ऑपरेशन सिंदूर के बाद मनाए जा रहे गणतंत्र दिवस समारोह में कर्तव्य पथ पर एक बेहद खास झांकी दिखाई देगी. सेना के तीनों अंग यानी थलसेना, वायुसेना और नौसेना की इस साझा झांकी में दिखाया गया है कि कैसे महज 88 घंटों के भीतर पाकिस्तानी सेना को घुटनों पर ला दिया गया था.
इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (आईडीएस) हेडक्वार्टर की इस झांकी में 6-7 मई की रात को रफाल लड़ाकू विमानों के जरिए पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के मुख्यालयों पर हवाई हमले दिखाए गए हैं.
गणतंत्र दिवस परेड में आईडीएस की झांकी की चर्चा
इस झांकी से जुड़े आईडीएस अधिकारी, एयर कमाडोर मनीष सब्बरवाल ने मीडिया से खास बातचीत में बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, सेना के तीनों अंगों ने अपनी-अपनी भूमिका निभाई थी. ऐसे में सेना के तीनों अंगों की साझा झांकी प्रस्तुत की जा रही है.
रफाल के अलावा इस झांकी में सुखोई फाइटर जेट से दागे जाने वाले ब्रह्मोस मिसाइल भी दिखाई गई है. भारत और पाकिस्तान के बीच कटीली तार भी दिखाई गई है. कटीली तार के दूसरी तरफ पाकिस्तानी वायुसेना के एक बेस पर ब्रह्मोस से किए गए हमले को दर्शाया गया है. इस एयर बेस पर खड़े पाकिस्तानी वायुसेना के एफ-16 लड़ाकू विमानों को धूधू कर जलते दिखाया गया है. ठीक वैसे जैसे भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के भोलारी एयरबेस पर हमला कर अमेरिका से लिए गए पाकिस्तानी एफ-16 को बर्बाद किया गया था.
झांकी में एस-400 मिसाइल को भी दर्शाया गया है, जिसने 300 किलोमीटर दूर पाकिस्तानी वायुसेना के एक टोही विमान को मार गिराया था. झांकी में इस टोही विमान का मॉडल भी शामिल किया गया है.
झांकी में आकाश मिसाइल और दूसरे काउंटर ड्रोन गन्स भी दिखाई गई है, जिन्होंने तीन दिनों के अंदर पाकिस्तान के करीब 900 ड्रोन्स को सियाचिन से लेकर जम्मू कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और रण ऑफ कच्छ (गुजरात) में मार गिराए थे.
जिस तरह ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, भारत ने इजरायल से लिए हारपी और हारोप लोएटरिंग म्युनिशन से पाकिस्तान के रडार स्टेशन पर हमला कर चीनी एयर डिफेंस को तबाह किया था, वो भी इस झांकी का हिस्सा है.
भारत के अटैक के बाद पाकिस्तान ने की युद्धविराम की अपील
भारतीय वायुसेना के हमलों से घबराए पाकिस्तान ने 10 मई (2025) को युद्धविराम की अपील की थी. युद्धविराम की अपील के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर को रोक दिया था. लेकिन साफ कर दिया था कि अगर फिर पाकिस्तान ने पहलगाम नरसंहार जैसी कोई आतंकी घटना को अंजाम दिया तो, ऑपरेशन सिंदूर को फिर से छेड़ दिया जाएगा. यानी पाकिस्तान ने फिर छेड़ने की जुर्रत की तो फिर छोड़ा नहीं जाएगा.

