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ढाका में बम धमाका, टारगेट पर मुक्ति योद्धाओं का दफ्तर

बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच राजधानी ढाका में हुआ है बड़ा धमाका. क्रिसमस पहले ये धमाका ढाका के माघ बाजार में फ्लाईओवर के पास हुआ. धमाके के चलते मौके पर एक शख्स की मौत हो गई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं. माना जा रहा है मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है. 

चश्मदीदों का दावा है कि बम फ्लाईओवर के पास से फेंका गया है. बांग्लादेश पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी को कब्जे में लेकर जांच शुरु कर दी है. लेकिन बांग्लादेश में चुनाव से पहले हो रही हिंसा के बीच बम धमाके के कारण लोगों में दहशत है.

हादी की हत्या के बाद बिगड़े हालात, बम धमाके के बाद दहशत

बांग्लादेश में शेख हसीना को अपदस्थ करने में अहम भूमिका निभाने वाले उस्मान हादी को 12 दिसंबर को गोली मार दी गई थी. 18 दिसंबर को सिंगापुर में उस्मान हादी की इलाज के दौरान मौत के बाद बांग्लादेश में हालात आउट ऑफ कंट्रोल हो गए. देश में अराजकता की स्थिति है. कट्टरपंथी हावी हैं, हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ चुका है. 

इस बीच ढाका के माघ बाजार में बुधवार शाम साढ़े 07 बजे के करीब बम धमाके के बाद हड़कंप मच गया. फ्लाईओवर के ऊपर से नीचे की ओर बम फेंका गया. ये बम बीच बाजार में फटा. धमाके की चपेट में आने से 21 साल के युवक सियाम की मौत हो गई. धमाका इतना जोरदार थी कि बाजार में कई दुकानों को नुकसान पहुंचा, जबकि कई लोग घायल हुए हैं.

धमाके के बाद पूरे बाजार में भगदड़ और अफरातफरी मच गई है. मौके पर पुलिस और बम निरोधक दस्ता पहुंच गया, जिसके बाद स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की गई.

टारगेट पर था बांग्लादेश मुक्ति जोधा संगसद, बाजार में फटा बम

बताया जा रहा है कि बम बांग्लादेश मुक्ति जोधा संगसद (1971 मुक्ति संग्राम के दिग्गजों के केंद्रीय कार्यालय) के सामने एक फ्लाईओवर से बम फेंका गया था. आपको बता दें कि 1971 के मुक्ति संग्राम (बांग्लादेश स्वतंत्रता संग्राम) में लड़ने वाले योद्धाओं (मुक्ति जोधाओं) के कल्याण और सम्मान के लिए गठित एक संगठन है, जो उनके अधिकारों की रक्षा, पुनर्वास और स्वतंत्रता संग्राम की भावना को जीवित रखने के लिए काम करता है, जिसके तहत मुक्तिजोधा कल्याण ट्रस्ट का गठन किया गया और सरकारी नौकरियों में 30% कोटा की वकालत की गई है.

माना जा रहा है कि बम धमाके के पीछे डराना या अराजकता फैलाना हो सकता है. 

बांग्लादेश में नाजुक हालात के बीच 15 साल बाद ढाका लौट रहे खालिदा जिया के बेटे

ये हमला ऐसे समय पर हुआ है, जब एक दिन बाद ही पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का बेटा तारिक रहमान बांग्लादेश लौट रहे हैं. रहमान 15 वर्षों से लंदन में रह रह रहे थे.

बांग्लादेश में इन दिनों हालात बेहद खराब हैं. हादी की हत्या के बाद कट्टरपंथियों ने मैमनसिंह नगर में दीपू चंद्र दास नाम के एक हिंदू युवक की हत्या कर दी थी. दीपू चंद्र की हत्या के बाद उसके शव के साथ मारपीट की गई थी और फिर शव को सबसे सामने जला दिया गया था. हत्या का वीडियो भी वायरल किया गया. जिसके बाद बांग्लादेश में रह रहे हिंदुओं में खौफ है. 

दीपू चंद्र की हत्या को लेकर अमेरिका ने भी बांग्लादेश को घेरा है. वहीं रूस ने मोहम्मद यूनुस से स्थिति संभालने और भारत के साथ संबंध सुधारने की नसीहत दी है. 

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