ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ईद-उल-अजहा की बधाई पर धन्यवाद दिया है और भारत-ईरान के रिश्तों को मजबूत करने पर प्रतिबद्धता जाहिर की है. मोजतबा खामेनेई ने भारत-ईरान के दोस्ताना संबंधों पर भी जोर दिया है.
मोजतबा खामेनेई और पीएम नरेंद्र मोदी के बीच पहली बार सोशल मीडिया के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है. 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायली की एयरस्ट्राइक में मोजतबा खामेनेई के पिता अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद ईरान ने अपना नया सर्वोच्च नेता चुना था.
मोजतबा खामेनेई 28 फरवरी के बाद कभी किसी को नहीं दिखे हैं, न ही किसी ने उनकी आवाज सुनी है, लेकिन अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपनी सेना और आवाम के लिए संदेश देते रहे हैं.
इस सप्ताह अयातुल्ला खामेनेई का अंतिम संस्कार किया जाना है, माना जा रहा है कि मोजतबा खामेनेई की झलक लोगों को दिखने को मिल सकती है.
भारत-ईरान की ऐतिहासिक दोस्ती मजबूत रहेगी: मोजतबा खामेनेई
मोजतबा खामेनेई ने पीएम मोदी के बधाई संदेश पर जवाब दिया है. मोजतबा खामेनेई ने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुझे ईद-उल-अजहा के मुबारक मौके पर आपकी बधाई का संदेश मिला है. मैं इसके लिए अपना हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं और आपको भी बधाई देता हूं. मुझे पूरा भरोसा है कि आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित हमारे दोनों देशों की ऐतिहासिक दोस्ती, हमारी सरकारों के प्रयासों से और मजबूत और विस्तृत होती रहेगी. मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर से भारत सरकार और भारत की महान जनता की समृद्धि और निरंतर सफलता के लिए प्रार्थना करता हूं.”
आपको बता दें कि चाबहार पोर्ट से लेकर ऊर्जा सुरक्षा तक, भारत और ईरान के संबंध बेहद ऐतिहासिक और रणनीतिक रहे हैं. भारत-ईरान के बीच अच्छे व्यापारिक संबंध भी हैं.
ईरानी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को भेजा न्योता
हाल ही में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पीएम नरेंद्र मोदी को सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने के लिए न्योता भेजा है. तकरीबन 4 महीने बाद अयातुल्ला खामेनेई को दफनाया जाएगा. इस दौरान तमाम वैश्विक नेता भी अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचेंगे और ईरान के साथ अपनी एकता जाहिर करेंगे.
हालांकि पीएम मोदी इस कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे. भारत की ओर से बड़ा प्रतिनिधित्व तेहरान भेजा जा रहा है. बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन और विदेश राज्यमंत्री पबित्रा मार्गेरिटा इस दौरान नई दिल्ली का प्रतिनिधित्व करेंगे.
अंतिम संस्कार की रस्में 4 जुलाई से शुरू होंगी. 9 जुलाई को उत्तर-पूर्वी ईरान के पवित्र शहर मशहद में उनके दफन के साथ खत्म होंगी.

