शनिवार का दिन पाकिस्तान के लिए काल बनकर आया. बलूचिस्तान प्रांत में बागी बलोचों ने ग्वादर, क्वेटा, पसनी, मस्तंग, नुश्की जैसे शहरों में एक साथ हमला बोला और पुलिस थानों पर कब्जा कर लिया.
बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के जेयंद गुट ने “ऑपरेशन हेरॉफ” के फेज 2 के तहत बड़े पैमाने पर हमले किए हैं. बलोच विद्रोहियों के अचानक हमले से पाकिस्तान फौज में चीखपुकार मच गई. पाकिस्तानी सैनिक अपनी अपनी पोस्ट छोड़कर कायरों की तरह भागते नजर आए.
शहरों में कब्जे के बाद बीएलए के लड़ाके बाजारों में घूमते दिखे. जबकि स्थानीय लोग बिना घबराए बलूच विद्रोहियों का स्वागत कर रहे थे और फ्री बलूच के नारे लगा रहे थे.
बलूचिस्तान के कई शहरों से भागी पुलिस और सेना, बीएलए का कब्जा
बीएलए के हथियारबंद विद्रोहियों ने बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में सुबह-सुबह हमला बोल दिया. एक जबरदस्त धमाके के साथ अटैक शुरू किया जिसके बाद कई घंटों तक जोरदार गोलीबारी हुई.
क्वेटा के अलावा पसनी, मस्तंग, नुश्की और ग्वादर जिलों में एक साथ हमले किए गए. इन हमलों में कई पुलिसकर्मी मारे गए है, जबकि पाकिस्तान की सेना के जवान जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए. हालांकि पाकिस्तान ने कई विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया है. लेकिन सामने आए वीडियो पाकिस्तानी सेना की नाकामी को बता रहे हैं.
मस्तंग जिले में बीएलए के लड़ाकों ने डिस्ट्रिक्ट जेल पर हमला करके कम से कम 30 कैदियों को छुड़ा लिया और वहां मौजूद भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद लूटकर पहाड़ों में गायब हो गए.
बीएलए ने शुरु किया ऑपरेशन हेरोफ पार्ट 2
बीएलए ने बयान जारी करके दावा किया है कि “उन्होंने 84 पाकिस्तानी फौजियों को मार गिराया है और 18 को बंधक बना लिया है.” सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में नुश्की के डिप्टी कमिश्नर भी विद्रोहियों के कब्जे में नजर आ रहे हैं, जो फेल्ड (फील्ड) मार्शल असीम मुनीर के मुंह पर तमाचा है.
बीएलए ने दावा किया कि “उसके फिदायीन लड़ाकों ने आर्मी और आईएसआई कैंपों पर हमले किए और बड़े इलाकों पर कब्जा किया. क्वेटा में पुलिस स्टेशन पूरी तरह नष्ट हो गए, वाहन तबाह हुए और छतों पर बीएलए फाइटर्स दिखे.”
क्वेटा में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है, अस्पतालों में इमरजेंसी घोषित की गई है. मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गईं और ट्रेन सेवाएं निलंबित हैं
बीएलए ने लोगों को सड़क पर उतरने और हक के लिए लड़ने को कहा
बलूच लिबरेशन आर्मी ने शनिवार को अपने कमांडर-इन-चीफ बशीर जेब बलूच का एक वीडियो मैसेज जारी किया है. इसमें उन्होंने बलूच लोगों से अपने घरों से बाहर निकलने और पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष के उस निर्णायक दौर में शामिल होने की अपील की है. इस हमले को उन्होंने निर्णायक दौर बताया है.
वीडियो में बशीर जेब बलूच हथियारबंद लड़ाकों के साथ दिखाई देते हैं और अपना संदेश ब्राहुई और बलूची दोनों भाषाओं में दे रहे हैं.
कहा कि “ऑपरेशन हेरोफ़ के दूसरे चरण के तहत बलूचिस्तान के “दस शहरों में एक साथ हमले” शुरू किए गए हैं.”
“अगर लोग आज बाहर नहीं आए और ऑपरेशन हेरोफ में हिस्सा ले रहे भाइयों और बहनों के साथ खड़े नहीं हुए, तो इतिहास उनकी हार दर्ज करेगा. जो लोग अपनी जान देते हैं और जो लोग जान लेते हैं, वे ही इतिहास लिखते हैं.”
“हम चरमपंथी नहीं हैं. लेकिन जब बात हमारी जमीन और हमारे देश की आती है, तो हम किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. हमने किसी दूसरे देश पर कब्जा नहीं किया है. बल्कि हम पर कब्जा किया गया है. हमारी लड़ाई न्याय के लिए लड़ाई है.”
“लंबर वन आर्मी…”, मीर यार बलोच ने कसा असीम मुनीर पर तंज
बलोच नेता मीर यार बलोच ने पाकिस्तानी सेना पर जमकर कटाक्ष किया है. एक पोस्ट में कहा है कि “बलोच विद्रोहियो ने पाकिस्तान आर्मी की पैंट गीली कर दी है. पाकिस्तान के मिलिट्री कैंपों पर कई बड़े विस्फोटों की खबर भी सामने आ रही है. बलूचिस्तान पर बीएलएल लड़ाके हावी हो चुके हैं.”
मीर यार बलोच ने कहा, “ऐसा कहा जा रहा है कि पाकिस्तान के दर्जनों शीर्ष सैन्य अधिकारी दो हेलीकॉप्टरों में सवार होकर अपनी सेना के पतन के डर से क्वेटा से पंजाब भाग गए.”

