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CISF की संख्या पहुंची दो लाख, सरकार ने नई बटालियन का किया ऐलान

संसद, एयरपोर्ट, परमाणु संयंत्रों और संवेदनशील इमारतों की रक्षा करने वाली सीआईएसएफ की दो नई बटालियन को गृहमंत्रालय ने मंजूरी दे दी है. नई बटालियन बनने से नए रोजगार बढ़ेंगे. साथ ही सीआईएसएफ की जवानों की मौजूदा संख्या 2 लाख तक पहुंच जाएगी.

सीआईएसएफ की नई बटालियन में 2 हजार से ज्यादा जवानों की भर्ती की जाएगी. सीआईएसएफ के डीआईजी (इंटेलीजेंस) अजय दहिया के मुताबिक “सीआईएसएफ के विस्तार से मौजूदा कर्मियों पर तनाव कम होगा साथ ही कर्मियों के लिए उचित छुट्टी और साप्ताहिक अवकाश के अवसरों में सुधार होगा.”

सीआईएसएफ ने क्या दी जानकारी?

सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के मुताबिक “गृह मंत्रालय ने दो नई बटालियन के निर्माण को मंजूरी देकर सीआईएसएफ के महत्वपूर्ण विस्तार को मंजूरी दे दी है. यह निर्णय, हाल ही में स्वीकृत महिला बटालियन के साथ मिलकर बल की क्षमता में वृद्धि करेगा, राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगा और 2,000 से अधिक व्यक्तियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा. गौरतलब है कि पिछले साल के अंत में बल के लिए एक महिला बटालियन को मंजूरी दी गई थी.”

मंत्रालय के इस फैसले के बाद सीआईएसएफ में बटालियन की कुल संख्या 13 से बढ़कर 15 हो जाएगी. दोनों नई बटालियन का नेतृत्व वरिष्ठ कमांडेंट रैंक के अधिकारी करेंगे. सीआईएसएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ये बटालियन सीआईएसएफ की बढ़ती मांगों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी, खासकर आंतरिक सुरक्षा और उच्च सुरक्षा वाली जेलों के प्रबंधन में. दो नई बटालियन से आपात स्थिति में सीआईएसएफ के तुरंत प्रतिक्रिया क्षमताओं में सुधार होगा.

देश के 359 इमारतों की सुरक्षा करता है सीआईएसएफ

देश के 68 हवाई अड्डों की सुरक्षा के अलावा, 1969 में गठित सीआईएसएफ परमाणु और एयरोस्पेस क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों सहित ताजमहल और लाल किले जैसे ऐतिहासिक स्मारकों को आतंकवाद-रोधी सुरक्षा प्रदान करता है.

सीआईएसएफ वर्तमान में हवाई अड्डों सहित देश भर में 359 प्रतिष्ठानों को सुरक्षा कवर प्रदान करता है. इसके सुरक्षा कवर में भारत की सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा सुविधाएं जैसे परमाणु प्रतिष्ठान,अंतरिक्ष प्रतिष्ठान, हवाई अड्डे, बंदरगाह, बिजली संयंत्र और अन्य शामिल हैं. इसके अलावा, सीआईएसएफ प्रमुख सरकारी भवनों, प्रतिष्ठित विरासत स्मारकों, दिल्ली मेट्रो, संसद भवन परिसर और जम्मू-कश्मीर की केंद्रीय जेलों की भी सुरक्षा करता है.

सीआईएसएफ के कमांडो वीआईपी सुरक्षा में भी तैनात हैं.

सीआईएसएफ में आत्महत्या के मामले घटे 

योग और खेलकूद जैसे तनाव प्रबंधन, विवाहित-दंपतियों की एक जगह पोस्टिंग सहित जवानों की काउंसलिंग, कुछ ऐसे उपाय हैं जिनके जरिए सीआईएसएफ ने आत्महत्या जैसे गंभीर विषय को बहुत हद तक काबू कर लिया है. सीआईएसएफ की ताजा रिपोर्ट में पिछले साल यानी वर्ष 2024 में जवानों की आत्महत्या की घटनाओं में काफी कमी आई है. वर्ष 2024 में सीआईएसएफ में आत्महत्या दर घटकर 9.87 प्रति लाख रह गई है, जो कि वर्ष 2023 की तुलना में 40% से अधिक की गिरावट है.

पिछले पांच वर्षों में यह पहली बार है कि सीआईएसएफ में आत्महत्या दर राष्ट्रीय दर से नीचे आ गई है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो(एनसीआरबी) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में राष्ट्रीय आत्महत्या दर 12.4 प्रति लाख थी. (CISF में आत्महत्या में रिकॉर्ड गिरावट, तनाव-प्रबंधन पर खासा जोर)

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