पाकिस्तान ताकता रह गया, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चाय में मक्खी की तरह इस्लामाबाद को निकालते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के सामने ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए. 18 जून का दिन पश्चिम एशिया में शांति की ओर एक और कदम आगे बढ़ाने वाला रहा. 19 जून को जेनेवा में होने वाली अमेरिका-ईरान की बैठक टालते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे पर सहमति जताते हुए साइन कर दिए.
वहीं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी इस मसौदे पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों की सहमति के बाद अमेरिका-ईरान के बीच महायुद्ध थम गया है. उम्मीद की जा रही है कि जल्द से जल्द होर्मुज की खाड़ी पूरी तरह से खुल जाएगी, क्योंकि अमेरिका ने नाकेबंदी हटाने का ऐलान कर दिया है. लेकिन अभी भी दुनिया को इस समझौते पर संशय है क्योंकि इजरायल ने इस समझौते से खुद को अलग कर दिया है.
इजरायल ने साफ कहा है कि जब तक वो लेबनान के हिजबुल्लाह संगठन को खत्म नहीं कर देता, दम नहीं लेगा. तो ईरान ने अमेरिका से कह डाला है कि अगर इजरायल ने लेबनान में हमला किया तो जिम्मेदारी अमेरिका की है और वो युद्धविराम टूटने जैसा होगा.
कहने का मतलब ये है कि ये समझौता जलेबी की तरह उलझा हुआ है, इतना आसान नहीं है.
मैक्रों के साथ डिनर के दौरान शांति समझौते पर हस्ताक्षर
ट्रंप ने फ्रांस के वर्साय पैलेस में आयोजित रात्रिभोज के दौरान अमेरिका-ईरान समझौते के मसौदे पर आधिकारिक तौर पर हस्ताक्षर किए हैं. इस दौरान ट्रंप के साथ फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो समते कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. ट्रंप ने अचानक से इस डिनर कार्यक्रम के दौरान ही ईरान के साथ हुए एमओयू (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) के दस्तावेजों पर साइन करने का फैसला किया. ट्रंप ने सबके सामने ही हस्ताक्षर किए जिसके बाद मैक्रों समेत मौजूद सभी अधिकारियों ने ट्रंप की प्रशंसा की और तालियां बजाकर शांति समझौते का स्वागत किया.
आपको बता दें कि वर्साय वही महल है जहां सदियों से युद्धों या क्षेत्रीय विवादों को खत्म करने वाले कई ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाते रहे हैं. ट्रंप ने अपने अंदाज में बताया, ‘इट्स साइन्ड’.
हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर समारोह की योजना बनाई थी, लेकिन अब इस बैठक को लेकर सस्पेंस बना हुआ है.
ईरानी राष्ट्रपति ने भी किया हस्ताक्षर
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने भी 3 महीने से अधिक समय से जारी जंग को खत्म करने के लिए एमओयू पर औपचारिक तौर पर हस्ताक्षर कर दिए. हस्ताक्षर को लेकर दोनों देशों के अधिकारियों ने बताया कि समझौता तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है. ये समझौता 2 भाषाओं में किया गया.
मसूद पेजेश्कियान का वीडियो और तस्वीरें जारी की गई हैं, जिनमें वे अपने और ट्रंप के हस्ताक्षर वाले समझौते को दिखाते नजर आ रहे हैं. हालांकि समझौते की मूल बातों को अभी तक औपचारिक रूप से जारी नहीं किया गया है.
खुल जाएगा होर्मुज, दुनिया ने ली राहत की सांस
बताया जा रहा है कि इस समझौते का ज्यादातर हिस्सा युद्ध से पहले की स्थिति को बहाल करेगा. युद्ध को समाप्त करने के साथ-साथ तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिर से शुरू की जाएगी. होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की उम्मीद बढ़ गई है. होर्मुज एक अहम समुद्री मार्ग है जहां से दुनिया के कई देशों के लिए तेल और प्राकृतिक गैस पहुंचाए जाते हैं और इसके बंद होने से ऐतिहासिक ऊर्जा संकट पैदा हो गया था.
मैक्रों ने ट्रंप के कदम का स्वागत किया
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस कदम का स्वागत करते हुए इसे स्थायी शांति की दिशा में एक बड़ा और जरूरी कदम बताया है. मैक्रों ने एक्स पर लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने आज शाम वर्साय में ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच हुए समझौते पर हस्ताक्षर किए. यह समझौता स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करता है और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की अनुमति देता है.यह हमारे साथी नागरिकों के लिए सही दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है—ऊर्जा की कीमतें जल्द ही कम होंगी.”

