रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कट्टर विरोधी एलेक्सी नवलनी की मौत पर यूरोपीय देशों की चौंकाने वाले दावे को अमेरिका ने बेहद गंभीर बताया है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि वॉशिंगटन के पास यूरोप के देशो की रिपोर्ट पर सवाल उठाने का कोई कारण नहीं हैं.
साल 2024 में नवलनी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे. यूरोप के पांच देशों का कहना है कि क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति दफ्तर) ने मेंढक का जहर देकर नवलनी को मारा है.
वहीं रूस ने यूरोपीय देशों के आरोपों को पश्चिमी प्रोपेगेंडा बताते हुए सारे आरोपों को बेबुनियाद बताया है. रूसी सरकार ने नवलनी की मौत में किसी भी तरह की कोई भूमिका से इनकार कर दिया है.
यूरोपीय देशों के आरोप बेहद गंभीर और चिंताजनक: मार्को रुबियो
मार्को रुबियो ने स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूसी नेता नवलनी की मौत पर आई यूरोपीय देशों की रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया दी.
रुबियो ने कहा, “हम स्पष्ट रूप से यूरोपीय देशों की रिपोर्ट से अवगत हैं. ये एक चिंताजनक रिपोर्ट है. अमेरिका, रूसी विपक्षी नेता के मामले को जानते है. हमारे पास शक का कोई कारण नहीं है. हम यूरोपीय देशों से इस मुद्दे पर कोई विवाद नहीं कर रहे.”
“अमेरिका परिणाम से असहमत नहीं है, लेकिन कभी-कभी देश अपनी खुफिया जानकारी के आधार पर स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं. अमेरिका इन देशों के निष्कर्षों पर कोई सवाल नहीं खड़े कर रहा.”
ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, नीदरलैंड्स का दावा, नवलनी को जहर देकर मारा गया
पिछले सप्ताह यूरोप के 05 बड़े देशों ने खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया था. पांच यूरोपीय देशों- ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन और नीदरलैंड ने कहा कि “नवलनी के शरीर से लिए गए नमूनों के विश्लेषण ने एपिबैटिडाइन की पुष्टि की थी. यूरोपीय देशों ने कहा कि ये जहर दक्षिण अमेरिका में जहरीले डार्ट मेंढकों में पाया जाता है, रूस में नहीं मिलता है. इस जहर को रूस तक पहुंचाना और फिर नवलनी को देना एक बहुत बड़ी साजिश थी.”
ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, “नवलनी के शरीर के नमूनों में खतरनाक मेंढक के जहर के निशान मिले हैं. दो साल पहले साइबेरिया की जेल में नवलनी की मौत इसी वजह से हुई. यूरोपीय देशों का कहना है कि इस तरह का जहर इस्तेमाल करने की क्षमता, कारण और मौका सिर्फ रूस के पास था.”
पश्चिमी देशों का प्रोपेगेंडा, नवलनी की मौत से लेना-देना नहीं: रूस
यूरोप के 05 देशों ने स्वतंत्र जांच के बाद मेंढक के जहर से नवलनी को मारने का दावा किया है, जिसे रूस ने खारिज कर दिया है. रूस ने इसे वेस्ट देशों का प्रोपेगेंडा बताया है.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, “स्वाभाविक रूप से, हम ऐसे आरोपों को स्वीकार नहीं करते. हम उनसे असहमत हैं. हम उन्हें पक्षपातपूर्ण और निराधार मानते हैं और वास्तव में, हम उन्हें पूरी तरह से खारिज करते हैं.”
लंदन स्थित रूसी दूतावास ने भी नवलनी की मौत में मॉस्को के शामिल होने से इनकार किया. इन आरोपों को दुष्प्रचार बताया. कहा, “ऐसे आरोपों का लक्ष्य पश्चिम की गंभीर समस्याओं से ध्यान भटकाना है.”
एलेक्सी नवलनी, पुतिन के कट्टर विरोधी और रूस में विपक्षी नेता थे. फरवरी 2024 में आर्कटिक क्षेत्र में स्थित निर्वासित कॉलोनी में पोलर वुल्फ नाम की जेल में नवलनी मृत पाए गए थे. उनकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी. नवलनी वो नेता थे, जो रूसी सरकार की नीतियों की आलोचना करते थे और पुतिन को भ्रष्टाचारी बताते थे.
बताया जाता है कि नवलनी टहलने के बाद अचानक बीमार हुए, इसके बाद जमीन गिर पड़े और फिर होश में नहीं आए.
एलेक्सी नवलनी की मौत के बाद उनकी पत्नी यूलिया नवालनाया ने भी क्रेमलिन पर गंभीर आरोप लगाया था और मौत का जिम्मेदार राष्ट्रपति पुतिन को बताया था. यूलिया नवालनाया ने कहा है कि “उनके पति की हत्या की गई. उस समय 47 साल के नवलनी तीन साल से जेल में थे. यूलिया ने कहा कि नवलनी को जहर देकर मारा गया था.”

