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कश्मीर में आतंकियों के जनाजे निकलना बंद: अमित शाह

हम आतंकी देखते ही सीधा दोनों आंखों के बीच में गोली मारते हैं. हमारी सरकार न आतंकवाद को सह सकती है और न ही आतंकवादियों को क्योंकि देश के नागरिकों के खून की होली खेलने वालों के लिए देश में कोई जगह नहीं है.

—संसद में गृह मंत्री अमित शाह

कश्मीर में दस साल पहले जहां आतंकियों का महिमामंडन होता था और जनाजे निकलते थे, आज आतंकियों को मारने के बाद वही दफना दिया जाता है. आतंकी अगर अब आंख उठाने की कोशिश करते हैं तो उनकी आंखों के बीच में गोली मारी जाती है. ये कहना है देश के गृह मंत्री अमित शाह का.

शुक्रवार को संसद में जम्मू कश्मीर और गृह मंत्रालय की कार्यशैली पर अमित शाह बोल रहे थे. इसी दौरान गृह मंत्री ने बताया कि “पिछले दस सालों में मोदी सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए जिनसे आतंकियों के साथ भारतीय बच्चों के जुड़ने की संख्या करीब करीब शून्य हो गई है.”

अमित शाह ने कहा कि कई आतंकियों के रिश्तेदारों को ‘रूथलैसली’ सरकारी नौकरी से निकालने का काम किया गया है. आतंकवाद और आतंकवादी दोनों के समर्थकों को सरकारी नौकरी, पासपोर्ट देने और सरकारी अनुबंध के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है. (https://x.com/AmitShah/status/1903126154464334249)

गृह मंत्री ने कहा कि

  • 2004 से 2014 के बीच 7217 आतंकी घटनाएं हुई जो 2014-2024 के बीच घटकर 2242 रह गईं.
  • इसी अवधि में कुल मृत्यु में 70 प्रतिशत की कमी आई है, नागरिकों की मृत्यु में 81 प्रतिशत और सुरक्षाबलों की मृत्यु में 50 प्रतिशत की कमी आई है.
  • 2010 से 2014 में हर साल औसतन संगठित पथराव की 2654 घटनाएं हुईं, जबकि 2024 में एक भी नहीं हुई. 132 संगठित हड़ताल हुई, आज एक भी नहीं होती है. पथराव में 112 नागरिकों की मृत्यु और 6000 घायल हुए थे, लेकिन अब पथराव ही नहीं होता.
  • वर्ष 2004 में कुल 1587 आतंकी घटनाएं हुई थीं, जबकि 2024 में कुल 85 घटनाएं हुईं.
  • 2004 में नागरिकों की मृत्यु की संख्या 733 थी, जबकि 2024 में यह 26 थी.
  • 2004 में सुरक्षाबलों की मृत्यु 331 थीं, जबकि 2024 में 31 रह गई.

गृह मंत्री के मुताबिक, “नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है. मोदी सरकार में किसी की हिम्मत नहीं कि देश में बम धमाका कर सके.”

अमेरिका और इजरायल की श्रेणी में आ गया है भारत

उरी और पुलवामा में हमलों के बाद पाकिस्तान के घर में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि “पूरी दुनिया में पहले इजरायल और अमेरिका ही दो ऐसे देश थे जो अपनी सीमा और सेना की सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहते थे, इन दोनों देशों की सूची में हमारे महान भारत का नाम जोड़ने का काम प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया और वहीं से आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति की शुरूआत हुई.” (https://x.com/KapilMishra_IND/status/1903045924990878155)

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि “प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पिछले 10 वर्षों में गृह मंत्रालय ने दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्तिऔर एक मज़बूत विधायी खाका खड़ा कर हमारे सुरक्षाकर्मियों के हौंसले में वृद्धि करने का प्रयास किया है.” (https://x.com/AmitShah/status/1903101630024913154)

पुरानी सरकारों का आतंकवाद के खिलाफ था लचीला रवैया, वोट बैंक का रहता था डर

गृह मंत्री ने कहा कि पहले कश्मीर में पड़ोसी देश से आए दिन आतंकी घुसते थे, बम धमाके और हत्याएं करते थे और इन घटनाओं के प्रति तत्कालीन केन्द्र सरकारों का रवैया लचीला होता था. वे चुप्पी साध जाते थे, उन्हें बोलने में डर लगता था और साथ ही वोट बैंक का डर भी था.

अमित शाह ने कहा कि कश्मीर में अलगाववाद का मूल कारण धारा 370 थी. उन्होंने कहा कि राजनीतिक मजबूरी और वोट बैंक की पॉलिटिक्स के कारण धारा 370 कई वर्षों तक चलती रही. गृह मंत्री ने कहा कि इसी संसद में 5 अगस्त, 2019 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने धारा 370 को समाप्त कर दिया.

गृह मंत्री ने कहा कि “हमारे संविधान निर्माताओं का स्वप्न था कि एक देश में दो प्रधान, दो निशान और दो विधान नहीं होने चाहिए और मोदी जी ने इस स्वप्न को पूरा किया.” अमित शाह ने कहा कि 5-6 अगस्त, 2019 में एक विधान, एक निशान और एक प्रधान का नया दौर शुरू हुआ और वहीं से कश्मीर को हमेशा के लिए भारत के साथ जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई.

34 साल बाद खुले सिनेमाहॉल

गृह मंत्री ने कहा पिछली सरकारों के 33 साल के शासन में कश्मीर में सिनेमा हॉल नहीं खुलते थे, हमारे शासन में खुले. 34 साल से मुहर्रम पर ताजिया की अनुमति नहीं थी, हमारे समय में दी गई. पहले लाल चौक तक पर तिरंगा फहराना बहुत मुश्किल था अब एक भी घर वहां ऐसा नहीं था जहां हर घर तिरंगा अभियान में तिरंगा नहीं फहराया गया हो. उन्होंने कहा कि श्रीनगर में फॉर्मूला 4 कार रेसिंग हुई, लाल चौक पर कृष्ण जन्माष्टमी का महोत्सव मनाया गया.

गृह मंत्री ने संसद को केंद्र सरकार द्वारा नक्सलवाद और उत्तर-पूर्व से उग्रवाद के खात्मे के लिए किए गए प्रयासों के बारे में भी विस्तृत जानकारी साझा की गई.