अमेरिका में रहकर हमास को समर्थन करने वाली भारतीय छात्रा के एक वीडियो ने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. वीडियो में रंजनी श्रीनिवासन नाम की छात्रा एयरपोर्ट पर खुद को बचते बचाती दिखी और तेजी से चलते हुए अमेरिकी एयरपोर्ट से सेल्फ डिपोर्ट हो गई.
बताया जा रहा है कि हमास समर्थक होने के कारण अमेरिका ने रंजनी का वीजा रद्द कर दिया था, जिसके बाद उसने एप का प्रयोग करके सेल्फ डिपोर्ट किया है. रंजनी का वीडियो सामने आने पर अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव ने कहा कि आतंकवाद की वकालत करने वाले को खुद निर्वासित होते देखने से खुशी हुई.
भारतीय छात्रा का वीडियो ऐसे वक्त में जारी किया गया है, जब अमेरिका ने 41 देशों के लोगों की एंट्री पर रोक लगाने पर ड्राफ्ट तैयार किया गया है, जिसमें पाकिस्तान, अफगानिस्तान, भूटान, बेलारूस जैसे देश शामिल हैं.
हमास समर्थक भारतीय छात्रा अमेरिका से भागी
अमेरिका के कोलंबिया यूनिवर्सिटी में अर्बन प्लानिंग में भारतीय नागरिक और डॉक्टरेट की छात्रा रंजनी श्रीनिवासन ने एफ-1 स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में प्रवेश किया. अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के मुताबिक ये वो छात्रा है, जो हमास समर्थित रैली में शामिल थी, जिसके बाद उसका वीजा रद्द कर दिया गया. 5 मार्च, 2025 को अमेरिकी विदेश विभाग ने रंजनी श्रीनिवासन का वीजा रद्द कर दिया. इसके बाद रंजनी ने 11 मार्च, 2025 को सीबीपी होम ऐप का प्रयोग करते हुए खुद को डिपोर्ट कर दिया. (https://x.com/EndWokeness/status/1900564470818025787)
क्या होता है सेल्फ डिपोर्ट होना?
अभी तक आपने अमेरिका से आई वो तस्वीरें देखी होंगी, जिसमें हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां डालकर अवैध तरीके से रह रहे लोगों को जबरन अमेरिका से बाहर ले जाया गया. इसको लेकर बहुत कंट्रोवर्सी भी हुई, लेकिन ट्रंप प्रशासन अवैध तरीके से रह रहे लोगों पर बेहद सख्त है. लिहाजा डीएचएस ने हाल ही में एक नया मोबाइल ऐप, सीबीपी होम लॉन्च किया है, जिसमें अमेरिका में रहने वाले अन-डॉक्यूमेंटेड लोगों के लिए स्व-निर्वासन रिपोर्टिंग टूल शामिल हैं. इस ऐप के जरिए लोग स्वैच्छिक प्रस्थान का विकल्प चुन सकते हैं. साधारण भाषा में समझा जाए तो लोग हाथों में हथकड़ी और बेड़ियों की बेइज्जती से बचते हुए खुद ही ज्यादा खर्चा करके अमेरिका से बाहर निकलकर कानूनी दांवपेंचों से बच सकते हैं.
हमास समर्थकों पर सख्ती से घबराई रंजनी
दरअसल पिछले साल अमेरिका में इजरायल के खिलाफ और हमास के समर्थन में कॉलेज और यूनिवर्सिटी में जमकर प्रदर्शन किया गया था. अमेरिका में खूब तोड़फोड़ और बवाल मचा था. यहूदी छात्रों पर अटैक भी हुआ था. ट्रंप प्रशासन ने ऐसे छात्रों पर सख्ती दिखाई है. वीजा रद्द करने के साथ-साथ गिरफ्तारी भी की जा रही है. हाल ही में वेस्ट बैंक की एक अन्य फिलिस्तीनी छात्रा लेका कोर्डिया को गिरफ्तार किया गया था. अटेंडेंस की कमी के कारण उसका वीजा 26 जनवरी, 2022 को खत्म हो गया था, बावजूद इसके छात्रा अमेरिका में न सिर्फ रह रही थी, जबकि इजरायल विरोधी प्रदर्शनों में भी शामिल हुई थी. माना जा रहा है, ऐसे ही एक्शन से रंजनी श्रीनिवासन घबराई हुई थी और सेल्फ डिपोर्ट का विकल्प चुनकर अमेरिका से नौ दो ग्यारह हो गई.
रंजनी श्रीनिवासन पर क्या है अमेरिका का बयान
अमेरिकी गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने निर्वासन के बारे में एक बयान जारी किया, “संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने और स्टडी करने के लिए वीजा प्राप्त करना एक विशेषाधिकार है. जब आप हिंसा और आतंकवाद की वकालत करते हैं, तो उस विशेषाधिकार को रद्द कर दिया जाना चाहिए और आपको इस देश में नहीं रहना चाहिए. मुझे कोलंबिया यूनिवर्सिटी के आतंकवाद समर्थकों में से एक को स्व-निर्वासन के लिए सीबीपी होम ऐप का उपयोग करते हुए देखकर खुशी हुई.”