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वेंस का बेतुका बयान, मुनीर से नजदीकियां पड़ेंगी भारी

By Nalini Tewari

स्विट्जरलैंड में ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सामने अपनी किरकिरी करा चुके अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तानी फेल्ड (फील्ड) मार्शल असीम मुनीर को अपनी जिंदगी का बेहद खास व्यक्ति बताया है. भारत और पाकिस्तान के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश करते हुए वेंस ने जेनेवा में कहा, कि उनकी जिंदगी में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी व्यक्ति बेहद महत्वपूर्ण है. भारतीय उषा वेंस जो उनकी पत्नी हैं और पाकिस्तानी शख्स असीम मुनीर हैं.

ये वही वेंस हैं, जो कहने को तो अपनी हिंदू पत्नी उषा वेंस का सम्मान करते हैं, लेकिन धर्म परिवर्तन करवाकर उषा को ईसाई बनाने की चाहत रखते हैं. तो आतंकवाद पर दोहरा चरित्र रखते हैं. अभी तक तो पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और जनरल असीम मुनीर ही अमेरिका की चापलूसी करते थे, लेकिन अब तो वेंस पर भी अपने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का असर दिखने लगा है. तभी तो कमजोर देश और आतंकियों के साथ सांठ-गांठ रखने वाले पाकिस्तानी जनरल को अपने जिंदगी का खास व्यक्ति बता रहे हैं.

भारत-पाकिस्तान के दो विशेष व्यक्तियों का मेरी जिंदगी पर प्रभाव: जेडी वेंस

स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक बयान चर्चा में है. स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान के बीच चल रही वार्ता के दौरान मीडिया से बातचीत में की. वेंस ने अपने 02 पसंदीदा लोगों के नाम बताए.

शहबाज शरीफ और असीम मुनीर की मौजूदगी में वेंस ने कहा,“मैं अक्सर कहता हूं कि मेरी जिंदगी में दो बेहद महत्वपूर्ण लोग हैं. एक भारतीय हैं और दूसरे पाकिस्तानी. भारतीय मेरी पत्नी ऊषा वेंस हैं और पाकिस्तानी फील्ड मार्शल असीम मुनीर हैं.”

वेंस ने कहा कि “मैंने पिछले 3 महीनों में शायद ही किसी से इतनी बात की है, जितनी बातचीत असीम मुनीर से हुई है.”

वेंस ने कहा कि, “अमेरिका पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के शुक्रगुजार हैं, जो मेरे करीबी दोस्त हैं. उनकी अच्छी कोशिशों ने बातचीत को इस मुकाम तक पहुंचाया है. शहबाज और मुनीर के डिप्लोमैटिक रोल के बिना हम शायद यहां नहीं होते.उन्होंने खुद को एक बेहतरीन डिप्लोमैट साबित किया है.”

अमेरिका की चापलूसी कर बिचौलिया बन कलंक मिटाने की कोशिश में पाकिस्तान

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस तरह से भारतीय सेना ने पाकिस्तान को धो डाला था, कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान, सऊदी अरब और अमेरिका से गुहार लगाने लगा था. अमेरिका का ये पुराना इतिहास रहा है कि कमजोर देश और उनके साथ बिजनेस करने वाले देश ही उसे पसंद आते है.

22 अप्रैल 2025 को जब पहलगाम नरसंहार हुआ और पाकिस्तानी आतंकियों ने पर्यटकों की हत्या की तो भारत के सैन्य ऑपरेशन से पहले 27 अप्रैल के आसपास पाकिस्तान ने ट्रंप के दामाद की कंपनी में क्रिप्टो करेंसी की बड़ी डील की थी.

27 अप्रैल यानी पहलगाम नरसंहार के बाद पाकिस्तान क्रिप्टो काउंसिल ने ट्रंप के परिवार से जुड़ी क्रिप्टोकरेंसी कंपनी वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल के साथ समझौता किया. ये डील करवाने के पीछे वही जनरल असीम मुनीर था जो पाकिस्तान में आतंकियों की फौज को सहारा देता है.

वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल की टीम का नेतृत्व में डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी स्टीव विटकॉफ के बेटे जैकेरी विटकॉफ ने किया था. जैकेरी विटकॉफ ने  प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से मुलाकात की थी. जिस कंपनी ने पाकिस्तान से डील उसमें ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर, उनके बेटे एरिक और डोनाल्ड जूनियर की 60 फीसदी हिस्सेदारी है. कहा जाता है कि ये डील असीम मुनीर ने ही करवाई थी.

मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ऐसी चापलूसी की कि खनिजों का समझौता कर डाला. ट्रंप को युद्ध रुकवाने के लिए शांति दूत कहने लगा, यहां तक कि नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट भी कर दिया. जबकि भारत ने साफ-साफ कह दिया कि सीजफायर में अमेरिका का कोई रोल नहीं है.

मुनीर ने ट्रंप के परिवार के लिए पाकिस्तान में अच्छा कारोबार सेट कर दिया. तो मिडिल ईस्ट में एक अच्छे खिलाड़ी बनने की कोशिश में अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर कराने का ढोंग करने लगा.

वेंस को महंगी पड़ेगी तारीफ, ट्रंप बिफरे तो बिगड़ेगा समीकरण

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का रुख विश्व के किसी भी नेता और किसी भी देश के लिए बेहद अस्थिर रहता है. ट्रंप कब क्या कहते हैं, कब क्या कहते हैं कोई नहीं जानता. नाटो देशों के प्रति ट्रंप का रुख देख लीजिए, चाहे इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ चल रही जुबानी जंग को देख लीजिए. ट्रंप कब दोस्त को दुश्मन बता डालते हैं और कब दुश्मन को दोस्त बेहद अप्रत्याशित रहता है. कभी की ट्रंप पाकिस्तान को दूध में मक्खी की तरह निकाल देंगे.

ऐसे में ट्रंप के चक्कर में जेडी वेंस ने पाकिस्तान के लिए तारीफों के पुल तो बांध लिए, लेकिन जिस तरह से ट्रंप की लोकप्रियता घट रही है, आतंकिस्तान का साथ देकर वेंस भी विवादों में पड़ सकते हैं.

वैसे भी अपनी पत्नी उषा वेंस के धर्मपरिवर्तन कराने की बात कहकर वेंस विवादों में घिर गए थे. उषा वेंस हिंदू हैं. एक कार्यक्रम के दौरान जेडी वेंस ने इच्छा जताई थी कि उनकी हिंदू पत्नी एक दिन उनकी तरह ईसाई धर्म अपना लेंगी. आलोचना का शिकार होने के बाद जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सफाई दी थी और कहा था कि उषा ईसाई नहीं हैं, उनका धर्म बदलने का कोई इरादा नहीं है और वे किसी पर अपनी आस्था थोप नहीं रहे हैं.”

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