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एनआईए का कब्जे में अमेरिका का हिटमैन, म्यांमार बॉर्डर पर देता था ट्रेनिंग

भारत ने अमेरिका के सबसे बड़े हिटमैन को गिरफ्तार करके बड़ी कामयाबी हासिल की है. ये वो हिटमैन है, जो म्यांमार बॉर्डर पर उग्रवादियों को ड्रोन ट्रेनिंग दे रहा था. लीबिया से लेकर सीरिया और यूक्रेन जंग में भी शामिल रहा है. एनआईए ने म्यांमार में आतंकियों को ट्रेनिंग देकर भारत लौटे 06 यूक्रेनी और अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी की है. खुलासा हुआ है कि जिस अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया गया है,  उसे अमेरिका का सबसे बड़े हिट-मैन माना जाता है. नाम है मैथ्यू वैनडाइक. जांच में पता चला है कि कॉन्फिलिक्ट रिपोर्टिंग से लेकर वॉर डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले पत्रकारिता की आड़ में ये शख्स म्यांमार बॉर्डर पहुंच गया और वहां आतंकियों को ड्रोन ट्रेनिंग देने लगा,

ये वही ग्रुप है, जो नॉर्थ ईस्ट भारत के उग्रवादी संगठनों के संपर्क में रहते हैं और मणिपुर जैसे राज्यों में अराजकता और हिंसा फैलाकर राज्य को अशांत बनाते हैं. एजेंसियों को आशंका है कि म्यांमार के ड्रोन ट्रेनिंग लिए आतंकी संगठन मणिपुर जैसे राज्यों में ड्रोन अटैक का बड़ा खतरा बन सकते थे.

म्यांमार के आतंकियों को मैथ्यू वैनडाइक दे रहा था ट्रेनिंग

एनआईए ने यूक्रेनी नागरिकों और अमेरिकी नागरिक को गिरफ्तार किया. जांच में जो कुछ भी पता चला वो बेहद खतरनाक था. मैथ्यू वैनडाइक नाम का अमेरिकी नागरिक किस तरह से आतंकियों के संपर्क में आया और फिर उन्हें मिलिट्री ट्रेनिंग देने लगा, उसके नेटवर्क की कड़ी एजेंसी ने जोड़ी तो एक खतरनाक साजिश की परत दर परत उतरती चली गई.

मैथ्यू वैनडाइक अमेरिका की सन ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (एसओआईएल) नाम की संस्था चलाता है. इस संस्था का मुख्य उद्देश्य, उन आतंकी और मिलिशिया संगठनों को ट्रेनिंग देना है, जो अमेरिका के दुश्मन या फिर ऐसी सरकारों के खिलाफ उग्रवादी कार्यों में लिप्त रहते हैं, जिनकी अमेरिका से नहीं बनती है.

कॉन्फिलिक्ट रिपोर्टिंग से लेकर वॉर डॉक्यूमेंट्री बनाने वाले पत्रकार के तौर पर भी मैथ्यू को जाना जाता था. लेकिन बाद में मैथ्यू को सीरिया से लेकर लीबिया में कर्नल गद्दाफी के खिलाफ विद्रोह में मदद करने के लिए जाना जाने लगा.

यूक्रेन जंग की शुरुआत से मैथ्यू, रूस के खिलाफ लड़ने पहुंच गया था और यूक्रेनी सेना को ट्रेनिंग दे रहा था.

मिजोरम के रास्ते म्यांमार पहुंचा था मैथ्यू वैनडाइक

माना जा रहा है कि अब ये अपने साथियों के साथ भारत (मिजोरम) के रास्ते म्यांमार पहुंच गया था. म्यांमार में इस ग्रुप ने जुंटा शासन (मिलिट्री शासन) के खिलाफ लड़ने वाले विद्रोहियों को मिलिट्री और ड्रोन ट्रेनिंग दी थी. ये लोग बड़ी संख्या में यूक्रेन (यूरोप) से ड्रोन लेकर आए थे. भारत के लिए चिंता का सबब इसलिए है क्योंकि, म्यामांर के विद्रोही, उत्तर-पूर्व के उग्रवादी संगठनों से मिले रहते हैं. ऐसे में मणिपुर जैसे राज्यों में ड्रोन अटैक का बड़ा खतरा बन सकता है.

बताया जा रहा है कि एनआईए ने भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों की सूचना पर मैथ्यू को कोलकाता एयरपोर्ट और बाकी यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट से धर-दबोचा. ऐसा कहा जा रहा है कि रूस की खुफिया एजेंसी ने भारतीय इंटेलिजेंस एजेंसियों को मैथ्यू की टिप-ऑफ दे थी.

यूक्रेनी नागरिकों में एक जीआरयू का जासूस निकला

भारत में मैथ्यू के अलावा 06 यूक्रेनी नागरिक भी गिरफ्तार किए गए है. जांच में पता चला है कि गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिकों में से एक का चेहरा जासूस का भी है. यूक्रेन के लवॉव का रहने वाला मरियन स्टेफनकीव, एनआईए के शिकंजे में है, इसका संबंध यूक्रेन के मुख्य खुफिया निदेशालय (जीयूआर) से है और पहले ये नाज़ी समर्थक “राइट सेक्टर” से जुड़ा था.  पर्यटन के नाम पर भारत आया मरियम स्टेफनकीव क्या जानकारी जुटा रहा था, या क्या जानना चाह रहा था. इसके बारे में जांच एजेंसियां पता कर रही है.

यूक्रेन के दूतावास ने इन गिरफ्तारियों पर आपत्ति जताई है. यूक्रेन के दूतावास ने भारत से काउंसलर एक्सेस मांगा है.

अमेरिकी दूतावास ने क्या बयान दिया

अमेरिकी नागरिक मैथ्यू की गिरफ्तारी को लेकर अमेरिकी दूतावास ने बयान जारी किया है. हालांकि अमेरिकी दूतावास ने इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा. आधिकारिक बयान में अमेरिकी एंबेसी ने कहा, “हम स्थिति से अवगत हैं. निजता कारणों से,  हम अमेरिकी नागरिकों से जुड़े मामलों पर टिप्पणी नहीं कर सकते.”

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