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रूसी जहाज में 03 भारतीय भी, अमेरिका ने किया है जब्त

उत्तरी अटलांटिक महासागर में अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े जिस रूसी जहाज को जब्त किया है, उसमें 03 भारतीय भी सवार थे. रूसी फ्लैग वाले टैंकर मैरिनेरा में 28 क्रू मेंबर्स अमेरिकी सैन्य बल की गिरफ्त में हैं. 

खुलासा हुआ है कि उन क्रू मेंबर्स में 03 इंडियन्स भी हैं. 

मॉस्को ने अमेरिका से जहाज पर मौजूद क्रू मेंबर के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार करने की मांग की है. वहीं व्हाइट हाउस ने साफ कहा है, कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. आपराधिक केस चलाया जाएगा.

वहीं रूस की ओर से करारी प्रतिक्रिया दी गई है. रूसी नेता ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मांग की है कि अमेरिका पर अटैक किया जाए.

रूसी जहाज के क्रू मेंबर्स में भारतीय भी, सबसे ज्यादा यूक्रेनी

अमेरिकी कोस्ट गार्ड की गिरफ्त में आए रूसी फ्लैग वाले टैंकर पर 28 क्रू सदस्य थे, जिसमें 17 यूक्रेनी, 6 जॉर्जियाई, 3 भारतीय और 2 रूसी नागरिक शामिल हैं. इस टैंकर का कप्तान भी जॉर्जियाई नागरिक है. टैंकर जब्त होने के बाद सभी को हिरासत में ले लिया गया है. 

अमेरिकी सैन्य बल के अधिकारियों के मुताबिक, “इस टैंकर के स्वामित्व, चार्टरिंग व्यवस्था, समुद्री और प्रतिबंध नियमों की जांच की जा रही है. अमेरिका का आरोप है कि यह टैंकर वेनेजुएला से तेल ले जा रहा था.”

अमेरिका पर करो टॉरपीडो से हमला, या उनकी नावें डुबा दो: रूसी नेता

रूसी स्टेट ड्यूमा की रक्षा समिति के पहले डिप्टी हेड और पुतिन के बेहद करीबी एलेक्सी जुरालेव ने अमेरिका को तगड़ी धमकी दी है. एलेक्सी ने कहा, “अमेरिका पर टॉरपीडो से हमला कर दो. अमेरिका पर परमाणु बम गिरा दो. या फिर अटलांटिक में अमेरिका की कुछ नावों को हमला करके डुबा दो.”

एलेक्सी के इस बयान पर अमेरिका की ओर से भी पलटवार किया गया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मॉर्को रुबियो ने कहा, “पूरा पश्चिमी गोलार्ध अमेरिका का इलाका है. वेनेजुएला को विरोधी देशों का ऑपरेटिंग हब नहीं बनने देंगे. वेनेजुएला के तेल पर दुश्मनों का कब्जा नहीं होने देंगे.”

ब्रिटेन की रॉयल एयरफोर्स की मदद से पकड़ा गया रूसी टैंकर

अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन को अमेरिकी कोस्टगार्ड और सेना ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया, जिसमें ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स ने अहम रोल निभाया. इस मिशन को ब्रिटिश एयरबेस से शुरू किया गया और रॉयल एयर फोर्स के सर्विलांस विमानों ने आइसलैंड और ब्रिटेन के बीच जलक्षेत्र में  जहाजों की आवाजाही पर नजर रखी.

इस टैंकर का पीछा पिछले 02 सप्ताह से किया जा रहा था. इस टैंकर का नाम बेला 1 था. अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि जब इसका पीछा शुरु किया गया तो टैंकर के चालक ने टैंकर पर रूसी झंडा बना दिया और इसका नाम बदलकर ‘मैरिनेरा’ कर दिया. अमेरिका का कहना है कि रूस ने बिना किसी जांच के इस जहाज को अपना रजिस्ट्रेशन दे दिया है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सुरक्षा मिल सके. 

इस टैंकर को बचाने के लिए रूसी नेवी ने अपनी सबमरीन भी भेज दी थी, लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन रॉयल एयरफोर्स के संयुक्त ऑपरेशन में रूसी टैंकर पकड़ा गया.

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