ट्रांसपोंडर ऑन करके संदेश भेजा.”

सीआईए डायरेक्टर जॉन रैटक्लिफ  ने कहा कि “यह साहसी मिशन समय के खिलाफ था. शनिवार रात को पुष्टि हुई कि एयरमैन एक पहाड़ी दरार में सुरक्षित था, जो दुश्मन की नजरों से छिपा था लेकिन सीआईए को दिखाई दे रहा था.”

जॉन रैटक्लिफ ने कहा कि “ईरान में एयरफोर्स के एयरमैन को बचाने का ऑपरेशन कभी फेल न होने वाला मिशन था. ऑपरेशन में इंसानी और तकनीकी दोनों तरह की मदद का इस्तेमाल किया गया. इस दौरान हमने ईरानियों को भ्रमित भी किया, क्योंकि वे हमारे एयरमैन को खोज रहे थे.”

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