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पुष्कर में ब्रिटिश नागरिक को देश निकाला, फिलिस्तीन के स्टीकर लगाने का आरोप

राजस्थान के पुष्कर घूमने आए ब्रिटेन के दो नागरिकों ने इजरायल विरोधी और फिलिस्तीन समर्थित स्टीकर लगाकर हड़कंप मचा दिया. पुष्कर के सार्वजनिक स्थानों पर फ्री फिलिस्तीन और बॉयकॉट इजरायल जैसे पोस्टर लगाने वाले ब्रिटेन की महिला और पुरुष नागरिकों को फौरन देश छोड़़ने के आदेश दे दिए हैं. 

प्रशासन ने दोनों ब्रिटिशर्स से पूछताछ भी की है, ताकि सामने आ सके कि भारत आकर इजरायल विरोधी पोस्टर लगाने के पीछे उनकी क्या मंशा थी.

ब्रिटिश नागरिकों से पूछताछ, इजरायल विरोधी स्टीकर्स लगाए 

ब्रिटेन के नागरिक लेविस अपनी महिला मित्र अनेशी के साथ भारत में टूरिस्ट वीजा पर पुष्कर पहुंचे थे. पुष्कर घूमने के दौरान लेविस और अनेशी ने कई सार्वजनिक स्थलों पर छोटे छोटे स्टीकर्स लगाए. स्थानीय लोगों ने जब उन स्टीकर्स को देखा तो उसमें इजरायल के विरोध में और कुछ स्टीकर्स में फिलिस्तीन के पक्ष में बातें लिखी गई थीं. 

स्थानीय लोगों ने फौरन पुलिस और प्रशासन को इसके बारे में जानकारी दी. जांच के दौरान स्टीकर लगाने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान कर जिला पुलिस की सहायता से सभी स्टीकर हटवाए गएय 

पुलिस के मुताबिक. विदेशी नागरिकों ने टूरिस्ट वीजा पर रहते हुए राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्त होकर वीजा शर्तों का उल्लंघन का आरोप है.

लेविस-अनेशी को भारत छोड़ने का आदेश दिया गया

सीआईडी अजमेर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मीणा के मुताबिक, “आरोप साबित होने के बाद दोनों के खिलाफ इमिग्रेशन एंड फारेनर्स एक्ट-2025 के तहत कार्रवाई करते हुए भारत छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं.”

एसपी मीणा ने बताया कि “दोनों विदेशी नागरिकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा में भारत छोड़ दें. वहीं मामले को लेकर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों और जांच एजेंसियों को भी मामले की जानकारी दी गई है.”

ब्रिटेन ने दी है फिलिस्तीन को स्वतंत्र देश की मान्यता

पिछले साल सितंबर के महीने में ब्रिटेन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में लाए गए फ्रांस के प्रस्ताव को समर्थन दिया था. ब्रिटेन ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में औपचारिक रूप से मान्यता देने की घोषणा की थी.

इस घोषणा के बाद ब्रिटेन और इजरायल में नोंकझोंक देखने को मिली थी. इजरायली विदेश मंत्रालय ने कहा था, “यह मान्यता जिहादी हमास के लिए इनाम है, जिसे यूके में मुस्लिम ब्रदरहुड से संबद्ध लोग प्रोत्साहित कर रहे हैं. जिहादी विचारधारा को अपनी नीति निर्धारित ना करने दें.”

लेकिन इस आरोप पर कीर स्टार्मर ने कहा कि “फिलिस्तीन को मान्यता हमास के लिए इनाम नहीं है. यह समाधान का मतलब है हमास की भविष्य में कोई भूमिका नहीं होगी, न सरकार में, न ही सुरक्षा में.”

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