जेफरी एपस्टीन के जिन्न ने अमेरिका से लेकर यूरोप और मिडिल ईस्ट तक हड़कंप मचा दिया है. ऐसा हड़कंप कि ब्रिटेन हो या फिर फ्रांस, नॉर्वे हो या फिर अमेरिका और स्लोवाकिया राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों, सेना से जुड़े अधिकारियों, मंत्री, सरकार में अहम पद पर बैठे अधिकारियों के ताबड़तोड़ इस्तीफे शुरु हो गए हैं.
एपस्टीन फाइल्स जैसे जैसे खुल रही है, उसकी आंच से बड़े-बड़े वैश्विक नेता, मंत्री, राष्ट्राध्यक्ष अछूते नहीं हैं. कुख्यात जेफरी एपस्टीन से जुड़े कई मेल, मीटिंग और वित्तीय संबंधों के खुलासों के बाद कई प्रमुख पदों पर बैठे लोगों को इस्तीफा देना पड़ा है.
ब्रिटेन के पीएम के चीफ ऑफ स्टाफ का इस्तीफा
शुरुआत ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ से करते हैं. कीर स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी को इस्तीफा देना पड़ा है. आरोप है कि मार्गन ने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत बनाने की सलाह दी थी. जबकि वो जानते थे कि पीटर मैंडेलसन की करीबी जेफरी एपस्टीन से है.
दस्तावेज जारी किए जाने के बाद जांच के घेरे में मार्गन मैकस्वीनी आ गए. इस्तीफे के बाद मैकस्वीनी ने माना है कि उन्होंने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका का राजदूत बनाने की गलत सलाह दी थी और इसकी जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ दिया है.
एपस्टीन को ब्रिटेन की गोपनीय जानकारी देते थे राजदूत
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा 30 जनवरी को जारी किए गए दस्तावेजों से ऐसा लगता है कि मैंडेलसन ने कथित तौर पर फाइनेंसर एपस्टीन को ब्रिटिश मंत्री रहते हुए, जिसमें 2008 के वित्तीय संकट के दौरान भी, गोपनीय ब्रिटेन सरकार की जानकारी लीक की थी.
इस खुलासे के बाद यूके में सियासी हलचल बढ़ गई है. पीएम कीर स्टार्मर पर दबाव है. उनकी चीफ ऑफ स्टाफ ने तो इस्तीफा दे ही दिया है, वहीं सार्वजनिक पद पर कथित दुर्व्यवहार के लिए 72 साल के राजदूत मैंडेलसन के खिलाफ पुलिस जांच शुरू हो गई है.
नॉर्वे की वरिष्ठ राजनयिक, नोबल समिति के पूर्व अध्यक्ष भी फंसे, क्राउन प्रिंसेज भड़कीं
नॉर्वे में इस्ताफों और निलंबन की झड़ी लग गई है. नॉर्वे की पूर्व पीएम थोर्बजोर्न जैगलैंड पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसकी जांच शुरु कर दी गई है. एपस्टीन और जैगलैंड के बीच कई ईमेल और संवाद पाए गए हैं.
आपको बता दें कि जैगलैंड, नोबेल शांति पुरस्कार समिति के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं. हालांकि जैगलैंड ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है.
वहीं नॉर्वे की वरिष्ठ राजनयिक मोना जूल को निलंबित कर दिया गया है.66 वर्षीय जूल पहले मंत्री रह चुकी हैं.इजरायल, ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र में नॉर्वे की राजदूत भी रह चुकी हैं. नॉर्वे के विदेश मंत्रालय ने बताया कि वरिष्ठ राजनयिक एपस्टीन से जुड़े संबंधों के मामले में “फैसले में गंभीर गलती” के कारण पद छोड़ेंगी.
इसके अलावा जॉर्डन में नॉर्वे के राजदूत ने भी पद छोड़ दिया है.
नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस मेट्टे-मैरिट ने प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने एपस्टीन से संपर्क पर गहरा अफसोस जताया और इसे शर्मनाक बताया है. उनकी डिप्लोमैट मोना जुल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि
स्लोवाकिया में गई एनएसए की कुर्सी, फ्रांस-स्वीडन समेत यूरोप में कई नेताओं पर गिरी गाज
स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री राबर्ट फिको के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजैक ने जेफरी एपस्टीन से संबंधित नई फाइलों के सामने आने के बाद इस्तीफा दे दिया है. जारी डॉक्यूमेंट्स में खुलासा हुआ है कि एनएसए और जेफरी एपस्टीन के बीच लड़कियों के बारे में ईमेल लिखे गए थे.
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मिरोस्लाव लाजैक ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है. मिरोस्लाव के मुताबिक एपस्टीन से ये एक अनौपचारिक बातचीत और हल्के फुल्के अंदाज में ईमेल लिखे गए थे. लेकिन उन्होंने इस्तीफा इसलिए दिया है ताकि पीएम फिको पर कोई आरोप न लगाए.
इसके अलावा फ्रांस में पूर्व मंत्री जैक लैंग ने एक सांस्कृतिक संस्थान के प्रमुख पद से इस्तीफा दिया है. स्वीडन में भी एक अधिकारी ने पद छोड़ दिया, जब उनके एपस्टीन के निजी द्वीप से जुड़े आरोप सामने आए.
एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर भी दे चुके हैं इस्तीफा
अमेरिका का तो क्या ही कहना. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड हों या फिर उद्योगपति एलन मस्क, बिल गेट्स समेत कई बड़े बड़े नामों से एपस्टीन का संपर्क रहा है. लेकिन सब अब सफाई देते घूम रहे हैं.
वहीं दिसंबर 2025 में एफबीआई के डिप्टी डायरेक्टर डैन बोंजिनो ने भी विवाद के बीच पद छोड़ दिया. हालांकि बोंजिनो के एपस्टीन से सीधे रिश्ते सामने नहीं आए, लेकिन फाइलों से जुड़े विवाद के कारण बोंजिनों ने पद छोड़ दिया था.
बहरहाल कुख्यात एपस्टीन का संपर्क 80 से ज्यादा देशों में था. खासकर अमेरिका और यूरोपीय देश. माना जा रहा है कि आने वाले समय में कुछ और इस्तीफे हो सकते हैं. कई यूरोपीय देशों के बड़े-बड़े लोगों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं.
अमेरिका में क्या है एपस्टीन मामला
एपस्टीन फाइल मामला फाइनेंसर जेफरी एपस्टीन से जुड़ा है. अरबपति एपस्टीन, ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी दोस्त माने जाने थे. जेफरी एपस्टीन यौन तस्करी का आरोप था.
जेफरी एपस्टीन के शोषण और तस्करी नेटवर्क को उजागर करने में अहम भूमिका निभाने वाली वर्जीनिया गिफ्रे ने इसी साल आत्महत्या कर ली थी.
फ्लोरिडा में रहने वाली गिफ्रे को जेफरी एपस्टीन ने साल 1999 से 2002 के बीच कई हाईप्रोफाइल लोगों के पास भेजा था. गिफ्रे ने बताया था कि उसे जिन बड़े लोगों के पास भेजा गया था,उनमें ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और फ्रांस के मॉडलिंग एजेंट जीन-ल्यूक ब्रनेल शामिल थे.
एपस्टीन पर साल 2002- 2005 तक कई रेप के आरोप थे. साल 2019 में एपस्टीन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी. एपस्टीन जेल में मृत पाया गया था. इसी साल एपस्टीन फाइलों का एक हिस्सा जारी किया गया था. फाइल में फाइनेंसर और बाल यौन अपराधों और उसके हाई-प्रोफाइल सहयोगियों की जानकारी थी.

