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ट्रंप की परवाह नहीं, मोजतबा ने बढ़ाया सेना का हौसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अल्टीमेटम पर ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की ओर से पलटवार किया गया है. मोजतबा खामेनेई ने ईरान के टॉप सैन्य कमांडर्स की हत्या के बावजूद लड़ाकों के मनोबल को न डिगने वाला बताया है. मोजतबा खामेनेई ने बयान जारी करते हुए कहा है कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं और जिहादी विचारधारा से जुड़े लड़ाके किसी भी हाल में कमजोर नहीं पड़ेगे.

मोजतबा खामेनेई का ये बयान आईआरजीसी के वरिष्ठ अधिकारी और खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी की हत्या के बाद जारी किया गया है. हालांकि हमेशा की तरह मोजतबा खामेनेई की मौजूदगी मिस्ट्री ही रही, क्योंकि मोजतबा कभी भी नजर नहीं आए हैं

सोमवार रात ट्रंप ने धमकी देते हुए कहा था कि किसी भी वक्त ईरान को खत्म कर दिया जाएगा. एक ही रात में हजारों कमांडो उतरकर ईरान को बर्बाद कर देंगे. ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे का अल्टीमेटम दिया है. लेकिन मोजतबा खामेनेई के बयान से साफ है कि ईरान, किसी भी हमले का आक्रामक जवाब देगा.

हमारे लड़ाके अमेरिका के सामने कमजोर नहीं पड़ेंगे: मोजतबा खामेनेई

मेजर जनरल माजिद खादेमी की हत्या के बाद मोजतबा खामेनेई ने आईआरजीसी का हौसला बढ़ाया है. मोजतबा ने कहा है कि “हमारी सेना के कदम नहीं लड़खड़ाएंगे.

बयान में मोजतबा की तरफ से कहा गया कि हमारे टॉम कमांडर्स की हत्या के बाद भी ईरान के लड़ाकों और सशस्त्र बलों की एकजुटता इतनी मजबूत है कि आतंकवाद और अपराध उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर सकते.”

खामेनेई ने एक लिखित बयान जारी कर कहा कि “खादेमी ने दशकों तक खुफिया और रक्षा के क्षेत्र में अटूट सेवा की. इस्लामी ईरान के योद्धाओं की अटूट कतारें और आत्म-बलिदान करने वाले सशस्त्र बल एक ऐसा गहरा और मजबूत मोर्चा हैं, जिसे आतंकवाद और अपराध भेद नहीं सकते. जिहादी आदर्शों के प्रति हमारा संकल्प अडिग है.”

आईआरजीसी हुई और खूंखार, 15 अमेरिकी सैनिक घायल

ट्रंप के अल्टीमेटम की बीच आईआरजीसी ने कुवैत में अमेरिकी बेस को एक बार फिर से निशाना बनाया है. ईरान ने कुवैत में अमेरिकी एयर बेस अली अल सलेम पर ड्रोन हमले में 15 सैनिकों को घायल कर दिया. अली अल सलेम एयर बेस पर ईरानी ड्रोन हमले में कम से कम 15 अमेरिकी सैनिक घायल हो गए हैं.  

वहीं सऊदी अरब ने भी अपने एयर स्पेस में कई मिसाइलें नष्ट कीं.  वहीं, सऊदी अरब ने अपने पूर्वी क्षेत्र में सात बैलिस्टिक मिसाइलों को रोककर नष्ट कर दिया,  जिनका मलबा ऊर्जा संयंत्रों के पास गिरा.

ईरान को एक रात में खत्म करने की चेतावनी के बाद खाड़ी देशों पर ईरानी हमले और तेज हो गए हैं. ईरान ने धमकी दी है कि वह क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा. इस धमकी के बाद ईरान ने मंगलवार को अमेरिकी ठिकानों के अलावा इजरायल पर भी कई मिसाइली दागीं हैं.

हमें धमकियों की परवाह नहीं: आईआरजीसी

आईआरजीसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों को ‘आधारहीन’ बताया है. ईरानी सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि “आईआरजीसी को धमकियों की परवाह नहीं है. अमेरिका के साथ-साथ इजरायली ठिकानों पर भी हमले जारी हैं.”

ईरान की सेना ने कहा है कि “ट्रंप की धमकियों से अमेरिका और इजरायली सुरक्षाबलों के खिलाफ जारी आक्रामक कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी, धमकियों से पश्चिम एशिया में हुआ अमेरिका का अपमान नहीं मिटेगा.”

आईआरजीसी के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता- इब्राहिम जोल्फाघारी ने दावा किया कि “इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नौसेना बलों ने इजरायली कंटेनर जहाज एसडीएन 7 पर क्रूज मिसाइल से हमला किया. इस हमले से जहाज में बड़ी आग लग गई और वह नष्ट हो गया. अमेरिकी हमलावर जहाज एलएचए-7 भी गोलीबारी की चपेट में आया.”

ईरानी सेना का कहना है कि “उसके हमले के कारण अमेरिकी जहाजों को हिंद महासागर में पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा.”

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