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अदम्य, अदृश्य…सेना की भैरव बटालियन की पहली झलक

दुश्मन का काल माने जाने वाले भारतीय सेना की सबसे नए लेकिन सबसे खतरनाक कमांडो बटालियन, भैरव की पहली झलक सामने आ चुकी है. राजस्थान की राजधानी जयपुर में आर्मी डे परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल में सेना की भैरव बटालियव का मार्चिंग दस्ता दिखाई पड़ा. 

पिंक सिटी जयपुर में मनाया जा रहा है 78वां आर्मी डे

15 जनवरी को 78वां सेना दिवस है. पहली बार आर्मी डे को किसी शहर के सड़कों पर मनाया जा रहा है. अभी तक आर्मी डे परेड को सेना की छावनी या फिर कैंट में मनाया जाता था. लेकिन इस बार पिंक सिटी जयपुर की स्ट्रीट पर सेना का मार्च पास्ट, टैंक, तोप और दूसरे हथियार दिखाई पड़ेंगे. 

शुक्रवार को आर्मी डे परेड की फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया गया. 

सेना दिवस परेड का मुख्य आकर्षण भैरव कमांडो

इस बार आर्मी डे का मुख्य आकर्षण है सेना की भैरव बटालियन, जिसने फुल ड्रेस में भी हिस्सा लिया  

भगवान शिव के सबसे घातक स्वरूप, भैरव के नाम पर सेना की इस नई बटालियन का नाम भैरव रखा गया है. क्योंकि सेना के ये कमांडो, दुश्मन का काल साबित होंगे….यानी काल-भैरव. ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारतीय सेना को इस नई कमांडो बटालियन की खास जरूरत पड़ी ताकि बॉर्डर पार कर दुश्मन की सीमा में चल रहे आतंकी लॉन्च पैड या फिर दुश्मन की चौकियों को तबाह किया जा सके.

सरप्राइज, स्पीड और शॉक हैं भैरव बटालियन के आदर्श-वाक्य

सरप्राइज, स्पीड और शॉक…ये तीन आदर्श वाक्य हैं भारतीय सेना की सबसे नई बटालियन, भैरव के….यानी पलक झपकते दुश्मन की सीमा में घुसकर ऐसा वार करना की दुश्मन भौचक्का रह जाए. बॉर्डर पर आतंकियों और घुसपैठियों को ढेर करना हो या फिर सीमा-पार आतंकियों के ठिकानों को तबाह करना, भारत के नए भैरव, हथियारों के साथ पूरी तैयार हैं. भारतीय सेना में भैरव कमांडो की नई बटालियन बनकर तैयार हो गई हैं और दुश्मन से लोहा लेने के लिए तैयार हैं.

भैरव कमांडोज़ को लाइट और स्मॉल आर्म्स से लैस किया गया है. खास बात है कि भैरव बटालियन के हर कमांडो को ड्रोन ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दे गई है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, जिस तरह पाकिस्तान ने बड़ी संख्या में ड्रोन अटैक किए, उसे देखकर भैरव कमांडोज को हर तरह के ड्रोन चलाने के लिए तैयार किया गया है.

क्रॉस बॉर्डर रेड के लिए तैयार भैरव बटालियन

भैरव बटालियन को दुश्मन पर सरप्राइज अटैक करने के साथ ही संवेदनशील बॉर्डर पर पेट्रोलिंग के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा. भारतीय सेना में फिलहाल 350 इन्फेंट्री बटालियन हैं. हर बटालियन में पहले से एक घातक प्लाटून होती है, जिसमें 15-20 कमांडो होते हैं. लेकिन भैरव बटालियन, इन घातक कमांडो से ज्यादा घातक होने जा रहे हैं.  

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