ईरान के परमाणु ठिकाने से तकरीबन 100 किलोमीटर दूर दक्षिणी ईरान में आए 5.5 तीव्रता के भूकंप से हलचल बढ़ गई है. भूकंप के झटकों को न्यूक्लियर टेस्ट से जोड़ा जा रहा है. आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका-इजरायल के साथ ईरान के चल रहे भयंकर तनाव के बीच ईरान ने परमाणु टेस्ट किया गया है.
ईरान के पास अमेरिकी युद्धपोत तैनात हैं, तो ईरान का साथ देने के लिए रूस-चीन की नौसेना भी युद्धाभ्यास के लिए होर्मुज क्षेत्र में पहुंची हुई है. जिनेवा में अमेरिका-ईरान में सहमति न बन पाने के कारण किसी भी वक्त एक्शन शुरु हो सकता है. इस बीच भूकंप के झटकों और ईरान सरकार की चुप्पी ने खलबली मचा दी है.
ईरान की न्यूक्लियर साइट वाले शहर के करीब भूकंप
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंस के मुताबिक गुरुवार को दक्षिण ईरान में भूकंप का झटका महसूस किया गया. जीएफजेड अनुसंधान केंद्र के अनुसार भूकंप का केंद्र सिर्फ 10 किलोमीटर की गहराई में था.
जिस जगह भूकंप आया, वहां से तकरीबन 100 किलोमीटर दूर ईरान का बुशहर था. बुशहर ईरान की अहम न्यूक्लियर साइट है. ईरान के परमाणु परीक्षण पर शक इसलिए हैं क्योंकि एक्सपर्ट बताते हैं कि परमाणु परीक्षण के दौरान 4 से लेकर 5.5 तीव्रता के ही भूकंप आते हैं.
इस भूकंप से कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है. लेकिन भूकंप के कारणों पर अमेरिका और दूसरे देशों की पैनी नजर है.
अमेरिका ने रूस के कारण नहीं किया था बुशहर पर अटैक
जून 2025 में जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था, तब भी अमेरिकी हमले से बुशहर बच गया था. बूशहर ईरान की वो न्यूक्लियर साइट है, जहां यूरेनियम के जरिए बिजली का उत्पादन किया जाता है.
बुशहर पावर प्लांट एक असैन्य परमाणु सुविधा है, जो ईरान के खाड़ी तट पर मौजूद है. पिछले कई सालों से रूस ईरान को बुशहर के निर्माण और संचालन में मदद कर रहा है.
कहा जाता है कि इस जगह पर रूसियों की मौजूदगी है और वे इसके लिए काम कर रही है. इसी कारण अमेरिका ने ईरान की इस न्यूक्लियर साइट को नहीं छुआ था. अगर यहां अटैक होता, तो रूस के साथ अमेरिका का टकराव बढ़ जाता.
रूस ने हाल ही में यहां पर 8 और साइट बनाने की घोषणा की है. इसे लेकर रूसी परमाणु ऊर्जा एजेंसी रोसाटॉम के प्रमुख एलेक्सी लिखाचेव ने बताया कि रूसी सहायता से अतिरिक्त रिएक्टरों का निर्माण काम चल रहा है.
ईरान के पास मौजूद यूरेनियम से बन सकते हैं 10 परमाणु बम
इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक ईरान के पास वर्तमान में 440 किलो यूरेनियम है. यह यूरेनियम 60 प्रतिशत तक जून 2025 में संवर्धित था. 90 प्रतिशत तक संवर्धित होने के बाद यूरेनियम से परमाणु हथियार तैयार किया जा सकता है. ईरान के पास 10 परमाणु हथियार बनाने इतना यूरेनियम है.
यही कारण है कि अमेरिका, ईरान पर समझौते का दबाव बना रहा है. लेकिन ईरान झुकने को तैयार नहीं हैं.
कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में किसी भी वक्त जंग छिड़ने की आशंका है. तनाव के बीच बिगड़ते हालात को देखते हुए पोलैंड, समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को फौरन ईरान छोड़ देने के लिए कहा है.

