वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की तैयारी पिछले कई महीनों से चल रही थी. अमेरिकी शीर्ष सैन्य अधिकारी जनरल डैन केन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस नें खुलासा किया है कि अमेरिका ने राष्ट्रपति मादुरो को गिरफ्तार करने के लिए चलाया था ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व.
ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व के तहत वेनेजुएला में एक्शन के दौरान 150 विमान शामिल हुए थे. जिसमें एफ-22, एफ-35, एफ-18, ईए-18, ई-2, बी-1 बॉम्बर, सहायक विमान और कई ड्रोन शामिल थे.
जनरल केन के मुताबिक अमेरिकी सेना के एक्शन के आगे वेनेजुएला के राष्ट्रपति ने घुटने टेक दिए और पत्नी समेत आत्मसमर्पण कर दिया.
अमेरिकी जनरल ने खोला ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व का रहस्य
जनरल डैन केन ने मीडिया को बताया कि “यह एक बेहद मुश्किल और योजनाबद्ध सैन्य अभियान था, जिसकी तैयारी कई महीनों से चल रही थी. इस ऑपरेशन में 150 से अधिक विमान शामिल थे. जिन्होंने अलग-अलग जगहों से उड़ान भरी थीं.”
जनरल केन के मुताबिक, “अमेरिकी बल रात 1:01 बजे (ईस्टर्न टाइम) मादुरो के ठिकाने पर पहुंचे और पूरे इलाके को घेर लिया गया ताकि जमीनी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. इस दौरान पहले से तय प्लान के मुताबिक अमेरिकी विमानों ने गोलीबारी की, इस दौरान वेनेजुएला की सेना से जवाब दिया गया. कई अमेरिकी हेलिकॉप्टर्स पर गोलीबारी भी हुई, लेकिन अमेरिकी बलों ने पूरी ताकत से जवाब दिया. हालांकि इस ऑपरेशन के दौरान एक विमान को नुकसान पहुंचा, लेकिन सभी अमेरिकी विमान सुरक्षित लौट आए हैं.”
हमने पहले ही वेनेजुएला के एयर डिफेंस सिस्टम निष्क्रिय कर दिए थे: अमेरिकी जनरल
अमेरिकी जनरल ने बताया कि “उन्हें पता था कि जब अमेरिकी लड़ाकू विमान वेनेजुएला पर अटैक करेंगे तो वहां के एयर डिफेंस सिस्टम से उनका सामना होगा. इसलिए ऑपरेशन में पूरी तरह से सरप्राइज बनाए रखा गया. अमेरिका ने वेनेजुएला के एयर डिफेंस सिस्टम को पहले ही निष्क्रिय कर दिया था.”
“खुद को घिरा देख मादुरो और उनकी पत्नी ने आत्मसमर्पण कर दिया. इसके बाद उन्हें न्याय विभाग की हिरासत में लिया गया और 03:29 बजे दोनों को यूएसएस इवो जिमा पर ले जाया गया.”
जनरल केन ने वेनेजुएला को चेतावनी देते हुए कहा, कि “भविष्य में अगर जरूरत पड़ी, तो अमेरिका इस तरह के मिशन के लिए फिर तैयार रहेगा.”
अमेरिका के दुश्मनों के लिए वेनेजुएला की कार्रवाई सख्त संदेश: ट्रंप
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में किया गया सैन्य ऑपरेशन अमेरिका को धमकी देने वालों के लिए सख्त वॉर्निंग बताया है. ट्रंप ने कहा कि “वह आतंकवादियों और अपराधियों को अमेरिका के खिलाफ बिना सजा के काम करने की इजाजत कभी नहीं देंगे.”
ट्रंप ने इस कार्रवाई को बेहद सफल बताते हुए कहा कि “यह उन सभी लोगों के लिए संदेश है जो अमेरिकी संप्रभुता को चुनौती देने या अमेरिकी नागरिकों की जान खतरे में डालने की सोच रखते हैं.”
माना जा रहा है कि ट्रंप का इशारा ईरान की तरफ था. क्योंकि ईरान और अमेरिका में इन दिनों तनातनी है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की ओर से वरिष्ठ सलाहकार ने ट्रंप को चेतावनी जारी की है, जिसके बाद माना जा रहा है कि इजरायल और अमेरिका मिलकर एक बार फिर से ईरान पर एक्शन ले सकते हैं.

