क्या अमेरिका को परमाणु युद्ध की आशंका है. क्या ईरान के साथ चल रहे युद्ध में आने वाली है कयामत की रात. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को दिए अल्टीमेटम खत्म होने से पहले अमेरिका का डूम्सडे प्लेन वाशिंगटन डीसी में देखे जाने से हड़कंप मच गया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति का “डूम्सडे प्लेन”, ई-4बी, वाशिंगटन के पास उतरा है. डूम्स्डे प्लेन जिसे नाइटवॉच के नाम से जाना जाता है, इस विमान को परमाणु विस्फोट का सामना करने के लिए बनाया गया है. वाशिंगटन डीसी जॉइंट बेस एंड्रयूज की ओर उड़ते डूम्सडे विमानों को देख हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि अगले कुछ घंटों में मिडिल ईस्ट में बहुत बड़ा कुछ होने वाला है.
9/11 के बाद पहली बार पिछले साल डूमस्डे प्लेन को ईरान पर किए गए अटैक के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था. वहीं इस बार भी जब ईरान के साथ जंग खतरनाक मोड़ पर है तो डूमस्डे प्लेन को हाईअलर्ट रखा गया है ताकि परमाणु अटैक जैसी स्थिति में राष्ट्रपति ट्रंप को सुरक्षित रखा जा सके.
आसमान में बनेगा ट्रंप का वॉररूम, ईरानी हमले का खतरा
जिस प्लेन डूम्स्डे को वॉशिंगटन डीसी के करीबी एयरबेस पर उतारा गया है, उसे आसमान में अमेरिकी राष्ट्रपति का वॉर-रूम माना जाता है, जहां से किसी भी जंग को दिशा-निर्देश दिया जा सकता है. ये वैश्विक आपात स्थितियों के दौरान अमेरिकी सेना के लिए एक मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में कार्य करता है. ये विमान साइबर हमलों और विद्युत-चुंबकीय हस्तक्षेप को झेलने में सक्षम होता है. जरूरत पड़ने पर जवाबी कार्रवाई का समन्वय कर सकता है. इसकी गतिविधि आमतौर पर उच्चतम स्तर की सैन्य सतर्कता का संकेत देती है.
इस दौरान सभी टॉप मिलिट्री कमांडर राष्ट्रपति के साथ मौजूद रहते हैं. नाइटवॉच के नाम से जाने वाले इस विमान को परमाणु विस्फोट का सामना करने के लिए बनाया गया है. साथ ही किसी भी इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर से लड़ने में भी महारत है.
खासतौर से यह विमान परमाणु विस्फोटों का सामना करने के लिए बनाया गया है. यानि अगर कोई परमाणु बम से हमला भी कर दे तो यह विमान बेअसर रहता है और अमेरिकी सेना अपने सुप्रीम कमांडर यानि राष्ट्रपति को किसी भी तरह के न्यूक्लियर रेडिएशन से बचा सकती है.
यह विमान वैश्विक आपात स्थितियों के दौरान अमेरिकी सेना के लिए एक मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में कार्य करता है. इसका इस्तेमाल आज तक सिर्फ 9/11 हमले के दौरान किया गया था. जब अलकायदा के आतंकवादियों ने पेंटागन को भी निशाना बनाया था, तो तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश को डूमस्डे प्लेन में छिपाया गया था.
9/11 हमलों के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसका उपयोग किया था और माना जा रहा है कि अगर ईरान ने अमेरिका पर हमला किया तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इस प्लेन के जरिए सुरक्षित रखा जाएगा
ईरान में आने वाली है कयामत की रात?
ई-4बी नाइटवॉच (डूम्सडे) विमान की गतिविधि अक्सर उच्च स्तर की सैन्य सतर्कता का संकेत देती है, खासकर जब वैश्विक तनाव बढ़ रहा हो और हालात न्यूक्लियर वॉर तक पहुंचने की आशंका हो.
अगले कुछ घंटों में इजरायल और ईरान की लड़ाई एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकती है. ईरान की धमकी के बाद अमेरिका में “डूम्सडे प्लेन”, ई-4बी, प्लेन ने उड़ान भरी है.
दरअसल इजरायल-ईरान जंग के बीच तेहरान और वाशिंगटन के बीच भारी तनाव है. ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम दिया है कि अगर वो होर्मुज मार्ग नहीं खोलते हैं, तो वो एक्शन लिया जाएगा, जो ईरान ने कभी सोचा नहीं होगा. वहीं ईरान ने भी ट्रंप की धमकी को बेअसर बताते हुए कहा है कि अगर अमेरिका कोई हमला करता है, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.
आशंका इस बात की है कि अमेरिका के तगड़े एक्शन के बाद ईरान भी चुप नहीं बैठेगा. जैसा कि एक महीने से ज्यादा के वक्त से चल रहे युद्ध में देखा जा रहा है.
क्या है ई-4बी नाइटवॉच की विशेषताएं:
- परमाणु विस्फोट सहन करने की क्षमता, यह विमान परमाणु विस्फोटों और विद्युत चुम्बकीय पल्स का सामना कर सकता है.
- मोबाइल कमांड सेंटर: यह विमान वैश्विक आपात स्थितियों के दौरान अमेरिकी सेना के लिए एक मोबाइल कमांड सेंटर के रूप में कार्य करता है.
- उन्नत संचार प्रणाली: इसमें 67 सैटेलाइट डिश और एंटेना हैं जो वैश्विक संचार को सुनिश्चित करते हैं.
- लंबी उड़ान क्षमता: यह विमान 35 घंटे से अधिक समय तक हवा में रह सकता है, जिसमें ईंधन भरने की क्षमता है.

