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रस्सी जल गई कनाडा नहीं सुधरा, भारत पर फिर लगाया उलजलूल आरोप

कनाडा ने भारत पर चुनाव में दखलअंदाजी का आरोप लगाया तो विदेश मंत्रालय ने कनाडा की असलियत सबके सामने ला दी. भारत ने कनाडाई आयोग की उस रिपोर्ट को कोरा झूठ बताया है, जिसमें चुनावों में हस्तक्षेप के आरोप लगाए गए हैं. विदेश मंत्रालय ने कनाडा के आरोपों को दृढ़ता से खारिज कर दिया. 

प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की सरकार पहले भी भारत पर बेबुनियाद आरोप लगा चुकी है और अब इस नई रिपोर्ट के जरिए फिर से भारत के खिलाफ भड़काने की कोशिश की गई है. विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को आधारहीन बताते हुए कनाडा को ही भारत के मामलों में बार-बार दखल देने वाला करार दिया है.

भारत के आंतरिक मामलों में दखल देता है कनाडा: विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कनाडा की रिपोर्ट को बकवास बताया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार देर रात कहा, “भारत पर कनाडा की रिपोर्ट को खारिज करते हैं. हमने तथाकथित विदेशी हस्तक्षेप को लेकर एक रिपोर्ट देखी है. आरोप पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं. असल में कनाडा ही लगातार भारत के मामलों में दखल दे रहा है. कनाडा में अवैध प्रवास और संगठित अपराध को बढ़ावा देने वाले तंत्र को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.” (https://x.com/MEAIndia/status/1884307723086619052)

सबूत नहीं तो फिर क्यों कनाडा ने लगाए गए भारत पर आरोप?

कनाडा की एक जांच रिपोर्ट में आरोप लगाए गए कि भारत प्रॉक्सी एजेंट के माध्यम से तीन राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों को सीक्रेट तरीके से वित्तीय मदद दे रहा था. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला दूसरा सबसे सक्रिय देश था. हालांकि आयोग की चेयरपर्सन मैरी-जोसे होग ने यह भी स्वीकार किया कि कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिला कि कनाडाई सांसदों ने किसी विदेशी सरकार के साथ मिलकर साजिश रची थी.

पहले भी ट्रूडो सरकार लगा चुकी है बेबुनियाद आरोप 

भारत के मोस्ट वांटेड खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद ट्रूडो सरकार ने सितंबर 2023 में भारत पर बिना सबूत बेबुनियाद आरोप लगाए थे. जिसके बाद भारत-कनाडा के रिश्ते पटरी से उतर गए थे. भारत, आरोपों के सबूत मांगता रहा लेकिन कनाडा ने सबूत दिए नहीं, क्योंकि खालिस्तानियों के वोट बैंक के चक्कर में ही पूर्व पीएम ट्रूडो ने मनगढ़ंत आरोप लगाए थे. जिसके बाद भारत ने कनाडा से अपने राजदूत को बुला लिया और भारत में मौजूद कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था.

अब एक बार फिर से नए आरोपों के बाद भड़काने की कोशिश की है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने भी दो टूक कह दिया है कि भारत के आंतरिक मामलों में झांकने की कोशिश करनी बंद कर देनी चाहिए.

ट्रूडो को छोड़ना पड़ा पीएम पद

भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाने के चलते कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को अपना पद छोड़ना पड़ा है. अपने देश के आर्थिक और सामाजिक हालात को सुधारने के बजाए ट्रूडो लगातार अपने देश की राजनीति में विदेशी हस्तक्षेप के आरोप लगाते रहे. इस कारण ट्रूडो की रेटिंग अपने देश में ही काफी गिर चुकी है. नए प्रधानमंत्री के चुने जाने तक ट्रूडो, कनाडा पीएम पद पर बने हुए हैं.

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