महाराष्ट्र में कट्टरपंथियों के टारगेट पर थे फुटबॉल खेलने वाले युवा. फुटबॉल खेलने के बहाने रची जा रही थी बड़ी साजिश. महाराष्ट्र एटीएस ने सबूतों के साथ जो खुलासा किया है, वो हैरान कर देने वाला है.
आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने खुफिया सूचना के आधार पर अहिल्यानगर और यवतमाल में ताबड़तोड़ छापे मारे हैं. छापेमारी के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और आपत्तिजनक सामग्री जब्त की गई है. एटीएस का दावा है कि फुटबॉल खेलने वाले बच्चों और युवाओं का ब्रेनवॉश किया जा रहा था.
कट्टरपंथियों के टारगेट पर फुटबॉल क्लब, कुछ युवाओं को रेडिक्लाइज किया गया: एटीएस
एटीएस ने यवतमाल जिले के पुसद और उमरखेड इलाकों में 14 ठिकानों पर छापेमारी की है. एक गुप्त सूचना के आधार पर रेड की गई. दरअसल पुसद के युवाओं में फुटबॉल का बेहद क्रेज़ है. इस जगह कई फुटबॉल क्लब हैं.
एटीएस को जानकारी मिली थी कुछ संदिग्ध इन फुटबॉल क्लब से जुड़े युवाओं का ब्रेनवॉश करके रेडक्लाइज कर रहे हैं. जिसके बाद एटीएस ने कई ठिकानों पर रेड की. रेड में संदिग्धों के ठिकानों से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, सीसीटीवी फुटेज और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं.
एटीएस को शक है कि इन संदिग्धों ने यवतमाल के कुछ लड़कों को रेडिक्लाइजेशन के लिए महाराष्ट्र से बाहर भी भेजा था.
आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा है ग्रुप, नया मॉड्यूल तैयार किए जाने का शक
यवतमाल के अलावा अहिल्यानगर जिले में भी एटीएस ने रेड की. जहां संदिग्धों से आपत्तिजनक सामग्री मिली. एटीएस के आधिकारिक बयान में कहा गया, अहिल्यानगर में ऑपरेशन के दौरान तलवारें जब्त की गईं. कार्रवाई के तहत आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट्स, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और सीसीटीवी उपकरणों की भी जांच की जा रही है और उन्हें जब्त किया जा रहा है.
“इस ऑपरेशन में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, और संदिग्धों से डिटेल में पूछताछ जारी है.”
हालांकि एटीएस ने संदिग्धों की पहचान नहीं बताई है. लेकिन आशंका है कि ये लोग कोई संगठित मॉड्यूल तैयार कर रहे थे. एटीएस जांच कर रही है कि क्या संदिग्ध किसी बाहरी हैंडलर्स के संपर्क में थे. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि ये रेड आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों पर आधारित थी.

