Breaking News Middle East War

अमेरिका-ईरान में टूटा MoU, मिसाइल-ड्रोन हमले शुरु

अमेरिका और ईरान के बीच हुआ एमओयू पहले ही सप्ताह में टूट गया है. अमेरिकी सेना ने 26 जून को ईरान के ड्रोन और मिसाइल ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की है. तो ईरान ने भी अमेरिकी हमलों का ड्रोन हमले करके माकूल जवाब दिया है.

अमेरिका ने ईरान पर हमले का ड्रोन फुटेज किया जारी करते हुए कहा, होर्मुज स्ट्रेट में सिंगापुर जा रहे एक बड़े जहाज पर ईरान ने ड्रोन से हमला कर एमओयू का उल्लंघन किया, इसलिए स्ट्राइक की गई. (https://x.com/FinalAssault23/status/2070690364508537116?s=20)  

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के मुताबिक, शिरिक आईलैंड और दक्षिणी ईरान के तटीय इलाकों में किया हमला. तो ईरान उल्टा अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का आरोप लगा रहा है,

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ये बात मुझे पसंद नहीं कि ईरान लगातार गोलियां बरसा रहा है. सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है. अमेरिकी सेना ईरान को सबक सिखाती रहेगी.

फिर तनातनी, अमेरिका ने बरसाए ईरान पर गोले

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे कार्गो शिप पर ईरानी हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भड़क गए और उन्होंने अमेरिका को ईरान पर हमले को हरी झंडी दे दी. ट्रंप की हामी मिलने के बाद एमओयू को किनारे रखकर अमेरिकी सेना ईरान पर टूट पड़ी. ताजा कार्रवाई में अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान के मिसाइल और ड्रोन साइट्स को टारगेट किया.

सेंटकॉम ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिकी विमानों ने ईरान की मिसाइल, ड्रोन स्टोरेज और कोस्टल रडार साइट्स को निशाना बनाया.                                                        

अमेरिकी सेना का कहना है कि ईरान ने 25 जून को सिंगापुर के ध्वज वाले मालवाहक जहाज- एमवी एवर लवली पर ड्रोन से हमला किया था. यह शिप होर्मुज से बाहर निकलते समय ओमान के तट के पास से गुजर रहा था, तभी उस पर अटैक हुआ. अमेरिका ने ईरान की इस कार्रवाई को युद्धविराम का स्पष्ट उल्लंघन बताया था.

सेंटकॉम ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना क्षेत्र में मौजूद है. वह पूरी सतर्कता के साथ यह सुनिश्चित कर रही है कि ईरान के साथ हुए समझौते के सभी प्रावधानों का पूरी तरह पालन किया जाए. और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ह.

व्हाइट हाउस में जवाबी हमले से कुछ देर पहले ट्रंप ने कहा था, “मुझे यह बात पसंद नहीं आई कि उन्होंने हमला किया, असल में चार हमले किए.”

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भी लिखा था, “ ईरान ने जहाज पर हमला करके मूर्खता की है.”

ईरान ने दिया अमेरिका का जवाब, ड्रोन से किया हमला

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर यानि आईआरजीसी की नेवी ने दावा किया कि उसने ईरानी तटीय इलाकों पर अमेरिकी हवाई हमलों के जवाब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है.

आईआरजीसी ने कहा, कि “अमेरिका युद्धविराम का पालन नहीं कर रहा. वॉशिंगटन ने ईरानी ठिकानों पर हमले किए थे, जिसका जवाब उन्हें ड्रोन हमलों से दिया गया गया. अगर आक्रामकता दोहराई गई, तो हमारा जवाब इससे भी बड़ा होगा.

ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिकी कार्रवाई को युद्धविराम का उल्लंघन बताया. कहा कि “राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह दिखा दिया है कि उन्हें बातचीत और युद्धविराम के नियमों का सम्मान नहीं है.”

ईरान ने सीजफायर समझौते को कड़ाई से पालन करना होगा: वीपी

अमेरिकी उपराष्ट्रपति और ईरान के साथ बातचीत की अध्यक्षता करने वाले जेडी वेंस ने भी ईरान के रवैये पर गुस्सा जाहिर किया है. वेंस वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “ईरान ने सीजफायर समझौते पर साइन किए थे और अमेरिका ने उसका पूरी तरह पालन किया है. अगर समझौते को लेकर ईरान को कोई शिकायत है, तो वह बातचीत कर सकता है. लेकिन अगर वह हिंसा का रास्ता अपनाता है, तो अमेरिका भी उसी तरह जवाब देगा.” 

होर्मुज में फंसे जहाजों को निकालने का काम फिर रुका

अमेरिका-ईरान के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर होने के बाद लगा था कि होर्मुज क्षेत्र में शांति आएगी. संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन ने होर्मुज में फंसे जहाजों का काम शुरु किया था. यूएन के मुताबिक “हाल के दिनों में लगभग 115 जहाज होर्मुज से बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि लगभग 500 जहाज अभी भी उस इलाके में फंसे हुए हैं.”

लेकिन कार्गो शिप पर हुए हमले के बाद यूएन की एजेंसी ने निकासी का काम रोक दिया और कहा है कि “जब तक इस बात की गारंटी नहीं मिल जाती कि अन्य जहाजों पर हमला नहीं होगा, तब तक वे इसे फिर से शुरू नहीं करेंगे.”

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *