भारत ने अफगानिस्तान में हुई एयरस्ट्राइक की कड़ी निंदा करते हुए पाकिस्तान को लताड़ा है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक को अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला बताया है और कहा है कि पाकिस्तान अपनी कमियों को दूसरों पर मढ़ने की कोशिश करता है.
कराची में हुए आत्मघाती हमले के बाद पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक की थी. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के तीन प्रांतों पक्तिया, पक्तिका, कुनार पर अटैक किया. अफगानिस्तान की तालिबान सरकार का दावा है कि पाकिस्तान ने उनके 40 से से ज्यादा बेगुनाह नागरिकों को मार डाला, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.
वहीं पाकिस्तान का कहना है कि उन्होंने अफगानिस्तान में रह रहे आतंकियों को मारा है.
भारत ने की एयरस्ट्राइक की निंदा, विदेश मंत्रालय का बयान जारी
अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक को लेकर भारत ने एक बयान जारी किया है. भारत ने कहा कि पाकिस्तान का गैर जिम्मेदाराना व्यवहार अंदरूनी नाकामियों को दूसरे पर मढ़ने की कोशिश है. भारत ने उन अफगानी नागरिकों के प्रति संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने इस एयर स्ट्राइक में अपने परिजनों को खो दिया।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “भारत अफगानिस्तान के इलाके में पाकिस्तान के हवाई हमलों की कड़ी निंदा करता है, जिनमें महिलाओं और बच्चों समेत कई आम नागरिकों की जान गई है. पाकिस्तान की यह खुली आक्रामकता अफगानिस्तान की संप्रभुता पर हमला है और क्षेत्रीय शांति व स्थिरता के लिए सीधा ख़तरा है. यह पाकिस्तान के लगातार गैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार और अपनी सीमाओं के बाहर हिंसा की हताशपूर्ण हरकतों के जरिए अपनी अंदरूनी नाकामियों को दूसरों पर मढ़ने की बेकार कोशिश को दिखाता है. भारत उन अफगान परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता है और अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए अपने अटूट समर्थन को दोहराता है.”
पाकिस्तान-अफगानिस्तान में तनाव, 40 से ज्यादा मौत
पाकिस्तान ने रविवार देर रात को अफगानिस्तान सीमा के पास सैन्य कार्रवाई की, जिसमें 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. इस्लामाबाद का कहना है कि कराची में पाकिस्तान रेंजर्स मुख्यालय पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान सीमा पर सैन्य कार्रवाई की. शहबाज सरकार का कहना है कि यह हालिया आतंकी घटनाओं का जवाब था.
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने बताया कि सुरक्षा बलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर पहले से योजना बनाकर सीमा क्षेत्र में जमीनी अभियान और हवाई हमले किए. खैबर पख्तूनख्वा, बलूचिस्तान और कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर हुए आतंकी हमलों के बाद यह कार्रवाई की गई.
दरअसल शनिवार रात कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में स्थित सिंध रेंजर्स के मुख्यालय पर आतंकियों ने हमला किया था. जिसमें आतंकियों ने विस्फोटकों से भरे वाहन को मुख्य गेट से टकरा दिया. इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली है. यह संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) का एक अलग गुट है. जमात-उल-अहरार का कहना है कि पाकिस्तान रेंजर्स के कैंप पर हमले में उसके 9 आतंकी शामिल थे.
बदला लेने को तैयार अफगानिस्तान, पाकिस्तान में हलचल तेज
पाकिस्तान के दावे को तालिबान सरकार ने झूठा और गलत बताया है. तालिबान सरकार का कहना है कि पाकिस्तान ने उनके रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया और मारे गए लोग आतंकवादी नहीं, बल्कि आम नागरिक थे.
पिछले साल से ही पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनातनी चल रही है. तालिबान का कहना है कि आईएसआईएस के आतंकियों को खुद पाकिस्तान ने पाल रखा है जो पाकिस्तान में ही रहते हैं और उल्टा अफगानिस्तान पर आरोप लगाए जाते हैं.
इससे पहले भी इसी महीने 10 जून को पाकिस्तान ने खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए थे. इनमें 13 लोगों की मौत हुई, जिनमें 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग शामिल थे. जिसके बाद अफगानिस्तान ने ड्रोन हमला करके पाकिस्तान को सबक सिखाया था.
माना जा रहा है कि 40 अफगान नागरिकों की मौत के बाद तालिबान के लड़ाके एक्टिव कर दिए गए हैं और पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष किसी भी वक्त शुरु हो सकता है.
टीटीपी को लेकर पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच तनाव
पिछले साल भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की थी. पाकिस्तान ने कहा था कि उसने टीटीपी चीफ मौलाना नूर वली महसूद की गाड़ी और उसके मुख्यालय पर हमला किया. लेकिन इस हमले के कुछ दिनों बाद ही टीटीपी चीफ ने एक वीडियो जारी करके पाकिस्तानी सेना की पोल खोल दी थी.
नूर वली ने कहा था कि वो पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में है, न कि अफगानिस्तान में. नूर वली ने अपने वीडियो में पाकिस्तानी चौकियों को भी दिखाया था.
पाकिस्तान दुनिया को ये दिखाने की कोशिश कर रहा है कि वो आतंकवाद पीड़ित है. बार-बार ये दावा करता है कि अफगानिस्तान में तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान को शरण मिली हुई है. जबकि अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन ने सबूतों के साथ दुनिया को बताया है कि आतंकवादी खुद पाकिस्तान के ही पाले हुए हैं और पाकिस्तानी बॉर्डर पर रहते हैं.
डूरंंड लाइन पर क्या है अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच विवाद
आपको बता दें कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच 2640 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का नाम डूरंड लाइन (रेखा) है. यह रेखा पश्तून जनजातीय इलाके से होकर दक्षिण में बलूचिस्तान के बीच से होकर निकलती है.
साल 2024 दिसंबर में पाकिस्तान के टीटीपी (तहरीक ए तालिबान) के खिलाफ एयर स्ट्राइक करने के बाद अफगान के तालिबानी लड़ाके डूरंड लाइन क्रॉस कर पाकिस्तान में दाखिल हो गए थे और वहां की चौकियों पर कब्जा कर लिया था.
इसके बाद पिछले साल जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक करके उनके नागरिकों (बच्चे-महिलाओं)की हत्या की तालिबान ने डूरंड लाइन पर चढ़ाई कर दी.
आपको बता दें कि पाकिस्तान डूरंड लाइन को अफगानिस्तान के साथ अपनी आधिकारिक सीमा मानता है लेकिन, अफगानिस्तान को ये मंजूर नहीं है. अफगानिस्तान ने डूरंड लाइन को मान्यता नहीं दी है, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद सीमा पर तारबंदी के काम को तेज किया है. इस कारण दोनों पक्षों में दर्जनों बार संघर्ष हो चुका है. ना तो पाकिस्तान और ना ही अफगानिस्तान अपने दावों से पीछे हटने को तैयार है.
साल 2025 में भारत के दौरे पर आए तालिबानी गृहमंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने नई दिल्ली से ही पाकिस्तान को चेतावनी दी थी कि “पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा (डूरंड लाइन), 2400 किलोमीटर से ज्यादा लंबी है. न इसे चंगेज खान नियंत्रित कर सका, न अंग्रेज. केवल ताकत से इसे नहीं संभाला जा सकता. पाकिस्तान के पास बड़ा फौज और बेहतरीन खुफिया एजेंसियां हैं, फिर वे खुद इसे क्यों नहीं रोक पा रहे?”
पिछले साल अक्टूबर में कतर और तुर्किए की मध्यस्थता के बाद पाकिस्तान-अफगानिस्तान में सीजफायर हुआ था. पाकिस्तान की ताजा एयरस्ट्राइक के बाद एक बार फिर से डूरंड लाइन पर तनातनी बढ़ चुकी है.

