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चीन की खुलेआम ‘टुकड़े’ करने की धमकी, ताइवान फिलीपींस और अमेरिका को नहीं बख्शा

बॉर्डर से लेकर समंदर तक में दादागिरी दिखाने वाले चीन ने अब विरोधी देशों को खुलेआम धमकाना शुरु कर दिया है. सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला डायलॉग में चीन के रक्षा मंत्री ने फिलीपींस, ताइवान और अमेरिका तक को हद में रहने की चेतावनी दे डाली है. साफ है कि आने वाले दिनों में इंडो-पैसिफिक में तनाव बढ़ने जा रहा है. 

अंतर्राष्ट्रीय शांगरी-ला डायलॉग में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के दर्जनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष, रक्षा मंत्री और मिलिट्री कमांडर हिस्सा ले रहे हैं. इस दौरान सम्मेलन को संबोधित करते हुए फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने साफ किया कि अगर साउथ चायना सी में चीन की किसी सैन्य कार्रवाई से उसका कोई भी नागरिक मारा गया तो उसे ‘युद्ध’ के तौर पर देखा जाएगा. फिलीपींस का जवाब देते हुए चीन के रक्षा मंत्री ने कहा कि “कुछ देश (फिलीपींस) बाहरी ताकतों (अमेरिका) के दम पर उत्तेजित रहते हैं.” चीन की पीएलए-नेवी के एडमिरल रह चुके डोंग जून ने कहा कि बर्दाश्त करने की हद होती है. रक्षा मंत्री के तौर पर एडमिरल डोंग की ये पहली ग्लोबल समिट है. 

पिछले साल अगस्त से चीन और फिलीपींस में साउथ चायना सी में जबरदस्त विवाद चल रहा है. समुद्री सीमा को लेकर दोनों देशों में लंबे समय से विवाद रहा है. लेकिन पिछले कुछ महीनों से चीन की नौसेना और कोस्टगार्ड ने फिलीपींस के जहाज और पैट्रोलिंग बोट्स की घेराबंदी से लेकर टक्कर मारने और वाटर-कैनन से हमला भी किया है. 

शांगरी-ला डायलॉग में बोलते हुए मार्कोस जूनियर ने भारत और दक्षिण कोरिया जैसे देशों द्वारा दी जा रही मदद की सराहना की. हाल ही में भारत ने फिलीपींस को शोर-बेस्ड एंटी शिप ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सप्लाई की हैं.

डोंग ने अमेरिका पर सीधा हमला करते हुए कहा कि एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में युद्ध और अराजकता जैसी स्थिति ना पैदा करे. डोंग ने कहा कि यहां ‘कोल्ड वार’ या फिर ‘हॉट वार’ ना लेकर आएं. 

ताइवान को लेकर भी चीन के रक्षा मंत्री के बेहद ही कड़े स्वर सुनने को मिले. डोंग ने कहा कि अगर किसी (देश) ने ताइवान को चीन से अलग करने की कोशिश की तो उसके ‘टुकड़े’ कर दिए जाएंगे और वो देश ‘खुद अपनी तबाही’ को निमंत्रण देगा. ताइवान की नई सरकार को धमकाते हुए डोंग ने कहा कि अगर चीन से अलग होने का विचार किया तो ‘इतिहास में बड़ी बेइज्जती सहनी पड़ेगी’. ताइवान में हाल ही में नए राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने देश की कमान संभाली है. अपने उद्घाटन भाषण में चिंग-ते ने ‘आजादी’ की बात कहते हुए अमेरिकी की मदद से हथियार निर्माण का ऐलान किया था. तभी से चीन भड़का हुआ है. ताइवान को घेरने के लिए चीन ने ‘ज्वाइंट स्वार्ड’ युद्धाभ्यास भी किया था.  

शनिवार को अमेरिका रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन ने डोंग से द्विपक्षीय वार्ता की थी. इस दौरान ऑस्टिन ने ताइवान में लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनकर आई नई सरकार को आक्रमण करने का बहाना नहीं ढूंढना चाहिए. ताइवान के खिलाफ युद्धाभ्यास पर ऑस्टिन ने अपनी चिंता जाहिर की थी. दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने हालांकि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए ‘मिलिट्री कम्युनिकेशन’ पर बल दिया था (ताइवान के खिलाफ उकसावे की कार्रवाई बंद करे PLA).

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