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बांग्लादेश में अराजकता जारी, नहीं थमी हिंदुओं की हत्याएं

बांग्लादेश में हालात बिगड़ते जा रहे हैं. 12 फरवरी को होने वाले चुनाव से पहले हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ता जा रहा है. पिछले 18 दिन में 6 हिंदू युवकों की हत्या का मामला सामने आया है. सोमवार को 24 घंटे में ही दो हिंदुओं की हत्या कर दी गई. तो महिला के साथ भी हिंसा हुई है, जिसके बाद बांग्लादेश में रह रहे अल्पसंख्यकों में दहशत और खौफ का माहौल है. अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस कट्टरपंथियों और अपराधियों के सामने सरेंडर कर चुके हैं.

बांग्लादेश में 02 और हिंदुओं की हत्या

पिछले 24 घंटे में बांग्लादेश में 02 हिंदू युवकों की हत्या कर दी गई है. 40 वर्षीय शरत चक्रवर्ती मणि जो एक किराना दुकान के मालिक थे उनकी सोमवार की रात को नरसिंगदी में हत्या कर दी गई. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शरत नरसिंगदी के चारसिंदूर बाजार में अपनी किराने की दुकान पर थे. इसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने अचानक उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया. मृतक शरत चक्रवर्ती मणि पहले दक्षिण कोरिया में काम करते थे और कुछ साल पहले बांग्लादेश लौट आए थे.

जबकि उसी दिन मणि की हत्या से पहले हिंदू पत्रकार की भी हत्या की गई थी.जशोर के मणिरामपुर में हिंदू पत्रकार राणा प्रताप बैरागी की गोली मारकर और गला रेतकर हत्या कर दी गई थी. 45 साल के फैक्ट्री मालिक और बीडी खबर के कार्यकारी संपादक राणा को कोपालिया बाजार इलाके में सिर में कई गोलियां मारी गईं और उनका गला रेत दिया गया.

18 दिनों में 06 हिंदुओं की हत्या

पिछले महीने मैमनसिंह जिले में दीपू चंद्र दास लिंचिंग का शिकार हुए थे. उन्हें लोगों ने मारने के बाद पेड़ पर लटका दिया था औक फिर शव को आग लगा दी. इस निर्ममता का वीडियो वायरल हुआ था, जिसपर भारत के विदेश मंत्रालय ने भी आपत्ति जताई थी.

पिछले हफ्ते 50 वर्षीय खोकन दास, एक हिंदू दवा दुकान मालिक और बीकेश मोबाइल बैंकिंग एजेंट पर केहरभांगा बाजार में दुकान बंद कर घर लौटते समय हमला किया गया. तिलाई इलाके के पास तीन से चार हमलावरों ने उन पर हमला किया था.

पिछले हफ्ते ही मैमनसिंह में बजेंद्र बिस्वास नामक एक हिंदू गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी को ड्यूटी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई.

हिंदुओं की हत्या का समर्थन करते हैं मोहम्मद यूनुस: सामाजिक कार्यकर्ता

बांग्लादेश के सामाजिक कार्यकर्ता बप्पादित्य बसु ने हिंदुओं की हत्या का कड़ा विरोध करते हुए नाराजगी जताई. कहा, “अगर ऐसा होता रहा तो कुछ ही वर्षों में बांग्लादेश में हिंदुओं का अस्तित्व ही समाप्त हो जाएगा.”

बप्पादित्य बसु ने आरोप लगाया कि “मोहम्मद यूनुस की सरकार हिंदुओं की हत्याओं का समर्थन कर रही है. बप्पादित्य का दावा है कि शरत चक्रवर्ती मणि (मृतक) से दो दिन पहले कट्टरपंथियों ने बड़ी रकम की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि शरत को जजिया देना पड़ेगा. अगर उन्होंने पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई, तो उनकी पत्नी का अपहरण कर लिया जाएगा.”

भारत सरकार जता चुकी है बांग्लादेश सरकार से विरोध

साल 2024 में जब बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्तापलट हुआ था उसी दिन से हिंदुओं और बाकी अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़ गया. अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस की सरपरस्ती में कट्टरपंथियों का हौसला बुलंद है और आए दिन हिंदू महिलाओं के साथ रेप और हिंदुओं की हत्या की जा रही है.

हाल ही में एक बार फिर से भारतीय विदेश मंत्रालय ने हिंदुओं की सुरक्षा की चिंता जाहिर की थी. 

बांग्लादेश में 12 फरवरी को चुनाव होने वाला है. इस चुनाव में खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी का आना तय है. खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल बाद बांग्लादेश में आ चुके हैं, जिन्हें पीएम बनाया जाएगा. 

सवाल है कि क्या तारिक रहमान, हिंदू और बाकी अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएंगे.

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