अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में कर दिया है हमला. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी वायुसेना ने वेनेजुएला पर कई धमाके किए हैं. जिसके बाद वेनेजुएला में नेशनल इमरजेंसी घोषित कर दी गई है.
पेंटागन (युद्ध विभाग) ने काराकास में बड़े मिलिट्री बेस और नेवी बेस पर शनिवार तड़के हमला किया. काराकास में कम से कम 07 धमाके सुने गए. हिगुएरोटे एयरपोर्ट पर भी धमाके सुनाई दिए गए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के लिए बार-बार वेनेजुएला में ग्राउंड ऑपरेशन की धमकी दी थी.
शनिवार तड़के धमाकों से दहला वेनेजुएला, अमेरिकी सेना का हमला
वेनेजुएला की राजधानी काराकास में शनिवार जब लोग गहरी नींद में सोए हुए थे, इसी वक्त एक के बाद एक कई धमाके सुना ई दिए. पहला धमाका देर रात करीब 1:50 बजे हुआ. धमाकों की आवाज सुनते ही शहर के कई इलाकों में लोग अपने घरों से बाहर सड़कों पर आ गए. चश्मदीदों ने कई लड़ाकू विमानों को देखा. विमान लगातार बम गिराते हुए जा रहे थे.
अमेरिका ने काराकास के एक दक्षिणी इलाके को निशाना बनाया, जो एक बड़े सैन्य अड्डे के पास है. अमेरिकी एक्शन के बाद पूरे इलाके की बिजली भी गुल हो गई है. लोग दहशत में हैं. देश में राष्ट्रीय आपातकाल लगा दिया गया है.
अमेरिका ने वेनेजुएला की इन सैन्य और अन्य प्रतिष्ठानों को उड़ाया
- फुएर्ते टियुना: राजधानी काराकस का मुख्य सैन्य अड्डा, देश का सबसे बड़ा मिलिट्री बेस है
- ला कार्लोटा: काराकस का मुख्य एयरबेस, सैन्य और नागरिक दोनों उड़ानों के लिए इस्तेमाल
- एल वोलकान: काराकस की पहाड़ियों में स्थित कम्युनिकेशन सेंटर
- ला ग्वाइरा पोर्ट: काराकस के नजदीक, कैरिबियन तट पर स्थित वेनजुएला का प्रमुख बंदरगाह
05 अमेरिकी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद बिगड़ी बात
अमेरिका ने यह हमला ऐसे समय में किया है, जब दोनों देशों में कई दिनों से टकराव जारी था. अमेरिका ने तकरीबन 05 महीने से वेनेजुएला के पास समुद्र में सैनिक, विमान और युद्धपोत तैनात कर रखे हैं.अमेरिकी सेना आए दिन वेनेजुएला की नावों को ड्रग्स के शक पर निशाना बनाती रही है. पिछले कुछ महीनों में 30 से ज्यादा नावों पर अमेरिका हमले कर चुका है, जिसमें कई लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि अमेरिका का दावा है कि उन्होंने ड्रग तस्करों पर अटैक किया है.
लेकिन ये बात उस वक्त बिगड़ गई जब वेनेजुएला ने 05 अमेरिकी नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया. ये गिरफ्तारियां कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के बढ़ने के बीच की गई थीं. अमेरिका ने कह दिया था कि अगर उनके नागरिक नहीं छोड़े गए तो वेनेजुएला पर अटैक किया जाएगा.
धमाकों पर क्या है वेनेजुएला सरकार का बयान?
वेनेजुएला सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में नागरिक और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले शुरु करने की निंदा की है.
बयान में कहा है कि “वेनेजुएला की सरकार काराकास और मिरांडा, अरागुआ और ला गुएरा राज्यों के नागरिक और सैन्य क्षेत्रों में किए गए गंभीर सैन्य हमले की निंदा करती है. यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर, खासकर अनुच्छेद 1 और 2 का घोर उल्लंघन है, जो संप्रभुता के सम्मान, राज्यों की कानूनी समानता और बल के इस्तेमाल पर रोक को सुनिश्चित करते हैं.”
“ऐसा हमला अंतर्राष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा है, खासकर लैटिन अमेरिका और कैरेबियन में, और लाखों लोगों की जान को गंभीर खतरे में डालता है.”
देशभक्तों की प्रतिक्रिया के बाद अमेरिकी एक बार फिर विफल होगा: राष्ट्रपति मादुरो
अमेरिका के इस हमले से वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो भड़क गए हैं. मादुरो ने कहा, “देश में सत्ता परिवर्तन के लिए अमेरिका का युद्ध थोपने का यह प्रयास, पिछले सभी प्रयासों की तरह विफल हो जाएगा. साल 1811 से ही वेनेजुएला ने ऐसी आक्रामकता का सामना किया है और उन्हें पराजित किया है.”
“आज वेनेजुएला के लोग इस हमले के खिलाफ अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक बार फिर उठ खड़े हुए हैं, सड़कों पर उतर आए हैं. यूनाइटेड नेशन चार्टर के अनुच्छेद 51 का कड़ाई से पालन करते हुए, वेनेजुएला अपने लोगों, अपने क्षेत्र और अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए वैध आत्मरक्षा का प्रयोग करने का अधिकार सुरक्षित रखता है.”
“हमारे सुप्रीम लीडर कमांडर ह्यूगो चावेज फ्रियास ने कहा था, ‘किसी भी नई कठिनाई का सामना करने के लिए, चाहे वह कितनी भी बड़ी क्यों न हो, सभी देशभक्तों की प्रतिक्रिया एकता, संघर्ष, लड़ाई और विजय होती है.”
वेनेजुएला के ईधन भंडार पर कब्जा चाहता है अमेरिका:राष्ट्रपति मादुरो
मादुरो ने अपनी सेना को सभी नेशनल डिफेंस प्लान को उचित समय और उपयुक्त परिस्थितियों में लागू करने के आदेश दिए हैं.
राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा कि “इन हमलों का उद्देश्य हमारे देश के रणनीतिक संसाधनों, खासकर तेल और खनिजों पर कब्जा करना और राजनीतिक स्वतंत्रता को बलपूर्वक तोड़ना है.”

