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अराजकता के लिए ट्रंप जिम्मेदार, खामेनेई ने दी धमकी

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव भले ही थोड़ा टल गया है, लेकिन वाकयुद्ध जारी है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रदर्शनकारियों का हत्यारा बताया है. 

अयातुल्ला खामेनेई ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा, प्रदर्शनकारियों की मौत और प्रोपेगेंडा के पीछे ट्रंप हैं.

खामेनेई ने चेतावनी देते हुए कहा, ईरान घरेलू या अंतरराष्ट्रीय किसी भी साजिशकर्ता को बख्शेगा नहीं.

खामेनेई ने ट्रंप को बताया अपराधी, कहा, सजा जरूर मिलेगी

अयातुल्ला खामेनेई ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया है. खामेनेई ने अपनी पोस्ट में लिखा, “ईरान में हुए हालिया विरोध प्रदर्शन पहले की घटनाओं से अलग थे क्योंकि इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति खुद खुलकर शामिल हो गए. अमेरिका ने ईरान के खिलाफ न केवल साजिश रची, बल्कि हिंसा को और भड़काया, जिससे हजारों लोगों की जान गई और देश को भारी नुकसान झेलना पड़ा.”

अमेरिकी उकसावे से हिंसा, ईरान को निकलना चाहते थे विदेशी साजिशकर्ता: खामेनेई

ईरान के सुप्रीम लीडर ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया है. बयान में कहा गया कि “अमेरिकी उकसावे के कारण ईरान में हिंसा हुई, इस हिंसा की आड़ में ईरान को निगलने की साजिश थी. लेकिन ईरानी राष्ट्र ने इस साजिश की कमर तोड़ दी है और अब साजिशकर्ताओं की भी कमर तोड़नी होगी. ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन देश के खिलाफ काम करने वालों को छोड़ा भी नहीं जाएगा.”

खामेनेई ने दावा किया कि “अमेरिका और इजरायल ने दंगाइयों को प्रशिक्षित और भर्ती किया, और कुछ एजेंट अमेरिकी-इजरायली एजेंसियों द्वारा भेजे गए थे. हाल के अशांति में “कई हजार” लोग मारे गए, लेकिन यह विदेशी साजिश का नतीजा था.”

खामेनेई ने कहा, “अमेरिका और इजरायल से जुड़े लोगों ने सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और लोगों की जान ली. अमेरिकी साजिश के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय अपराधियों को सजा जरूर मिलेगी.”

ईरान के प्रदर्शन में 3000 मौतों का दावा

ईरान की 31 के 31 प्रांतों में फैले प्रदर्शन में 3000 लोगों के मौत की बात सामने आ रही है. ईरान में मानवाधिकार संगठनों और कार्यकर्ताओं के अनुसार “28 दिसंबर से अब तक हिंसा की कार्रवाई से कम से कम 3,000 से 12,000 लोग मारे गए हैं.”

लेकिन ईरान के विदेश मंत्री ने इसी सप्ताह अपने बयान में कहा था कि “मृतकों के आंकड़े फर्जी हैं. मृतकों की संख्या सैकड़ों में है हजारों में नहीं. ईरान के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाया जा रहा है और एआई की फर्जी तस्वीरों के जरिए सोशल मीडिया पर झूठी पोस्ट के जरिए हिंसा भड़काई जा रही है.”

बहरहाल सुप्रीम लीडर के ट्रंप को अपराधी बताए जाने के बाद अमेरिका का प्रतिक्रिया देना तय है. खाड़ी देशों की मध्यस्थता के बाद व्हाइट हाउस ने कहा है कि “वो ईरान की स्थिति पर करीबी से नजर रखे हुए हैं और ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्प खुला है.”

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