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गरजा रफाल BS-22, पाकिस्तान का झूठ फिर बेनकाब

कर्तव्य पथ पर जब भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान गरजे तो पाकिस्तान की झूठ एक बार फिर बेनकाब हो गया. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने जिस बीएस 22 रफाल फाइटर जेट को मार गिराने का दावा किया था, उसी लड़ाकू विमान ने गणतंत्र दिवस के फ्लाई पास्ट में हिस्सा लेकर देश को गौरवान्वित कर दिया. 

कर्तव्य पथ पर पूर्व वायुसेनाध्यक्ष बीएस धनोआ के नाम पर रफाल बीएस 22 ने उड़ान भरी. वज्रांग फॉर्मेशन में 06 लड़ाकू विमानों ने एक साथ उड़ान भरकर दुश्मन देश को संदेश दे दिया कि ये वो भारतीय वायुसेना है, जो दुश्मन को चीरकर रख देने का माद्दा रखती है.

सिंदूर फॉर्मेशन, रफाल, सु 30, जगुआर, मिग ने एक साथ भरी उड़ान, दुश्मन को कड़ा संदेश

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस समारोह रोमांच से भर देने वाला रहा. कर्तव्य पथ पर भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों सु 30, रफाल जगुआर फाइटर प्लेन ने सिंदूर फॉर्मेशन दिखा कर साबित कर दिया कि हमारे शूरवीरों को निशाना अचूक और अभेद्य है और तीनों सेनाएं मिलकर दुश्मन को सबक सिखाने और बदला लेने में सक्षम हैं.

भारतीय वायुसेना के दो राफेल, दो सुखोई, दो मिग-29 और एक जगुआर फाइटर एयरक्राफ्ट ने सिंदूर फॉर्मेशन बनाया. सिंदूर फॉर्मेशन भावना और परंपरा का प्रतीक रहा. इन लड़ाकू विमानों ने आसमान को चीरते हुए सिंदूर फॉर्मेशन बनाई तो आसमान में तिलक लगाने जैसा प्रतीत हुई. 

सिंदूर फॉर्मेशन के जरिए भारत ने एक बार फिर से दुश्मन को बता दिया कि अगर हिंदुस्तान पर नजर डाली तो हिंद की वायुसेना तहस-नहस कर डालेगी.

जिस विमान को पाकिस्तान ने मारने का दावा किया, उसने भरी कर्तव्य पथ पर उड़ान

कर्तव्य पथ पर चमकीली धूप के बीच 06 रफाल लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी. अंबाला एयरबेस से गर्जन करते इन रफाल विमान जब कर्तव्य पथ पर उड़ान भरी तो हर हिंदुस्तानी का सीना गर्व से भर गया.

इन 06 रफाल विमान में बीएस 22 लड़ाकू विमान भी था, जिसपर पाकिस्तान ने प्रोपेगेंडा फैलाया था. पाकिस्तान ने फर्जी दावा किया था, कि बीएस 22 विमान को उनकी वायुसेना ने मार गिराया है. लेकिन गणतंत्र दिवस पर उसी बीएस 22 फाइटर जेट ने उड़ान भर कर पाकिस्तान को दुनिया के सामने झूठा साबित कर दिया है और पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा की धज्जियां उड़ा दी हैं.

वज्रांग फॉर्मेशन में 06 लड़ाकू विमान दुनिया के सामने आए. इस फॉर्मेशन में एक विमान आगे होता है और बाकी के 5 पीछे होते हैं. ये फॉर्मेशन हवाई ताकत और रणनीतिक क्षमता को दिखाता है.

सिंगल रफाल लड़ाकू विमान का रोमांच

परेड के दौरान राफेल लड़ाकू विमान ने सिंगल उड़ान भी भरी. जोधपुर एयरबेस से 900 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से विमान ने उड़ान भरने के बाद रफाल ने कर्तव्य पथ पर कमाल के करतब दिखाए. राफेल की गर्जना से पूरा कर्तव्य पथ गूंज गया. पायलट ने विमान को आसमान की ऊंचाइयों में ले जाते हुए कई बार हवा में चक्कर लगाया और आसमान में लोगों की आंखों से ओझल हो गया.

77वें गणतंत्र दिवस के फ्लाई पास्ट में सुखोई, सी 295, अपाचे समेत 29 एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टर्स ने हिस्सा लिया. वायुसेना ने दुनिया को दिखाया कि भारत की रक्षा शक्ति के आगे दुश्मन घुटने टेकने पर मजबूर हो जाता है. हर एक भारतवासी को वायुसेना ने निश्चिंत किया की वो किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम है और दुश्मन की हिमाकत का फौरन मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है.

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