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17 लाख यूक्रेनी सैनिकों की मौत, रूसी हैकर्स ने किया डाटा लीक

रूस के साथ कड़ा मुकाबला करने वाली यूक्रेनी सेना के हेडक्वार्टर को ऑनलाइन हैक किए जाने से हड़कंप मच गया है. बताया जा रहा है कि रूस से जुड़े हैकर्स ग्रुप ने यूक्रेनी सेना के दस्तावेज को हैकिंग के जरिए अपने कब्जे में किया और फिर उन्हें लीक करके सनसनी फैला दी. लीक की गई रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि फरवरी 2022 यानि युद्ध की शुरुआत से अबतक यूक्रेन के 17 लाख (1.7 मिलियन) सैनिक मारे गए हैं, या गायब हुए हैं. 

लीक डॉक्यूमेंट से इस बात का भी पता चला है कि जिन 17 लाख सैनिकों की बात की गई है, उनकी उम्र 19-24 वर्ष है. सीजफायर की आशा लगाए बैठे यूक्रेन के ये दस्तावेज लीक होने के बाद जनरल स्टाफ ने चुप्पी साध ली है. 

हालांकि इसी साल जून के महीने में अमेरिकी संस्थान ने रूसी सैनिकों के आंकड़े रिलीज किए थे, जिसमें कहा गया था कि रूस के 9 लाख से ज्यादा सैनिक हताहत हुए. लेकिन रूस ने इसे पश्चिमी देशों की साजिश करार दिया था.

रूसी हैकर्स ने यूक्रेनी सैनिकों की क्षति के आंकड़े जारी किए 

यूक्रेनी सेना से जुड़े डॉक्यूमेंट लीक होने से उन दावों पर सवाल उठ गए हैं, जिसमें सैनिकों की मौत पर जवाब नहीं दिया जा रहा था. भले ही रूस और यूक्रेनी सैनिकों के 1000 से ज्यादा शवों की अदला बदली की गई है, लेकिन जो आंकड़े लीक हुए हैं, वो युद्ध की त्रासदी को बयां कर रहे हैं.

हालांकि रूस हो या फिर यूक्रेन की सेना अपने-अपने मृत सैनिकों के आंकड़ों को छिपाती रही है. लेकिन जो लीक दस्तावेज हैं, उसके मुताबिक यूक्रेन के 17 लाख सैनिक पिछले साढ़े तीन साल में हताहत हुए हैं.

यूक्रेन ने रूस के 10 लाख सैनिकों के मारने का किया था दावा

रूस हो या यूक्रेन युद्ध में खुद को बढ़ा चढ़ा कर पेश करते रहे हैं. पिछले साल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि रूस और यूक्रेन के सैनिकों के मारे जाने का अनुपात 1:10 का है. यानी अगर रूस का एक सैनिक मारा गया तो, यूक्रेन के मारे गए सैनिकों की संख्या 10 है. 

वहीं यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि अब तक रूस के 10 लाख से ज्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं.

अमेरिकी संस्थान ने जारी किए आंकड़े, रूस ने कहा बदनाम करने की साजिश

अमेरिकी नीति अनुसंधान संगठन, द सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज़ (सीएसआईएस) ने 3 जून, 2025 को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि युद्ध में लगभग 2,50,000 रूसी सैनिक मारे गए हैं, घायल या लापता सैनिकों की संख्या जोड़ने पर यह आँकड़ा 9,50,000 से भी ज्यादा हो जाता है. हालांकि रूस ने इन आंकड़ों को ये कहते हुए खारिज कर दिया था कि वेस्ट मीडिया और संस्थान रूस और रूसी राष्ट्रपति पुतिन को नीचा दिखाने के लिए ज्यादा आंकड़े बता रही है. 

यूएन और ईयू की रिपोर्ट में क्या कहते हैं युद्ध के नुकसान के आंकड़े 

इस साल के शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले तीन साल में रूस-यूक्रेन जंग में करीब 25 लाख घर तबाह हुए हैं और 17.60 हजार करोड़ डॉलर यानी 15 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है.

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने वर्ल्ड बैंक, यूरोपीय संघ (ईयू) और यूक्रेन की सरकार की मदद से युद्ध-ग्रस्त यूक्रेन पर रैपिड डैमेज एंड नीड एस्सेमेंट (आरडीएनए) नाम की एक रिपोर्ट रिलीज की थी. रिपोर्ट के मुताबिक,

टैंक, मिसाइल, और तोप के गोलों से पूरी तरह तबाह हो चुके यूक्रेन के पुनर्बहाली और पुनर्निर्माण में अगले एक दशक में 52.40 हजार करोड़ डॉलर (करीब 46 लाख करोड़) से अधिक खर्च होने का अनुमान है. ये आकलन, संयुक्त राष्ट्र ने युद्ध के कारण हुए नुकसान के बाद लगाया है.

यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के कारण यूक्रेन के रिहायशी इलाके, ट्रांसपोर्ट, ऊर्जा, कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और शैक्षणिक संस्थानों को जबरदस्त नुकसान हुआ है. यूक्रेन के करीब 25 लाख घर ही अकेले तबाह हो गए हैं. यानी यूक्रेन के 13 प्रतिशत घर नष्ट हो चुके हैं.  साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में 93 प्रतिशत नुकसान हुआ है. जिन बेहद अहम एनर्जी सेक्टर को नुकसान हुआ है उसमें पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है. 

रिपोर्ट के मुताबिक, तीन लाख से ज्यादा लोग दिव्यांग हो चुके हैं. ये तीन लाख वे लोग हैं जो जंग में घायल हुए हैं.

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