विश्व आर्थिक मंच के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की. चीन और रूस पर वार किया. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नीले चश्मे पर चुटकी ली तो ग्रीनलैंड के मुद्दे पर डेनमार्क को एहसान फरामोश बता डाला है.
ट्रंप ने दावोस से यूरोपीयन यूनियन और नाटो पर भी प्रहार किया. कनाडा को धमकाया. वेनेजुएला एक्शन पर सफाई दी और अमेरिका को सबसे ताकतवर बताया.
इस बीच ट्रंप की बार-बार की गई टिप्पणियों ने यूरोप और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा दिया है, जिसके बाद यूरोपीय संसद ने एक बड़ा फैसला लेते हुए यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर काम फिलहाल रोक दिया है.
पीएम मोदी के लिए बहुत सम्मान, हैं शानदार व्यक्ति: ट्रंप
दावोस में मौजूद ट्रंप ने पीएम मोदी की एक बार फिर से तारीफ करते हुए कहा है कि वो भारत से अच्छे रिश्ते चाहते हैं. ट्रंप ने कहा कि, मुझे भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के लिए बहुत सम्मान है… प्रधानमंत्री मोदी एक शानदार व्यक्ति और मेरे मित्र हैं. भारत के साथ हमारा अच्छा समझौता होने वाला है.
आपको बता दें कि ट्रंप भारत के साथ ट्रेड डील करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं. ट्रंप के करीबी सर्जियो गोर ने भारत में राजदूत का पद संभाल लिया है. लेकिन रूस के साथ तेल खरीदने को लेकर जिस तरह से ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत का टैरिफ थोपा है, उसे लेकर अमेरिका की ट्रेड डील में बहुत आगे नहीं बढ़ी है. वहीं पाकिस्तान के साथ तनाव को लेकर जिसतरह से ट्रंप फर्जी तरीके से तनाव कम कराने का क्रेडिट ले रहे हैं, उससे भी पीएम मोदी खुश नहीं हैं.
डेनमार्क है एहसानफरोश, ग्रीनलैंड लेकर रहेंगे: ट्रंप
ट्रंप ने डेनमार्क को एहसान फरामोश करार देते हुए कहा कि “अमेरिका दशकों से यूरोप और नाटो की सुरक्षा करता आया है, लेकिन बदले में उसे सम्मान नहीं मिला. वैश्विक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड पर अमेरिका का नियंत्रण जरूरी है.”
ट्रंप ने ग्रीनलैंड में रूसी-चीनी गतिविधियों के बढ़ने का हवाला देते हुए कहा, “ग्रीनलैंड की भौगोलिक स्थिति अमेरिका की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है. यह इलाका मिसाइल चेतावनी प्रणाली और आर्कटिक क्षेत्र की निगरानी के लिहाज से रणनीतिक है.”
हां कहोगे तो अच्छा रहेगा, ग्रीनलैंड पर अमेरिका की सबसे आक्रामक धमकी
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर साफ संदेश देते हुए कहा कि “अगर ग्रीनलैंड और उसके सहयोगी अमेरिका की बात मानते हैं तो अच्छा होगा, और अगर नहीं मानते तो अमेरिका इसे याद रखेगा.”
ट्रंप ने कहा कि “ग्रीनलैंड को सुरक्षित रखने की क्षमता केवल अमेरिका के पास है. पिछले करीब 200 वर्षों से अमेरिकी राष्ट्रपति ग्रीनलैंड खरीदने की कोशिश करते रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि द्वीप पर डेनमार्क की मौजूदगी के कोई ठोस संकेत नहीं हैं.”
नाटो और यूरोप पर भड़के ट्रंप, कहा, ईयू मेरी सरकार से काम करना सीखे
ट्रंप ने कहा, “नाटो के लिए अमेरिका सबसे ज्यादा योगदान देता है, लेकिन बदले में उसे कुछ नहीं मिलता. अगर अमेरिका नहीं हो तो नाटो कुछ भी नहीं.”
ट्रंप ने कहा, “मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. यूरोप के कुछ हिस्से ऐसे हैं, जो अब पहचान में भी नहीं आते और यह बदलाव किसी अच्छे कारण से नहीं हुआ है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.”
दावोस में मैक्रों के नीले चश्मे पर ट्रंप ने उड़ाया मजाक
मंच से ट्रंप ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का मजाक उड़ाया. दावोस में आंख की बीमारी के चलते मैक्रों नीले चश्मे के साथ नजर आए थे. जिस पर ट्रंप ने चुटकी लेते हुए कहा, “मैंने कल उन्हें उन खूबसूरत सनग्लास पहने देखा. आखिर हुआ क्या? लेकिन आखिर ऐसा क्या हो गया है कि वह हर जगह इन्हें पहन रहे हैं.”
ट्रंप ने कहा, “मुझे फ्रेंच प्रेसिडेंट पंसद है. मैं उन्हें यकीनन पसंद करता हूं. विश्वास करना मुश्किल है, है ना? वह सनग्लासेज पहन रहे हैं लेकिन रूम के भीतर उन्हें पहनने की क्या जरूरत है.”
दुनिया को बेवकूफ बना रहा है चीन: ट्रंप
दावोस में बोलते हुए ट्रंप ने चीन पर तंज कसा. ट्रंप ने चीन की ग्रीन टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री पर सवाल खड़े किए, ट्रंप ने कहा कि “चीन ग्रीन एनर्जी के नाम पर दुनिया को बेवकूफ बना रहा है. चीन में विंड फार्म सिर्फ दिखावे के लिए बनाए जाते हैं, ताकि दूसरे देश उन्हें खरीदने के लिए राजी हो सके.”

