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ग्रीनलैंड से कम कुछ नामंजूर, ट्रंप NATO पर भड़के

ईरान के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर ग्रीनलैंड के लिए लगातार बिगड़े हुए हैं. ट्रंप ने एक बार फिर से कहा है कि हर हाल में वो ग्रीनलैंड को हासिल करके रहेंगे. वहीं नाटो पर ट्रंप ने भड़कते हुए कहा है, डेनमार्क को निकालो अभी, कुत्ते के 2 बच्चों से काम नहीं चलेगा! केवल अमेरिका ही कर सकता है!!!

ट्रंप का यह बयान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के डेनिश और ग्रीनलैंड के अधिकारियों के साथ बातचीत करने से कुछ घंटे पहले आया है.

ग्रीनलैंड को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने के लिए कांग्रेस में विधेयक पेश होने के अगले ही दिन ट्रंप ने दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने के लिए ग्रीनलैंड बहुत जरूरी है. इसे संभव बनाने के लिए नाटो को आगे आकर पहल करनी चाहिए.

ग्रीनलैंड हासिल करने में नाटो करे मदद, नहीं तो रूस या चीन कर लेगा कब्जा: ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि “नाटो को अमेरिका को ग्रीनलैंड हासिल करने में मदद करनी चाहिए और अमेरिकी नियंत्रण से कम कुछ भी अस्वीकार्य है.”

ट्रंप ने सोशल मीडिया साइट पर कहा, “अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है. इसे हासिल करने के लिए नाटो को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए और वरना रूस या चीन इसे हासिल कर लेंगे.”

ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर अपना दावा तेज करते हुए कहा, “नाटो: डेनमार्क को यहां से निकालो, अभी! वहां की रक्षा सिर्फ “दो कुत्तों की स्लेज” है, जबकि रूस और चीन के विध्वंसक जहाज तथा पनडुब्बियां क्षेत्र में सक्रिय हैं.”

ट्रंप लगातार रूस और चीन को खतरा बताते हुए ग्रीनलैंड पर कब्जा करना चाहते हैं. ट्रंप ने एक बार फिर से कहा है कि “ये बिल्कुल अस्वीकार्य है. ट्रंप ने रहा, संयुक्त राज्य अमेरिका को राष्ट्रीय सुरक्षा के उद्देश्य से ग्रीनलैंड की आवश्यकता है. यह हमारे द्वारा निर्माण किए जा रहे गोल्डन डोम के लिए महत्वपूर्ण है.”

ग्रीनलैंड हमारे हाथ आया तो नाटो होगा और मजबूत, गोल्डन डोम के लिए अहम है ग्रीनलैंड : ट्रंप

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा, “ग्रीनलैंड के अमेरिका के हाथों में आने से नाटो कहीं अधिक शक्तिशाली और प्रभावी बन जाएगा.”

दरअसल ट्रंप की ग्रीनलैंड हासिल करने की वजह खनिज तो है ही साथ ही गोल्डन डोम भी है, जो अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. ग्रीनलैंड ट्रंप के गोल्डन डोम ड्रीम के लिए एक अहम लोकेशन साबित हो सकता है. 

सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि “ग्रीनलैंड अमेरिका के लिए  अमेरिकी मिसाइल इंटरसेप्टर के लिए अहम है.”

इजरायल के एयर डिफेंस सिस्टम आयरल डोम की तरह ही अमेरिका ने पिछले वर्ष गोल्डन डोम बनाने का ऐलान किया था. गोल्डन डोम प्रोजेक्ट एक ऐसा प्लान है, जिसे अमेरिका को सभी मिसाइल हमलों से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

अमेरिकी एक्सपर्ट्स का मानना है कि “अमेरिका को अगली पीढ़ी के हथियारों का मुकाबला करने के लिए रूस के ज़्यादा से ज़्यादा करीब एयर डिफेंस सिस्टम तैनात करने की जरूरत है, जिसका मुकाबला मौजूदा हथियारों से नहीं किया जा सकता है.”

ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं, ग्रीनलैंड के पीएम ने दोहराया

ग्रीनलैंड के प्रीमियर (प्रधानमंत्री) जेंस-फ्रेडरिक नील्सन ने कहा है कि “ग्रीनलैंड बेचने के लिए नहीं है और यह एक स्वतंत्र देश है जो अपने भविष्य का फैसला खुद करेगा. ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज करते हुए ग्रीनलैंड के पीएम ने कहा, ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है.”

आपको बता दें कि ग्रीनलैंड, डेनमार्क का अर्धस्वायत्त क्षेत्र है. ग्रीनलैंड की आबादी कुल 57000 है. लेकिन अमेरिका और रूस के बीच होने की वजह से ग्रीनलैंड को लंबे समय से बहुत ज़्यादा स्ट्रेटेजिक अहमियत वाला इलाका माना जाता रहा है.

ट्रंप ने उड़ाया ग्रीनलैंड के पीएम का मजाक, कहा, वो कौन, मैं नहीं जानता

ग्रीनलैंड के पीएम के बयान पर जब अमेरिकी राष्ट्रपति से पूछा गया. तो ट्रंप ने उन्हें सीधे तौर पर धमका दिया. कहा, “खैर, यह उनकी समस्या है. मैं उनसे असहमत हूं. मैं नहीं जानता कि वह कौन हैं. उनके बारे में मुझे कुछ भी नहीं पता. लेकिन यह उनके लिए एक बड़ी समस्या बनने वाली है.”

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