Breaking News Defence

समंदर में सुरक्षा होगी ‘अटल’, तटरक्षक बल को मिली नई शक्ति

समंदर में देश को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय कोस्ट गार्ड ने लॉन्च किया है तेज गश्ती जहाज अटल. देश के दूरदराज के आईलैंड और तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से गोवा शिपयार्ड ने इंडियन कोस्टगार्ड के लिए पांचवें फास्ट पेट्रोल वेसल (एफपीवी) को लॉन्च किया है. गोवा शिपयार्ड और भारतीय तटरक्षक बल ने इस जहाज को आईसीजी अटल नाम दिया है.

अथर्ववेद के मंत्रोच्चार के साथ समंदर में उतरा अटल

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, मंगलवार को गोवा शिपयार्ड में अथर्ववेद के मंत्रोच्चारण के बीच तटरक्षक मुख्यालय में तैनात प्रिंसिपल फाइनेंसियल एडवाइजर शिल्पा अग्रवाल ने आईसीजी अटल को समंदर में लॉन्च किया. इस दौरान कोस्टगार्ड के आईजी सुधीर साहनी और गोवा शिपयार्ड के सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे. गोवा शिपयार्ड, भारतीय तटरक्षक बल के लिए कुल 08 एफपीवी तैयार कर रहा है.

आईसीजी अटल के बारे में जानिए

कोस्टगार्ड के मुताबिक, आईसीजी अटल की लंबाई 52 मीटर है और चौड़ाई 08 मीटर है, जबकि वजन 320 टन है. ये एडवांस फास्ट पेट्रोल वेसल, समंदर में तेल के कुओं जैसे अहम सामरिक संपदा को सुरक्षा प्रदान करने में अहम भूमिका निभाएंगे. साथ ही समंदर में मछली-पालन को भी सुरक्षा मुहैया कराएंगे. इस तरह के एफपीवी का इस्तेमाल समंदर में एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (ईईजेड) और समुद्री-तटों की पेट्रोलिंग के लिए किया जाएगा.

एफपीवी वेसल अटल की क्या है जिम्मेदारी

एफपीवी वेसल, समंदर में ड्रग्स और हथियार इत्यादि की तस्करी रोकने के लिए एंटी स्मगलिंग और एंटी-पायरेसी (समुद्री-डकैतों के खिलाफ) ऑपरेशन करने में सक्षम हैं. साथ ही समंदर में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है.

भारत की 11 हजार किलोमीटर से ज्यादा लंबी समुद्री तट है और 1300 से ज्यादा आइलैंड हैं. ये आइलैंड, गुजरात से लेकर लक्षद्वीप और अंडमान निकोबार तक फैले हुए हैं. इन द्वीप में अधिकतर खाली हैं और सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील हैं. इस लंबे समुद्री तट और आइलैंड की निगरानी की जिम्मेदारी, भारतीय तटरक्षक बल की है. ऐसे में तटरक्षक बल को दिन-रात इन द्वीप की सर्विलांस के लिए बेहद तेजी से मूव करने वाले जहाज की जरूरत होती है. यही वजह है कि गोवा शिपयार्ड, इंडियन कोस्टगार्ड के लिए आठ (08) एडवांस एफपीवी बना रहा रहा है. आईसीजी अटल, इस खेप का पांचवां जहाज है.

राष्ट्र की समृद्धि में एफपीवी निर्माण की हिस्सेदारी: तटरक्षक बल

तटरक्षक बल के मुताबिक, “आठ एफपीवी वाले निर्माण-प्रोजेक्ट की राष्ट्र की समृद्धि में हिस्सेदारी होगी और देश में एमएसएमई का इको-सिस्टम विकसित करने में मदद मिलेगी.” 

कोस्टगार्ड के आईजी सुधीर साहनी ने कहा कि “आज सभी जहाज का निर्माण देश में ही हो रहा है. ऐसे में रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता सही दिशा में चल रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा की जरूरत स्वदेशी स्टेट ऑफ द आर्ट जहाज के जरिए पूरी हो रही हैं.”

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.