ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारतीय वायुसेना से आया है एक बड़ा खुलासा. वायुसेना के वाइस चीफ (सह-प्रमुख) एयर मार्शल नागेश कपूर ने ये कहकर सनसनी फैला दी है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान के परमाणु ठिकानों को निशाना नहीं बनाया था. वाइस चीफ के मुताबिक, पाकिस्तान के किराना हिल्स या फिर दूसरे सामरिक ठिकानों पर पाकिस्तान के उग्रवादी संगठनों ने हमला किया होगा या फिर पाकिस्तानी इंफो-वॉरफेयर का नतीजा होगा.
बुधवार को एयर मार्शल कपूर राजधानी दिल्ली में इसी महीने की 27 तारीख को पाकिस्तानी सीमा के बेहद करीब पोखरण फायरिंग रेंज (जैसलमेर) में आयोजित होने वाली एक्सरसाइज वायुशक्ति की कर्टन रेजर प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोल रहे थे. वायुशक्ति एक्सरसाइज में, इंडियन एयरफोर्स की फायर-पावर डेमो के साथ-साथ ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किए गए हमलों की झलक भी देखने को मिलेगी.
पाकिस्तानी सामरिक ठिकानों को बनाया था निशाना
इस दौरान मीडिया के सवाल पर सह-प्रमुख ने खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, वायुसेना ने पाकिस्तान के टेरर इंफ्रास्ट्रक्चर और मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया था. लेकिन उन्होंने साफ किया कि इस दौरान पाकिस्तान के किराना हिल्स या फिर किसी दूसरे स्ट्रेटेजिक (सामरिक) ठिकानों को बिल्कुल निशाना नहीं बनाया गया था. ऑपरेशन सिंदूर (7-10 मई) के दौरान, ऐसे वीडियो सामने आए थे, जिनमें किराना हिल्स पर बमबारी देखी जा सकती है. माना जाता है कि किराना हिल्स में पाकिस्तान का परमाणु ठिकाना है. साथ में नूरखान एयरबेस (रावलपिंडी) पर पाकिस्तानी न्यूक्लियर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भी भारतीय वायुसेना ने टारगेट किया था.
एयर मार्शल के मुताबिक, किराना हिल्स पर हुए हमले की जानकारी एक ओपन सोर्स वीडियो के जरिए सामने आई थी, जो पाकिस्तान से आया था. ऐसे में इस हमले को पाकिस्तान के किसी इनसर्जेंट (उग्रवादी) संगठन या फिर पाकिस्तान के इंफो-वॉरफेयर का हिस्सा हो सकता है.
उल्लेखनीय है कि किराना हिल्स पर हुए हमले के इस फुटेज को भारतीय वायुसेना ने इस वर्ष गणतंत्र दिवस फ्लाई पास्ट (26 जनवरी) के लिए तैयार किए गए आधिकारिक वीडियो में भी शामिल किया गया था.
ऑपरेशन सिंदूर के बाद डीजी ऑप्स ने दिया था घूमा फिराकर जवाब
ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में तत्कालीन एयर ऑपरेशन्स डीजी (महानिदेशक) एयर मार्शल एके भारती ने किराना हिल्स पर हुए हमले पर गोलमाल जवाब दिया था. ऐसे में ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार भारतीय वायुसेना की तरफ से किराना हिल्स या फिर किसी दूसरे सामरिक ठिकानों को निशाना बनाने को लेकर सीधा जवाब सामने आया है.
मीडिया ने वाइस चीफ से सवाल किया था कि, क्या वायुशक्ति एक्सरसाइज के दौरान किराना हिल्स या फिर नूरखान एयरबेस जैसे सामरिक ठिकानों पर हुए हमलों को भी सिम्युलेट किया जाएगा.
पहलगाम नरसंहार का बदला लिया था वायुसेना ने
पहलगाम नरसंहार (22 अप्रैल 2025) का बदला लेने के लिए भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के हेडक्वार्टर को तबाह करने के साथ, पाकिस्तान के 11 एयरबेस और 02 रडार स्टेशन को जबरदस्त बमबारी से बर्बाद किया था.
पाकिस्तान के न्यूक्लियर ब्लफ का किया था भंडाफोड़
ऑपरेशन सिंदूर के बाद हालांकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पाकिस्तान के न्यूक्लियर ब्लफ का भंडाफोड़ कर दिया गया है. दरअसल, पाकिस्तान की तरफ से लगातार इस बात की धमकी दी जाती थी कि अगर भारत ने हमला किया तो परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, पाकिस्तान की हेकड़ी निकल गई थी और 88 घंटों की बमबारी के बाद युद्धविराम के लिए गिड़गिड़ाने लगा था.
पाकिस्तानी सीमा के करीब पोखरण रेंज में फिर गरजी वायुसेना
दो वर्ष में एक बार होने वाली वायुशक्ति एक्सरसाइज में इस वर्ष रफाल (राफेल), सुखोई और एलसीए तेजस सहित कुल 77 लड़ाकू विमान हिस्सा लेंगे. साथ में 43 हेलीकॉप्टर, 08 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और बड़ी संख्या में ड्रोन हिस्सा लेंगे. वायुसेना के सबसे बड़े फायर-पावर डेमो में करीब 12 हजार किलो बारूद का इस्तेमाल किया जाएगा.

