ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में छत पर हुए भीषण विस्फोट में राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एनआईए की एंट्री ने घटना को गंभीर बना दिया है. अब तक ओडिशा पुलिस इसे एक हिस्ट्रीशीटर के छत पर बम बनाए जाने की हुए धमाके की वारदात मान रही थी. लेकिन एनआईए को लगता है कि जिस तरह के विस्फोटक का इस्तेमाल किया जा रहा था, वो एक क्रिमिनल तक कैसे पहुंचा.
जिस तरह का भीषण धमाका हुआ है, क्या बम किसी आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए बनाया जा रहा था या शहनवाज नाम जो शख्स अपनी मां और बहन के साथ मिलकर बम बना रहा था, क्या वो किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था, इन सारे सवालों का जवाब एनआईए तलाश रही है.
भुवनेश्वर के पास सुंदरपदा इलाके में 27 जनवरी की शाम को एक रिहायशी घर की छत पर जोरदार धमाका हुआ था. इतना जोरदार कि आसपास के घरों में कंपन महसूस हुआ, लोग घरों से बाहर निकल आए थे.
दरअसल ये धमाका उस वक्त हुआ जा एयरफील्ड इलाके में रहने वाला हिस्ट्रीशीटर शहनवाज मलिक अपने मकान की छत पर क्रूड बम बना रहा था. उस वक्त पर उसकी मां, भाई और बहन भी मौजूद थे. इसी दौरान भीषण धमाका हो गया. इस धमाके में पर उसके परिवार के सदस्य घायल हो गए थे. बुरी तरह से जलने के बाद हिस्ट्रीशीटर की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि मां लिजातुन बीबी ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था. भाई और बहन गंभीर तौर पर घायल हैं, जिनका इलाज किया जा रहा है.
सीसीटीवी में कैद हुआ धमाका, एनआईए ने इकट्ठा किए सैंपल
इस जोरदार बम ब्लास्ट का वीडियो सीसीटीवी में कैद हुआ है. जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि धमाका कितना भीषण था. एक महिला की हंसने की आवाज आती है उसी वक्त तेज धमाका होता है. पानी की टंकी के पास मौजूद लोगों में चीखपुकार मच जाती है. धमाके के बाद आग लगने से महिलाओं के कपड़ों में आग लग जाती है, वहीं शहनवाज मलिक जो कि एक हिस्ट्रीशीटर है, वो बुरी तरह से घायल होता है. आग और जलन से बचने के लिए पानी की टंकी खोलकर बैठ जाता है, लेकिन थोड़ी ही देर में वो मौके पर गिर जाता है.
इस घटना के बाद ओडिशा पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. मौके पर पहुंचे डीसीपी जगमोहन मीणा ने कहा था कि मुख्य आरोपी शाहनवाज मलिक के साथ मिलकर ये लोग किसी अपराध करने के लिए ये लोग विस्फोटक बना रहे थे.
धमाके की तीव्रता को देखते हुए एनआईए ने भी इस मामले में जांच शुरु कर दी है. एनआईए की टीम मौके पर पहुंची और वहां से मिट्टी और मलबे के सैंपल भी इकट्ठा किए हैं, ताकि फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाया जा सके कि धमाके में किस तरह का विस्फोटक इस्तेमाल किया जा रहा था. एनआईए की टीम स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इस मामले की जांच कर रही है.
बम बनाने के पीछे बड़ी साजिश और टेरर एंगल से जांच
एनआईए के जांच में शामिल होने के बाद ये मामला किसी लोकल क्राइम का नहीं लग रहा, बल्कि इसका दायरा बड़ा है. एनआईए ये पता लगा रहा है कि आखिर क्रूड बम बनाने के पीछे असली मंशा क्या थी. आशंका है कि इस बम बनाने के नेटवर्क में कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं. एनआईए ने टेरर एंगल से भी जांच शुरु कर दी है.
विस्फोट में घायल दोनों लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है. माना जा रहा है कि उनके ठीक होने के बाद एनआईए दोनों घायलों से बात करके ये पता लगाएगी की बम बनाने के पीछे असली मंशा क्या थी. साधारण आपराधिक घटना के अलावा इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या साजिश भी हो सकती है.

