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देश-विरोधी नहीं GenZ, संघ प्रमुख ने की तारीफ

By Nalini Tewari

जंतर-मंतर पर हुए जेनज़ी आंदोलन के बाद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने जेनज़ी की प्रशंसा की है. मोहन भागवत ने संवाद कार्यक्रम में कहा है कि जेन-जी और जेन-अल्फा, पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार हैं.

जंतर-मंतर पर आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ संघ प्रमुख मोहन भागवत को भी युवा पीढ़ी खासकर जेनज़ी और जेन अल्फा की सोच और पसंद-नापसंद के बारे में जानने और सीखने सीखने की लालसा जगा दी है.

प्रधानमंत्री मोदी इंस्टाग्राम पर पोस्ट और रील के जरिए युवाओं से जुड़ रहे हैं तो मोहन भागवत ने जेन-ज़ी से उनकी भाषा में क्लॉक इट जैसी स्लैंग सीखी.

जेनज़ी देशद्रोही नहीं, अपने बच्चे हैं: मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मुंबई जेनज़ी से बात की है. भागवत ने कहा, “मैं जेन Z पर आंख बंद करके भरोसा करूंगा.” क्योंकि मुझे देश के युवाओं की नीयत और उम्मीदों पर भरोसा है.

कार्यक्रम में बातचीत के दौरान पूछा गया कि क्या आप मानते हैं कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से भारत सरकार को पहले बात कर लेनी चाहिए थी? इस पर मोहन भागवत ने कहा, हमें उनकी बात सुननी चाहिए. उनसे बातचीत में कमी थी, इसीलिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ. आंदोलन भी संवाद का तरीका है. अगर नहीं सुना जा रहा है, तो आंदोलन तक जा सकते हैं.”

एंटी नेशनल के सवाल पर मोहन भागवत ने कहा, “सहानुभूति और समझ की भावना होनी चाहिए. आज की पीढ़ी सबसे ईमानदार पीढ़ी है. उनकी बात सुनी जानी चाहिए और उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि उनकी बात सुनी जा रही है. विरोध करने वाले एंटी नेशनल नहीं हो जाते, वे हमारे अपने लोग हैं. अपने बच्चे हैं.”

आपको बता दें कि मुंबई में नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में कार्यक्रम का आयोजन हुआ था. कार्यक्रम में देश के 100 से अधिक शहरों से आए 15 से 19 वर्ष आयु वर्ग के करीब 2,000 हाई स्कूल विद्यार्थी शामिल हुए.

युवाओं पर लाठीचार्ज को लेकर क्या बोले मोहन भागवत

प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन और युवाओं पर लाठीचार्ज का सवाल भी मोहन भागवत से पूछा गया. जिसपर मोहन भागवत का कहना था कि “लाठीचार्ज क्यों हुआ, कैसे हुआ इसके बारे में ना मुझे पूरी जानकारी है, ना आपको. लेकिन मैं आंख मूंद कर जेन ज़ी पर यकीन करता हूं. इस आंदोलन में कुछ असामाजिक तत्वों के शामिल होने की खबरें भी आई हैं. लेकिन पक्की जानकारी के बिना हम बात नहीं कर सकते हैं.”

मोहन भागवत ने कहा, “हम लोग जब जेनज़ी की उम्र में थे, तब बड़े जो कहते थे, हम मान लेते थे, सवाल नहीं करते थे. आज का युवा सवाल करता है. उन्हें जवाब चाहिए और प्यार भी चाहिए.”

संघ प्रमुख ने नीट पेपर लीक और शिक्षा पर भी बात की. कहा, “शिक्षा कमर्शियल बिजनेस नहीं है. वह सर्वसुलभ हो, ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए. ऐसा किसी ने नहीं कहा कि सरकार ही पूरी शिक्षा चलाए. हमें भी सहयोग करना होगा. तभी सुधार होगा. बाद में पाठ्यक्रम की बात आनी चाहिए.”

भागवत ने जेन ज़ी से सीखा स्लैंग

मोहन भागवत ने युवाओं के साथ हंसी-मज़ाक किया और उनकी स्लैंग यानि जेन ज़ी की भाषा में भी बात की. भागवत ने क्लॉक इट और फिंगर क्लैप किया, जिसे देखकर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा.

आपको बता दें कि जेन जी  यानी साल 1997 से 2012 के बीच जन्मी पीढ़ी. सोशल मीडिया और इंटरनेट के इस्तेमाल से इस नई पीढ़ी ने अपनी एक अनोखी और मजेदार शब्दावली (स्लैंग) बनाई है, जो अक्सर बातचीत और रील्स में उपयोग की जाती है, जैसे वाइब, नो कैप, स्ले, क्रिंज, डेलुलु, फ्लेक्स और सस.

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