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भैरव नाम नहीं…परिणाम, Big B ने गिनाई सेना की शूरवीरता

न कोई आहट, न कोई छाया, न कोई संकेत, न कोई काया…मैं काल नहीं, काल का विधान, भैरव नाम नहीं, पहचान…भारतीय सेना की नई स्ट्राइक कोर भैरव की ताकत की अमिताभ बच्चन ने अपनी दमदार आवाज में व्याख्या की है. 

सेना ने साढ़े 3 मिनट का एक वीडियो रिलीज किया है, जिसमें इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप भैरव की अनदेखी तस्वीरें दिखाई गई हैं, ऐसी तस्वीरें जिसे देखकर हर हिंदुस्तानी गर्व से भर जाएगा और दुश्मन कांपेगा.

पिछले साल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भैरव बटालियन की घोषणा की थी, और कुछ ही महीनों में भारत पर बुरी नजर डालने वालों का काल बनने के लिए जमीन पर उतर आए हैं भैरव कमांडोज.

काउंटर टेररिज्म में सरप्राइज देने में माहिर भैरव

भगवान शिव के उग्र रूप के नाम पर बने भैरव बटालियन के काम करने के तरीकों को सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपनी आवाज में बताया है. 

तकरीबन साढ़े 3 मिनट के इस वीडियो में दिखाया गया है कि भैरव कमांडो कैेसे काम करते हैं. सामने चाहे कैसी भी परिस्थिति हो, दुश्मन को अंजाम तक पहुंचाकर दम लेते हैं.

बॉर्डर पर घुसपैठियों को ढेर करना हो या फिर सीमा-पार आतंकियों के ठिकानों को तबाह करना, भारत के नए भैरव, हथियारों के साथ तैयार हैं. भारतीय सेना में भैरव कमांडो की नई बटालियन दुश्मन से लोहा लेने के लिए तैयार हैं. 

ये भैरव बटालियन, इन्फेंट्री बटालियन और स्पेशल फोर्सेज (पैरा-एसएफ) के बीच की कड़ी का काम करेगी. भैरव बटालियन को दुश्मन पर सरप्राइज अटैक करने के साथ ही संवेदनशील बॉर्डर पर पेट्रोलिंग के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा. 

भारतीय सेना में फिलहाल 350 इन्फेंट्री बटालियन हैं. हर बटालियन में पहले से एक घातक प्लाटून होती है, जिसमें 15-20 कमांडो होते हैं. लेकिन भैरव बटालियन, इन घातक कमांडो से ज्यादा घातक हैं.

जंगल में घात लगाकर हमला करने की रणनीति से लेकर पानी के रास्ते जाना और हवा से उतरकर सटीक प्रहार करना इस बटालियन का खासियत है.

शैडो एंड स्टील, भैरव के जरिए दुश्मनों को सेना ने दिया संदेश

सेना द्वारा रिलीज किए गए इस वीडियो में एके-203 असॉल्ट राइफल्स, नेगेव लाइट मशीन गन, रॉकेट लॉन्चर, नाइट विजन डिवाइस, ड्रोन और स्ट्राइक व्हीकल जैसे संसाधनों के साथ भैरव कमांडोज़ के ऑपरेशनल तैयारियों को दिखाया गया है.

वैश्विक संघर्षों और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भैरव बटालियन समय की आवश्यकता है ताकि दुश्मनों को रेडलाइन क्रॉस न करने दिया जाए. ये बटालियन आधुनिक युद्ध की चुनौतियों से निपटने में सक्षम है. चाहे वो ऑपरेटिव ड्रोन संचालन हो या दुश्मन के ठिकानों और संरचनाओं को निशाना बनाना हो. जल,थल, नभ, हर परिस्थिति में ये बटालियन देश को सुरक्षित बनाएगी.

जनरल बिपिन रावत का सपना हुआ पूरा

तत्कालीन थलसेनाध्यक्ष और बाद में देश के पहले सीडीएस बने (दिवंगत) जनरल बिपिन रावत से साल 2016-19 में  पहली बार थलसेना में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (आईबीजी) की संकल्पना की थी. भैरव को आईबीजी की तर्ज पर ही खड़ा किया गया है. ये एक ऐसी बटालियन है जिसमें अलग-अलग कॉम्बेट यूनिट्स को एक साथ लाया गया है, ताकि किसी भी समय दुश्मन से बदला लिया जा सके. 

सेना मुख्यालय द्वारा अब तक ऐसी लगभग 15 भैरव बटालियनें खड़ी की जा चुकी हैं. इस साल आर्मी डे में पहली बार भैरव बटालियन की झलक लोगों ने देखी थी. साथ ही गणतंत्र दिवस के मौके पर भी भैरव बटालियन के कमांडो ने जब लोगों के सामने जब अपने बटालियन की शूरवीरता का परिचय देते हुए एक साथ कहा था. 

“देश की पुकार है, रुद्र का अवतार है तू; 

वीर का प्रहार है, शत्रुओं के झुंड में सिंह की दहाड़ है;

बीचो-बीच मार दे वो राणा की तलवार है;

शक्ति है तू, शौर्य है तू, तूफान है तूफान है.”

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