अग्निवीरों को मिले दो साल के एक्सटेंशन पर भारतीय सेना ने एक बार फिर सफाई जारी की है. सेना ने साफ किया है कि दो साल बाद बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को भी ‘परमानेंट’ सैनिक के तौर पर समाहित (शामिल) कर लिया जाएगा. पहले 25 प्रतिशत को चार साल की पहली अवधि के बाद सेना में समाहित किया जा रहा है.
देश की मिलिट्री अफेयर्स से जुड़े एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने ये भी बताया कि अग्निपथ योजना को वापस नहीं लिया गया है. जून 2022 में अग्निपथ स्कीम के तहत भारतीय सेना (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) में एक सैनिक की सीधे भर्ती के बजाए, चार साल के लिए अग्निवीर बनाने की शुरुआत हुई थी. चार साल के बाद, कुल अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत को सैनिक बनने के लिए चुना जाना था. बाकी 75 प्रतिशत को सेना से रिटायर कर दिया जाना था.
इस महीने के अंत तक अग्निवीर के पहले बैच को रिटायर होना था. लेकिन उससे पहले बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने सभी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को 02 साल के लिए एक्सटेंशन दे दिया है. खुद केंद्र सरकार के प्रवक्ता और वरिष्ठ मंत्री अश्विनी वैष्णव और सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने मीडिया ब्रीफिंग में अग्निवीर योजना में लाए गए बड़े बदलाव की जानकारी साझा की थी. इसके बावजूद लोगों के जेहन में अग्निपथ योजना को लेकर कई सवाल थे. ऐसे में सेना की तरफ से सफाई जारी की गई. इसके अलावा अग्निवीरों के लिए समर्पित एक वेबसाइट लॉन्च की है. इसमें चैट-जीपीटी के जरिए योजना से जुड़े सभी सवालों के जवाब मिल सकते हैं.
सैन्य अफसर ने बताया कि “सभी अग्निवीरों को अब नियमित कैडर में समाहित कर लिया जाएगा. पहले 25% को चार साल की पहली सेवा अवधि के बाद समाहित किया जाएगा, और शेष 75% में से सभी को (बिना किसी सीमा के) दूसरी सेवा अवधि के बाद समाहित किया जाएगा. मुख्य मानदंड यह है कि अग्निवीर इच्छुक हो, शारीरिक रूप से फिट हो और अनुशासित हो.”
चार साल बाद स्थायी रूप से समाहित न होने वाले 75% अग्निवीरों की वरिष्ठता का क्या होगा, इस सवाल पर सेना ने कहा कि “उनकी वरिष्ठता सुरक्षित रहेगी. नियमित सैनिक बनने पर, उन्हें ठीक उनके अपने बैच के साथियों के बाद रखा जाएगा जो चार साल बाद नियमित कैडर में शामिल हुए थे. इसलिए वे किसी भी बाद के बैच से कनिष्ठ (जूनियर) नहीं होंगे.”
मिलिट्री अफेयर्स डिपार्टमेंट के मुताबिक, अग्निवीर योजना को वापस नहीं लिया गया है. केवल दो साल की एक और सेवा अवधि शुरू की गई है, जो इस सेवा अवधि के बाद सभी अग्निवीरों को नियमित सैनिकों के रूप में समाहित होने का मार्ग बनाती है.

