अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सभ्यता खत्म करने वाले बयान पर ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पलटवार किया है. राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने ईरान के लिए अमेरिकी डेडलाइन खत्म होने से पहले कहा है कि ईरान के 1.4 करोड़ लोगों के साथ मैं भी अपना बलिदान देने के लिए तैयार हूं.
मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका के साथ आर या पार वाली जंग के बीच खाड़ी देशों को चेतावनी दी कि वो अमेरिका-इजरायल को ईरान पर हमला करने की अनुमति न दें.
आपको बता दें कि ईरानी सेना इस वक्त सैनिकों की गंभीर कमी से जूझ रही है. ऐसे में मसूद पेजेश्कियान ने खुद भी सेना में जाने के लिए इच्छा जताई है. और दावा किया है कि ईरानी युवाओं ने देश की ओर से जंग में उतरने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है.
ईरानी राष्ट्रपति ने भरी हुंकार, कहा देश के लिए समर्पित हूं
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर की. इस पोस्ट में राष्ट्रपति पेजेश्कियान ने दावा किया कि, “अब तक 14 मिलियन से अधिक गर्वित ईरानियों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने हेतु पंजीकरण कराया है.”
पेजेश्कियान लिखते हैं कि “मैं भी ईरान के लिए अपना प्राणों की आहुति देने के लिए समर्पित रहा हूं, हूं और रहूंगा.”
दुश्मनों को अपनी धरती पर युद्ध छेड़ने न दें: ईरानी राष्ट्रपति
ईरानी राष्ट्रपति ने इससे पहले खाड़ी देशों को चेतावनी दी थी कि “वे अमेरिका और इजरायल का समर्थन कर ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए अपनी भूमि का उपयोग न करने दें. पेजेश्कियान ने कहा, कि यदि तेहरान के बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों पर हमला किया गया, तो ईरान कड़ा और निर्णायक जवाब देगा.”
पेजेशकियान ने लिखा, कि “हमने कई बार कहा है कि ईरान पूर्वव्यापी हमले नहीं करता. लेकिन अगर हमारे बुनियादी ढांचे या आर्थिक केंद्रों को निशाना बनाया जाता है, तो हम कड़ा जवाब देंगे. क्षेत्र के देशों से मेरा आग्रह है कि यदि आप विकास और सुरक्षा चाहते हैं, तो हमारे शत्रुओं को अपनी भूमि से युद्ध चलाने की अनुमति न दें.”
ट्रंप की धमकी से ईरान के ऐतिहासिक पुलों पर मंडराया खतरा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ईरान के पुलों और पावर प्लांट को निशाना बनाने की धमकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा दिया है. माना जा रहा है कि ईरान के आर्थिक और सैन्य बुनियादी ढांचे की रीढ़ माने जाने वाले शहीद कलंतरी उर्मिया झील, वेरेस्क रेलवे, तबियात, कारून-4 और गोतूर जैसे पांच प्रमुख मेगा-स्ट्रक्चर्स पर अमेरिका हमले कर सकता है. अगर इन पुलों को निशाना बनाया जाता है, तो ईरान का परिवहन और रसद नेटवर्क पूरी तरह ठप हो सकता है.
वहीं अमेरिका-इजरायल से जंग के बीच ईरान में जनता ने एकजुटता दिखाई. लोग बिजली संयंत्रों पर जुटे. ह्यूमन चेन बनाकर एकजुटता का संदेश दिया है.
सीजफायर के लिए तैयार नहीं ईरान, अमेरिका बोला, चल रही सकारात्मक बातचीत
ईरान के साथ मध्यस्थता की जिम्मेदारी संभाले हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि “अमेरिका को उम्मीद है कि आज रात तक ईरान की ओर से कोई प्रतिक्रिया मिल सकती है. मुझे उम्मीद है कि वे सही जवाब देंगे”
जेडी वेंस ने कहा कि “अमेरिका इस बात को लेकर आश्वस्त है कि बातचीत जारी है और तय समय के भीतर कोई जवाब मिल सकता है.”
अमेरिका की ओर से कहा जा रहा है सकारात्मक बातचीत की जा रही है. लेकिन ईरान ने ऐसी किसी बातचीत से ही इनकार कर दिया है. ईरान ने ये जरूर माना कि “उन्हें कुछ देशों के माध्यम से अमेरिका का प्रस्ताव मिला, लेकिन युद्ध कब रुकेगा, ये ईरान को तय करना है, अमेरिका को नहीं.”
ईरान ने साफ कह दिया है कि “जब तक हमले नहीं रुकेंगे, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी.” स्थायी समाधान के बिना ईरान ने सीजफायर से मना कर दिया है.

