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ग्रीनलैंड में अमेरिकी झंडा लिए दिखे ट्रंप, क्या है अगला कदम

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इतने उत्तेजित हैं कि एआई तस्वीरों तक के जरिए कब्जे की बात कहने लगे हैं. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वो ग्रीनलैंड पर अमेरिकी झंडा फहराते दिख रहे हैं. इस दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश सचिव मार्को रुबियो भी साथ में हैं.

ट्रंप की इस तस्वीर के बाद यूरोप की टेंशन बढ़ी हुई है, क्योंकि यूरोपीय देशों ने डेनमार्क अर्धस्वायत्त क्षेत्र ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे का विरोध किया है. वहीं जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली समेत कई यूरोपीय देशों के सैनिक ग्रीनलैंड में डेरा डाले हुए हैं. 

एआई जेनरेटेड तस्वीर से ट्रंप ने दिया मैसेज

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका-यूरोप आमने सामने हैं. दोनों अपनी बात से पीछे हटने को तैयार नहीं. इस बीच ट्रंप ने एक एआई तस्वीर शेयर करके हड़कंप मचा दिया है. डोनाल्ड ट्रंप इस तस्वीर में खुद को ग्रीनलैंड की जमीन पर झंडा गाड़ते हुए दिखाया है. तस्वीर में एक बोर्ड पर लिखा है, “ग्रीनलैंड- यूएस क्षेत्र- ईएसटी 2026”.

ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि अमेरिका का सुरक्षा कारणों से ग्रीनलैंड चाहिए. क्योंकि इस क्षेत्र को रूस और चीन से खतरा है. दरअसल एक्सपर्ट बता रहे हैं कि ग्रीनलैंड के खनिज संपदा पर अमेरिका की नजर है, वहीं गोल्डन डोम प्रोजेक्ट के लिए ग्रीनलैंड से उपयुक्त कोई जगह नहीं. यही कारण है कि अमेरिका ग्रीनलैंड पर नियंत्रण चाहता है.

डेनमार्क के पास ग्रीनलैंड का मालिकाना हक क्यों: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, “हमें यह चाहिए ही. यह काम होना ही चाहिए. वो इसकी रक्षा नहीं कर सकते. डेनमार्क के लोग बहुत अच्छे हैं और वहां के नेता भी अच्छे हैं, लेकिन वो ग्रीनलैंड जाते तक नहीं हैं. डेनमार्क के पास ग्रीनलैंड का मालिकाना हक क्यों है? कोई लिखित दस्तावेज नहीं हैं, बस इतना है कि सैकड़ों साल पहले वहां एक नाव उतरी थी, लेकिन हमारी नावें भी वहां उतरी थीं.”

यूरोप के 8 देशों ने किया अमेरिका का विरोध, ट्रंप ने टैरिफ का नाम ले धमकाया

बार-बार ग्रीनलैंड पर अधिकार पर ट्रंप के दावे को यूरोप के प्रमुख देश खारिज कर चुके हैं. डेनमार्क, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, स्वीडन, नॉर्वे और फिनलैंड ने ट्रंप का विरोध किया है. सभी आठों देशों ने ग्रीनलैंड के सुरक्षा के लिए अपने सैनिकों को युद्धाभ्यास के लिए नूक भेज दिया है. साथ ही ज्वाइंट स्टेटमेंट में कहा है कि वो ग्रीनलैंड की संप्रभुता के लिए एकजुट हैं.

वहीं ट्रंप ने विरोध करने वाले देशों पर 1 फरवरी से टैरिफ लगाने की घोषणा की है. लेकिन यूरोप के देशों ने भी तेवर दिखाते हुए कह दिया है कि अगर अमेरिका ने टैरिफ लगाया तो ईयू भी अमेरिका पर टैरिफ थोपेगा.

ग्रीनलैंड में अमेरिकी सैन्य बेस पर बढ़ी हलचल

आपको बता दें कि ग्रीनलैंड, डेनमार्क साम्राज्य के अंतर्गत एक स्वशासित क्षेत्र है. रक्षा और विदेश नीति से जुड़े फैसले कोपेनहेगन सरकार के हाथ में हैं. अमेरिका का वहां एक सैन्य अड्डा भी मौजूद है, जहां तकरीबन 150 सैनिक मौजूद हैं.

अमेरिका अब ग्रीनलैंड के पिटुफिक स्पेस बेस पर एक नॉर्थ अमेरिकन एयरोस्पेस डिफेंस कमांड (एनओआरएडी या नोराड) विमान तैनात करने जा रहा है. नोराड ने कहा है कि “विमान विभिन्न लंबे समय से प्लान की गई गतिविधियों को पूरा करने के लिए बेस पर पहुंचेगा.”

कनाडा, ग्रीनलैंड, वेनेजुएला को दिखाया अमेरिका का हिस्सा

इस तस्वीर के अलाव ट्रंप ने एक नक्शा भी शेयर किया है, जिसमें कनाडा, ग्रीनलैंड और वेनेजुएला को अमेरिका का हिस्सा दिखाया गया है. साल 2024 में चुनाव जीतने के बाद से ट्रंप, कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनने का ऑफर दे रहे रहें. यहां तक की पूर्व कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो को ट्रंप पीएम नहीं गवर्नर कहते थे. 

लेकिन ट्रूडो के बाद जब मार्क कार्नी पीएम बने तो उन्होंने ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था और कहा था ” किसी चीज़ की इच्छा करना और वास्तविकता में अंतर है.” 

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