ईरान और अमेरिका में लगातार बढ़ती जा रही हैं टेंशन. किसी भी वक्त दोनों के बीच जंग छिड़ने की आशंका जताई जा रही हैं. ईरान में खौफ का आलम ये है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने पिछले 37 वर्षों में पहली बाद वायुसेना कमांडर्स की वार्षिक बैठक में शामिल नहीं हुए.
इस बीच इजरायल ने भी तेहरान को धमकी दी है. इजरायल ने कहा है कि ईरान उसके तय किए गए ‘बैलिस्टिक मिसाइल रेड लाइन’ को पार करता है, तो वह अमेरिका की मदद के बिना भी अकेले सैन्य कार्रवाई करेगा.
अमेरिकी विध्वंसक पोत अरब सागर में तैनात, ईरान ने कहा, हम डरते नहीं
अरब सागर में अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की तैनाती की जा चुकी है. इसके अलावा जॉर्डन और लाल सागर में एफ-15 लड़ाकू विमान, लड़ाकू ड्रोन और मिसाइल विध्वंसक पोत तैनात किए गए हैं. इस घातक युद्धपोत और लड़ाकू विमानों की तैनाती पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
अराघची ने कहा है कि “अमेरिकी सैन्य तैनाती हमें डरा नहीं सकती, चाहे हम पर युद्ध ही क्यों न थोप दिया जाए, हम अपनी शर्तों पर अडिग रहेंगे.ईरान यूरेनियम एनरिचमेंट से कभी पीछे नहीं हटेगा.”
वहीं अराघची ने ये भी कहा है कि “तेहरान को वाशिंगटन पर बहुत कम भरोसा है. ईरान चाहता है कि उसके ऊपर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं, जिसके बदले में वह परमाणु कार्यक्रम पर भरोसा कायम करने वाले कुछ कदम उठाने को तैयार है.”
आपको बता दें कि अमेरिका से बढ़े तनाव पर ईरान अपने पक्के पार्टनर्स यानि चीन और रूस से लगातार संपर्क में है.
ईरान ने शेयर किया एआई वीडियो, अमेरिकी सैन्य बेड़़े को मारते और अमेरिकी सैनिकों को बंधक दिखाया गया
ईरान ने एक एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से बनाए गए वीडियो के जरिए अमेरिका को चेतावनी दी है. इस वीडियो में ईरान ने अमेरिकी सैनिकों की अफरातफरी और युद्घपोत अब्राहम लिंकन पर अटैक करते दिखाया गया है. 2 मिनट से ज्यादा के इस एआई वीडियो में दिखाया गया है कि ईरानी ड्रोन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन की तरफ बढ़ते हैं. इसके साथ ही कई मिसाइलें दागी जाती हैं, जो अमेरिकी जहाज को टारगेट करती है. जिसके बाद अमेरिकी नेवी में अफतातफरी का माहौल है, अमेरिकी नौसैनिक वॉकी टॉकी पर बात करते नजर आते हैं. ईरानी नौसैनिक जहाज अमेरिकी युद्धपोतों को चारों तरफ से घेर लेते हैं. ईरान ने ड्रोन्स और सबमरीन से हमला किया और फिर अमेरिकी सैनिकों को बंधक बनते हुए दिखाया गया है.
ईरान ने इस वीडियो के जरिए अमेरिका को ये संदेश देने की कोशिश की है कि अगर तेहरान पर हमला हुआ तो वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाएगा.
ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल की सीमा लांघी तो इजरायल अकेले करेगा हमला
मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बीच इजरायल ने अमेरिका को साफ-साफ कह दिया है कि अगर ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइलों को लेकर तय रेड लाइन पार की, तो वह अकेले सैन्य कार्रवाई करेगा. इजराइली रक्षा अधिकारियों का कहना है कि ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम उनके देश के लिए सीधे तौर पर अस्तित्व का खतरा है.
सूत्रों के मुताबिक इजरायल और अमेरिका के बीच ईरान के संवेदनशील न्यूक्लियर और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों को लेकर कई उच्चस्तरीय बातचीत हुई है. इस बातचीत में इजरायल की ओर से अमेरिका को बताया कि वे ईरान की मिसाइल कैपिसिटी और उनके प्रोडक्शन ढांचे को खत्म करने के लिए तैयार हैं. इसके लिए ईरान के अहम मिसाइल निर्माण केंद्रों और उनसे जुड़े ठिकानों पर हमले करने का प्लान भी साझा किया गया है, ताकि उसके पूरे कार्यक्रम को कमजोर किया जा सके.
इजरायल ने अमेरिका को ये संदेश दिया है कि उनका देश स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने का पूरा अधिकार अपने पास रखता है.
अमेरिकी एयरस्ट्राइक या मोसाद से डरे खामेनेई, अज्ञात स्थान पर छिपे
सत्ता संभालने के बाद 37 साल में पहली बार ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ईरानी वायुसेना के वार्षिक कार्यक्रम से दूरी बना ली है. 1989 से हर साल खामेनेई ने इस बैठक की अध्यक्षता की है. लेकिन इस बार खामेनेई की जगह सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ, अब्दुल रहीम मौसावी ने वायुसेना कमांडरों से मुलाकात की है.
खामेनेई का किसी सार्वजनिक कार्यक्रम से दूरी बनाया जाना दिखाता है कि ईरान अपने सर्वोच्च नेता की हर तरह से सुरक्षा करना चाहता है. अमेरिका और इजरायल का दुश्मन नंबर 1 खामेनेई ही हैं. ऐसे में अमेरिकी स्ट्राइक या जासूसी के डर से खामेनेई को किसी सुरक्षित स्थान पर रखा गया हो सकता है.

