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तुलसी गबार्ड का इस्लामिक खलीफा बयान, बांग्लादेश ने मारी फुंकार

अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (डीएनआई) तुलसी गबार्ड ने दिल्ली से बांग्लादेश में हिंदुओं के अत्याचार का मुद्दा क्या उठाया, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को मिर्ची लग गई. ये मुंह और मसूर की दाल लोकोक्ति की तरह अयोग्य बांग्लादेश की अंतरिम सरकार, योग्य तुलसी गबार्ड का विरोध करने लगी. बांग्लादेश की यूनुस सरकार ने तुलसी गबार्ड के आरोपों को निराधार बताया और गबार्ड के बयान को देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला करार दिया है.

बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार चिंता की बात: तुलसी गबार्ड

भारत में रायसीन डायलॉग के लिए पहुंची तुलसी गबार्ड को सम्मानित किया गया. पीएम मोदी ने खुद महाकुंभ का गंगाजल देकर तुलसी गबार्ड का स्वागत किया. इस बीच दिल्ली में मौजूद गबार्ड ने अपने एक इंटरव्यू में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाया. तुलसी गबार्ड ने कहा कि “बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यको का उत्पीड़न और हत्या और देश में इस्लामिक आतंकियों का खतरा इस्लामी खलीफा के साथ शासन करने की विचारधारा में डूबा हुआ है. कैसे वैश्विक स्तर पर चरमपंथी तत्व और आतंकवादी समूह कार्य कर रहे हैं.”

डीएनआई ने कहा, “इस्लामिक आतंकवादियों का खतरा और विभिन्न आतंकवादी समूहों के वैश्विक प्रयास एक ही विचारधारा और उद्देश्य के लिए हैं. ये एक इस्लामी खिलाफत के आधार पर शासन करना चाहते हैं. 

गबार्ड ने कहा कि “राष्ट्रपति ट्रंप, इस्लामिक आतंकवाद को हराने के लिए प्रतिबद्ध हैं. हिंदुओं, बौद्धों, ईसाइयों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों का लंबे समय से दुर्भाग्यपूर्ण उत्पीड़न, हत्या और दुर्व्यवहार अमेरिकी सरकार और राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रशासन के लिए चिंता का विषय रहा है. 

संवेदनशील मुद्दों पर वास्तविक ज्ञान से बोलना चाहिए: बांग्लादेश 

तुलसी गबार्ड के बयान पर बांग्लादेश के अंतरिम सरकार ने नाराजगी जाहिर की है. मोहम्मद यूनुस के कार्यालय की ओर से कहा गया कि, “तुलसी गबार्ड का बयान बांग्लादेश की छवि और प्रतिष्ठा को गुमराह करने वाला और नुकसान पहुंचाने वाला है. एक ऐसा देश जिसकी पारंपरिक इस्लाम प्रथा प्रसिद्ध रूप से समावेशी और शांतिपूर्ण रही है और जिसने उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई में उल्लेखनीय प्रगति की है.”

अंतरिम सरकार के मुताबिक, “बांग्लादेश को इस्लामवादी खिलाफत के विचार से बेबुनियाद तरीके से जोड़ने से अनगिनत बांग्लादेशियों और दुनिया भर में उनके दोस्तों और साझेदारों की कड़ी मेहनत को नुकसान पहुंचा है. बांग्लादेश किसी भी तरह के इस्लामवादी खिलाफत से जोड़ने के किसी भी प्रयास की कड़ी निंदा करता है.नेताओं को अपने बयान विशेष रूप से सबसे संवेदनशील मुद्दों पर वास्तविक ज्ञान के साथ बोलना चाहिए. भय को बढ़ाने और यहां तक कि सांप्रदायिक तनाव को बढ़ाने से उन्हें बचना चाहिए.”

पीएम मोदी ने तुलसी गबार्ड को भेंट में दिया गंगाजल

दिल्ली में तुलसी गबार्ड ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है. इस दौरान पीएम मोदी और तुलसी के बीच रक्षा, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी, काउंटर टेररिज्म और वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा हुई. मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने तुलसी को महाकुंभ का जल भेंट स्वरूप भेंट किया तो यूएस इंटेलिजेंस चीफ ने प्रधानमंत्री को तुलसी की माला गिफ्ट की.. मोदी ने ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल की पहली उच्च स्तरीय यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण बताया.मोदी ने इस साल के अंत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा को लेकर भी तुलसी से चर्चा की और बताया कि भारत की 140 करोड़ जनता उत्सुकता से इंतजार कर रही है.

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