भारत को लेकर किया गया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा. रूसी तेल पर ट्रंप ने कहा था कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, लेकिन अब खुद ही ट्रंप ने कबूल कर लिया है कि भारत और रूस के बीच तेल व्यापार जारी है.
भारत-रूस के दोस्ताना संबंध से कुलबुलाए ट्रंप ने भारत को एक बार फिर से टैरिफ का डर दिखाया है. भारत के रूसी तेल के आयात के बढ़ने के बीच ट्रंप ने कहा कि मुझे खुश करना उनके लिए जरूरी है नहीं तो टैरिफ बढ़ना तय है.
दरअसल ट्रंप का ये बयान उनकी बेचारगी दिखा रहा है. ट्रंप के दबाव के आगे भारत झुका नहीं हैं.भारत ने साफ तौर पर कह दिया है कि जो भी राष्ट्रीय हित के लिए सही रहेगा, वो किया जाएगा.
अगर नई दिल्ली रूसी तेल पर सहयोग नहीं देता तो टैरिफ बढ़ाएंगे: ट्रंप
ट्रंप ने सोमवार को कहा कि “अगर नई दिल्ली ‘रूसी तेल मुद्दे’ पर मदद नहीं करता है, तो देश भारतीय इंपोर्ट पर मौजूदा टैरिफ बढ़ा सकता है.”
भारत के रूसी तेल खरीद को लेकर ट्रंप ने कहा, “वे असल में मुझे खुश करना चाहते थे. पीएम मोदी बहुत अच्छे आदमी हैं. वह एक अच्छे इंसान हैं. उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था. मुझे खुश करना जरूरी था. हम उन पर बहुत जल्दी टैरिफ बढ़ा सकते हैं.”
धीमी है भारत-अमेरिका के ट्रेड डील की रफ्तार, तेज हुआ रूस से तेल खरीदना
पिछले 06 महीने से ज्यादा वक्त से ट्रंप ये कह रहे हैं कि भारत-अमेरिका की ट्रेड डील करीब है. लेकिन ये बड़बोले ट्रंप का दावा ही नजर आता दिख रहा है. इस ट्रेड डील पर कई राउंड बातचीत हुई लेकिन नतीजा अभी तक सिफर ही दिख रहा है.
वहीं ट्रंप का ये दावा फेल हो चुका है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “पीएम मोदी ने भरोसा दिया है कि रूसी तेल अब भारत नहीं खरीदेगा. “
आंकड़ों पर गौर किया जाए तो ट्रंप का ये दावा पटखनी खा चुका है. नवंबर 2025 में भारत का रूसी तेल के आयात मात्रा और मूल्य दोनों के मामले में छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया. इससे भारत के कुल तेल आयात में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 35% हो गई. नवंबर 2025 में सात महीने के सबसे उच्चतम स्तर पर रही. इस महीने भारत के तेल आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 13% रही.
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के नए आंकड़ों के मुताबिक, भारत ने नवंबर 2025 में रूस से 7.7 मिलियन टन तेल इंपोर्ट किया है. ये उस महीने देश के कुल तेल इंपोर्ट का 35.1% था. यह नवंबर 2024 में इंपोर्ट की गई मात्रा से लगभग 7% अधिक थी. और मई 2025 के बाद से सबसे ज्यादा रहा. वैल्यू के हिसाब से, भारत ने नवंबर 2025 में 3.7 बिलियन डॉलर का रूसी तेल इंपोर्ट किया. नवंबर महीने में ये देश के कुल तेल इंपोर्ट बिल का 34% था.
भारत को तेल सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश है रूस
रूस, भारत को तेल सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा देश है.दरअसल रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते यूरोपीय देशों ने रूस पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं. लेकिन अमेरिका का आरोप है कि चीन और भारत, रूस से तेल खरीदकर रूसी इकोनॉमी में मदद कर रहे हैं. जिसके चलते अमेरिका ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. लेकिन भारत, रूस के साथ अपनी दोस्ती को प्राथमिकता देता है, वहीं अमेरिका के साथ संतुलित कूटनीति में विश्वास रख रहा है.

