ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की जीत और पाकिस्तान की हार की पुष्टि स्विस थिंकटैंक ने भी कर दी है. स्विस थिंक टैंक सेंटर डी’हिस्टोयर एट डे प्रॉस्पेक्टिव मिलिटेयर्स की सैन्य रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि किस तरह से भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में हाहाकार मचा दिया था.
स्विस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पहलगाम नरसंहार के बाद भारतीय वायुसेना के सामने पाकिस्तान पस्त पड़ गया और फिर भारत के आगे सीजफायर के लिए गिड़गिड़ाने पर मजबूर हो गया.
भारतीय वायुसेना के आगे पस्त पड़ा पाकिस्तान एयरफोर्स: स्विस थिंकटैंक
स्विट्जरलैंड स्थित सीएचपीएम ने ‘ऑपरेशन सिंदूर: द इंडिया-पाकिस्तान एयर वॉर’ नाम से एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की है. इस रिपोर्ट में भारतीय वायुसेना के शौर्य की तारीफ की गई है और बताया गया है कि पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद कैसे भारत ने पाकिस्तान को पस्त कर दिया.
रिपोर्ट में कहा गया, “भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी कैंपों पर हमला किया. पाकिस्तानी वायु सेना ने 9-10 मई की रात भारत की बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश की, जिसमें आदमपुर और श्रीनगर जैसे एयर स्टेशनों सहित एलओसी से 100-150 किमी दूर स्थित ठिकाने शामिल थे.”
भारत के आगे फेल हुए पाकिस्तान के घातक ड्रोन्स: स्विस थिंकटैंक
पाकिस्तान की एयरफोर्स ने तुर्किए के खतरनाक बायरक्टर टीबी 2 ड्रोन, अंकिसी जैसे घातक ड्रोन का इस्तेमाल किया, लेकिन भारतीय रक्षा प्रणाली को पाकिस्तान का कोई भी ड्रोन भेद नहीं सका. उन्हें हवा में ही मार गिराया गया.
वहीं इसके जवाब में भारत ने मुख्य रूप से लंबी दूरी की सतह-से-हवा मिसाइल बैटरियों और बॉर्डर सर्विलांस रडारों पर पाकिस्तानी वायु रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया.
रिपोर्ट में कहा गया कि भारतीय सेना ने इजरायली हार्पी और हार्रोप ल्यूटेरिंग म्यूनिशन्स का इस्तेमाल किया, जो सीक्रेट थे. 08 और 9 मई को पाकिस्तान के 04 एयर-डिफेंस साइट्स पर हमला किया गया, जिसके परिणामस्वरूप चुनियां और पासरूर में कम से कम दो अर्ली-वार्निंग रडार नष्ट हुए.
भारतीय वायुसेना के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया कि 07-10 मई के बीच पाकिस्तान के 05 एफ-16 और जेएफ-17 लड़ाकू विमान गिराए गए.
सु 30, जगुआर, रफाल ने भारतीय क्षेत्र से ही मचा दी थी पाकिस्तान में तबाही : स्विस थिंकटैंक
रिपोर्ट में लिखा गया कि, “भारत ने कम से कम एक एचक्यू-9 बैटरी पर हमला किया. इन ऑपरेशन्स के बाद पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र की कवरेज की मात्रा और गुणवत्ता में भारी कमी आई. हमलों से बचने के लिए पाकिस्तान के कई बचे रडार बंद हो गए, जिससे भारतीय विमानों के लिए आगे बढ़ना आसान हुआ. भारतीय सेना ने पाकिस्तान की हमले की तैयारियों का पता लगाया और “तुरंत जवाबी हमला” किया.”
“सु- 30 एमकेआई, जगुआर और राफेल से भारतीय हवाई क्षेत्र से ही ब्रह्मोस, स्कैल्प और रैम्पेज मिसाइलें दागी गईं. इनसे पाकिस्तानी क्षेत्र में 200 किमी तक गहरे 7 ठिकानों पर हमला हुआ, जिसमें एक सतह-से-हवा मिसाइल बैटरी और 5 एयर बेस शामिल थे.”
“उत्तर पाकिस्तान में इस्लामाबाद के पास नूर खान एयर बेस पर कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर नष्ट हुआ. मुरीद एयर बेस पर कई हैंगर और कंट्रोल सेंटर क्षतिग्रस्त हुए. मध्य पाकिस्तान में रहीम यार खान एयर बेस की रनवे पर कई हमले हुए और सिविलियन एयरपोर्ट टर्मिनल (ड्रोन कंट्रोल सेंटर) बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ. रफीकी एयर बेस भी निशाना बना. दक्षिण में सुक्कुर एयर बेस पर ड्रोन हैंगर और रडार पर हमला हुआ.”
भारत के आक्रामकता से सीजफायर को मजबूर हुआ इस्लामाबाद : स्विस थिंकटैंक
रिपोर्ट में कहा गया कि “भारत शुरुआत से ही पाकिस्तान पर हावी रहा और एस्केलेशन डोमिनेंस बनाए रखा, अपनी एयर डिफेंस संपत्तियों की रक्षा की और परमाणु सीमा पार किए बिना गहरे हमलों की क्षमता दिखाई. भारत की लगातार आक्रामक एक्शन के चलते पाकिस्तान को सीजफायर की ओर मजबूर होना पड़ा.”
यह रिपोर्ट 2025 के भारत-पाकिस्तान संकट पर स्वतंत्र यूरोपीय विश्लेषण का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है. इसे सेवानिवृत्त स्विस वायु सेना के मेजर जनरल एड्रियन फॉन्टानेलाज ने लिखा है. रिपोर्ट में तस्वीरों के जरिए साक्ष्य दिए गए हैं, जो इस रिपोर्ट की सत्यता की पुष्टि करता है.

