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काश पटेल की गर्लफ्रेंड मोसाद एजेंट? ट्रंप प्रशासन पर फिर विवाद

एफबीआई डायरेक्टर के तौर पर जब भारतीय मूल के काश पटेल ने शपथ ग्रहण की तो उनके साथ मौजूद थीं उनकी गर्लफ्रेंड एलेक्सिस विल्किंस. काश पटेल से 19 साल छोटी यहूदी मूल की एलेक्सिस विल्किंस को लेकर सनसनीखेज दावा किया गया है. दावा ये कि उनके लिंक इजरायल की तेजतर्रार खुफिया एजेंसी मोसाद से हैं और कथित तौर पर वो एक जासूस हो सकती हैं. विवाद इस बात का नहीं कि वो एक मोसाद जासूस हैं, विवाद एपस्टीन फाइल को लेकर है, जिसकी फाइल सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है. 

एपस्टीन फाइल मामला फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से जुड़ा है, जो कि हाईप्रोफाइल बाल शोषण और रेप का मामला है. उद्योगपति एलन मस्क ने हाल ही में आरोप लगाया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस केस से जुड़े हुए हैं. 

कहा जा रहा है फाइल सार्वजनिक न किए जाने के पीछे ट्रंप के साथ-साथ काश पटेल की गर्लफ्रेंड एलेक्सिस विल्किंस हो सकती हैं, क्योंकि एपस्टीन, मोसाद के लिए काम करता था. मोसाद नहीं चाहता कि हाईप्रोफाइल ग्राहकों की लिस्ट बाहर आए.

एफबीआई डायरेक्टर की गर्लफ्रेंड पर मोसाद जासूस होने का आरोप

सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि काश पटेल की गर्लफ्रेंड एक यहूदी सिंगर हैं और वो प्रेगर यू नाम के मीडिया संस्थान के लिए काम करती हैं. जिसे डेनिस प्रेगर चलाते हैं. 

इसकी सीईओ मारिसा स्ट्रे मोसाद के एक जानी-मानी पूर्व ऑपरेटिव हैं और इजरायली रक्षा बलों की सैन्य खुफिया इकाई में कार्यरत थीं.  दावा किया जा रहा है कि विल्किंस एलेक्सिस एक ऐसे एनजीओ के लिए भी काम करती हैं, जो “असल में इजरायली इंटेलिजेंस” है. 

विल्किंस स्विटजरलैंड और इंग्लैंड में रहीं उसके बाद अपने परिवार के साथ अर्कांसस और फिर नैशविले, टेनेसी चली गईं. विल्किंस के पिता ने कोरियाई युद्ध के समय अमेरिकन नेवी में काम किया. 

एफबीआई के इस बयान के बाद विल्किंस एलेक्सिस पर शुरु हुआ 

दरअसल साल 2022 से काश पटेल विल्किंस के साथ रिलशनशिप में हैं. लेकिन जब काश पटेल ने बतौर एफबीआई डायरेक्टर जब शपथ ग्रहण किया तो सोशल मीडिया पर उन्होंने यूजर्स से अमेरिका के हाईप्रोफाइल केस एपस्टीन की फाइल सामने लाने का भरोसा दिया था.

जेफरी एपस्टीन से जुड़े अदालती दस्तावेजों में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, अमेरिका की पूर्व फर्स्ट लेडी हिलेरी क्लिंटन, स्टीफन हॉकिंग, हॉलीवुड स्टार लियोनार्डो डिकैप्रियो जैसे बड़े हस्तियों के नाम हैं. जिसे सार्वजनिक किए जाने की मांग की जा रही है.

अरबपति एपस्टीन, ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और डोनाल्ड ट्रंप को बेहद करीबी दोस्त था. जेफरी एपस्टीन के शोषण और तस्करी नेटवर्क को उजागर करने में अहम भूमिका निभाने वाली वर्जीनिया गिफ्रे ने इसी साल आत्महत्या कर ली थी. गिफ्रे ने कहा था कि उसे जेफरी एपस्टीन ने साल 1999 से 2002 के बीच कई हाईप्रोफाइल लोगों के पास भेजा था. गिफ्रे ने बताया था कि उसे जिन बड़े लोगों के पास भेजा गया था, उनमें ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और फ्रांस के मॉडलिंग एजेंट जीन-ल्यूक ब्रनेल शामिल थे. साल 2019 में जेल के अंदर एपस्टीन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी.

अमेरिका में मांग की जा रही है कि एफबीआई, ग्राहकों की वो लिस्ट सामने लाए जो बाल यौन शोषण और रेप जैसे गंभीर मामलों से जुड़े हैं. 

एफबीआई ने 7 जुलाई को कहा कि जेफरी एपस्टीन की हत्या नहीं की गई थी, उसने प्रमुख हस्तियों को ब्लैकमेल नहीं किया था और उसकी कोई “क्लाइंट लिस्ट” नहीं थी. एपस्टीन की ह्यूमन ट्रैफिकिंग जांच से संबंधित कोई भी फाइल सार्वजनिक नहीं की जाएगी. एफबीआई ने उन आरोपों का भी खंडन किया जिनमें कहा गया है कि ऐसे मामलों को बढ़ावा देने में ट्रंप प्रशासन ने मदद की थी.

एफबीआई के फाइल सार्वजनिक न किए जाने पर लोगों ने निकाला मोसाद कनेक्शन

सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि एफबीआई ने फाइल इसलिए सार्वजनिक नहीं की, क्योंकि डायरेक्टर काश पटेल की गर्लफ्रेंड विल्किंस एलेक्सिस मोसाद जासूस हैं. प्रेगर यू इजरायली फ्रंट है जो एपस्टीन की फाइलों को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए काम कर रहा है.  

दावा किया जा रहा है कि जेफरी एपस्टीन और मोसाद के बीच कथित संबंध एक षड्यंत्र के तहत थे,एपस्टीन मोसाद के लिए एक ब्लैकमेल ऑपरेशन था.कई लोगों कहा, एपस्टीन प्रभावशाली लोगों को फंसाने के लिए मोसाद की ओर से काम कर रहा था. एपस्टीन ने इस रैकेट के लिए कई हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों की मेजबानी की थी, और फिर उन्हें फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करके मोसाद का काम निकलवाया.

एफबीआई और अमेरिकी न्याय विभाग की तरफ से जेफरी एपस्टीन के ग्राहकों की सूची जारी करने से इनकार करने के पीछे विल्किंस एलेक्सिस हो सकती है.

मस्क ने ट्रंप को धमकाया था, कहा था “बम गिराने का समय आ गया

हाल ही में ट्रंप के साथ विवाद होने के बाद एलन मस्क ने दावा किया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइलों में है, इसीलिए उन्हें जारी नहीं किया जा रहा है. मस्क ने एक्स पर लिखा था “अब समय आ गया है कि बहुत बड़ा बम गिराया जाए, डोनाल्ड ट्रंप एपस्टीन फाइलों में हैं. यही असली कारण है कि उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है. इस पोस्ट को भविष्य के लिए मार्क कर लें, सच्चाई सामने आ जाएगी.”

हालांकि कुछ दिनों बाद मस्क ने ये कह दिया था कि वो शायद ज्यादा बोल गए.

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