Breaking News NATO Reports

पोलैंड बनाएगा परमाणु हथियार, यूक्रेन जंग की आग से बचने के लिए राष्ट्रपति का बयान

पोलैंड के परमाणु हथियार विकसित करने की मंशा ने यूरोप के साथ-साथ दुनिया में हलचल तेज कर दी है. रूस के डर के साए में जी रहे पड़ोसी देश पोलैंड ने खुलेआम एटम बम का समर्थन करते हुए कहा है कि यूक्रेन के बाद अगला नंबर हमारा है, इसलिए खुद परमाणु हथियार बनाना होगा. 

पोलैंड के राष्ट्रपति कैरोल नावरोकी ने रूस को बड़ा खतरा बताते हुए  का सुझाव दिया है कि पोलैंड को अपना न्यूक्लियर वेपन प्रोग्राम बनाना चाहिए.  

हाल ही में रूस से डरे पोलैंड ने अपने देश में इजरायल के नक्शेकदम पर चलते हुए मिलिट्री ट्रेनिंग अनिवार्य की है, और देश में बंकर बनाने शुरु किए हैं, ताकि रूस के साथ युद्ध जैसी स्थिति पर नागरिकों का बचाव किया जा सके. 

पोलैंड को परमाणु हथियार विकसित करना चाहिए: राष्ट्रपति नावरोकी

रूस और पोलैंड के बीच कभी भी सौहार्दपूर्ण संबंध नहीं रहे हैं. ये संबंध यूक्रेन के साथ युद्ध के बाद से और बिगड़ गए हैं. पोलैंड नाटो का सदस्य है. 

पोलैंड का आरोप है कि यूक्रेन के बाद रूस उनके देश पर अटैक करेगा, जबकि रूस सारे आरोपों को बेबुनियाद बताता रहा है. लेकिन रूस पोलैंड को पश्चिमी आक्रामकता का हिस्सा मानता है, और कह चुका है कि रूस की संप्रभुता के आगे वो किसी को नहीं छोड़ेगा. 

लेकिन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ये भी कह चुके हैं, कि यूरोप को डरने की जरूरत नहीं है. यूरोप पर अटैक का कोई विचार नहीं है. यूरोप सिर्फ रूस के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाता है.

इन सबके बीच पोलैंड के राष्ट्रपति नावरोकी ने ये कहकर सनसनी फैला दी है कि वह, पोलैंड के न्यूक्लियर प्रोजेक्ट में शामिल होने के पक्के सपोर्टर हैं. और उन्हें लगता है कि पोलैंड को परमाणु हथियार बनाने चाहिए. हमें इस दिशा में काम करने की ज़रूरत है ताकि हम काम शुरू कर सकें. 

पोलैंड न्यूक्लियर नॉन-प्रोलिफरेशन ट्रीटी (एनपीटी) का सदस्य है. ये संगठन सिर्फ 5 देशों को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र मानता है. ये देश हैं- रूस, अमेरिका, ब्रिटेन, चीन और फ्रांस हैं.

पोलैंड ने की रक्षा बजट में बढ़ोतरी, मिलिट्री ट्रेनिंग की अनिवार्य

अपने रक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी करने के साथ ही पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क का मानना है कि “भविष्य की किसी भी चुनौती से निपटने के लिए सशक्त होना जरूरी है.” 

टस्क के मुताबिक, “इसके लिए हर पुरुष नागरिक को सैन्य प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि किसी भी युद्ध की स्थिति में पोलैंड के पास एक मजबूत रिजर्व सेना मौजूद रहे. पोलैंड के सैनिकों की संख्या पांच लाख तक करना देश की जरूरत है.”

पीएम टस्क ने पिछले साल अपनी संसद में जानकारी दी थी कि “यूक्रेन की सेना में 8 लाख और रूस की सेना में 13 लाख सैनिक हैं, जबकि पोलैंड की सेना अभी तक छोटी है.”

पीएम टस्क ने इस बात पर भी जोर दिया कि “महिलाएं भी सैन्य ट्रेनिंग ले सकती है क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अधिक सैनिकों की जरूरत है.” 

यूरोप को खुद पर भरोसा करने की जरूरत: पीएम टस्क

पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने यूरोप के देशों में भी जोश भरा था. टस्क ने कहा था, “यूक्रेन के साथ यूरोपीय देशों की सेना में 2.6 मिलियन सैनिक हैं, जबकि अमेरिका के पास 1.3 मिलियन, चीन के पास 2 मिलियन और रूस के पास 1.1 मिलियन सैनिक हैं. यूरोप अगर गिनना जानता है तो उसे खुद पर भरोसा करना चाहिए.”

पीएम टस्क ने कहा, “यूरोप में सिर्फ कल्पना और साहस की कमी है. यह एक विरोधाभास है कि 50 करोड़ यूरोप की जनता 30 करोड़ अमेरिकियों से गुहार लगा रही है कि वे 14 करोड़ रशियन से उनकी रक्षा करें. वाशिंगटन को दुविधा बताते हुए टस्क ने कहा, हमें इस दुविधा से उबरना होगा.”

पोलैंड में स्कूली बच्चे ले रहे हथियार चलाने की ट्रेनिंग, बनाए जा रहे बंकर

पोलैंड, यूरोप के सबसे सुरक्षित देशों में से एक होने के बावजूद, रूस के खतरे से डरा है. पोलैंड के पीएम अपने देश में बंकरों का निर्माण करवा रहे हैं, ताकि युद्ध की स्थिति में नागरिकों को सुरक्षित किया जा सके. 

पोलैंड, अमेरिका से 20 अरब डॉलर के हथियारों की खरीद कर रहा है, जिसमें 250 एम1ए2 अब्राम्स टैंक, 32 एफ-35 लड़ाकू विमान, 96 अपाचे हेलीकॉप्टर और अन्य हथियार शामिल हैं. इसके अलावा, पोलैंड दक्षिण कोरिया से के2 टैंक और एफए-50 लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट भी खरीद रहा है, ताकि देश सशक्त दिखे.

वहीं पोलैंड प्रशासन के मुताबिक, “प्राइमरी स्कूल के छात्रों को हथियार चलाने में एक्सपर्ट बनाया जा रहा है. पोलैंड सरकार पूरे देश में करीब 18 हजार स्कूलों में सेफ्टी ट्रेनिंग के मकसद से बंदूक समेत तमाम उपकरण मुहैया करवाया है.” ट्रेनिंग में जिंदा कारतूस की जगह लेजर का इस्तेमाल किया जा रहा है जो हरी रंग की लाइट के जरिए टारगेट हिट होने का संकेत देती है. 

पोलैंड में शिक्षा सुरक्षा कक्षाएं साल 2023-2024 और 2024-2025 स्कूल वर्षों में शुरू की गई हैं. इस ट्रेनिंग में  छात्र लाइव गोला-बारूद के साथ नहीं बल्कि बॉल गन, एयर गन, छोटे हथियारों की प्रतिकृतियों और लेजर के साथ वर्चुअल या शूटिंग गन के साथ प्रशिक्षण लेते हैं, जहां हरी बत्ती एक सफल हिट का संकेत देती है. पोलैंड के प्राइमरी स्कूलों में 13 से 14 साल के बच्चे प्रिंसिपल की देखरेख में हथियार चलाने की ट्रेनिंग ले रहे हैं. में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. 

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.