Breaking News Conflict

कोलंबियाई राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश, समंदर में हेलीकॉप्टर उड़ता रहा

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने ये कहकर सनसनी फैला दी है कि बीच हवा में उनकी हत्या करने की कोशिश हुई. लेकिन खुफिया जानकारी के बाद राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर के पायलट के सूझबूझ के चलते जान बचा ली गई. 

हालांकि राष्ट्रपति ने इस साजिश के पीछे किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन आपको बता दें कि वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कोलंबिया टारगेट पर है. 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा के साथ-साथ कोलंबियाई राष्ट्रपति को भी धमकाया है. वहीं कोलंबिया में होने वाले चुनाव के बीच हिंसा बढ़ गई है.

कोलंबियाई राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर पर होना था हमला, बाल-बाल बचे

कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने दावा किया है कि हत्या की कोशिश से बाल-बाल बचे हैं. गुस्तावो पेट्रो ने बताया कि किस तरह उनके हेलीकॉप्टर को लैंडिंग रोक दी गई और उन्हें समुद्र के ऊपर से होकर दूसरी जगह जाना पड़ा. खुफिया चेतावनी के बाद उनका हेलिकॉप्टर तय स्थान पर उतरने की बजाय समुद्र की ओर मोड़ दिया गया.

राष्ट्रपति पेट्रो के मुताबिक उनका हेलिकॉप्टर कैरेबियाई तट पर उतरने वाला था, लेकिन खुफिया इनपुट मिला कि विमान पर गोलीबारी की तैयारी है. खतरे की आशंका के चलते पायलट ने हेलिकॉप्टर को खुले समुद्र की ओर मोड़ दिया, और करीब चार घंटे तक उनका हेलीकॉप्टर समंदर पर मंडराता रहा और फिर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा.

पेट्रो ने कहा, ये एक सुनियोजित अटैक हो सकता है. लेकिन खुफिया एजेंसियों की सतर्कता के चलते उन्हें बचा जा सका. 

राष्ट्रपति पर हमले की साजिश के पीछे कौन, अमेरिका से चल रही है तनातनी

राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने किसी संगठन या व्यक्ति का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने इशारा किया कि ड्रग तस्करी नेटवर्क और सशस्त्र गिरोह लंबे समय से उनके खिलाफ साजिश रचते रहे हैं. 

ये घटना ऐसे वक्त में सामने आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और गुस्तावो पेट्रो के बीच जुबानी जंग चल रही है. ट्रंप ने कोलंबिया को ड्रग्स के खिलाफ वॉर्निंग दी है तो पलटवार करते हुए राष्ट्रपति गुस्तावो ने गुरिल्ला युद्ध की चेतावनी दी है. 

पहले भी रची जा चुकी है साजिश, राष्ट्रपति भवन के पास मिले थे एंटी टैंक हथियार

गुस्तावो पेट्रो 1990 के दशक में हथियार छोड़ने से पहले एक वामपंथी गुरिल्ला संगठन का हिस्सा रह चुके हैं. लेकिन ये उनका अतीत था. वहीं अमेरिका के अलावा उनकी जान को सबसे बड़ा खतरा नार्को-तस्करों और शांति समझौते से अलग हुए सशस्त्र गुटों से है. 

बताया जाता है कि नेशनल लिबरेशन आर्मी (ईएलएन) और गल्फ क्लान जैसे पैरामिलिट्री गिरोह राष्ट्रपति को टारगेट करने की कोशिश में हैं. 

वहीं पहले राष्ट्रपति भवन के आसपास एंटी-टैंक हथियार मिलने और उनके विमान को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाने की कथित साजिशों की खबरें भी सामने आई थीं. 

पिछले साल कोलंबियाई क्षेत्र वैले देल काउका में एक अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक संदिग्ध को मार गिराया था, जिस पर राष्ट्रपति की हत्या की साजिश रचने का आरोप था. उस ऑपरेशन में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुआ था. 

पेट्रो-ट्रंप में हुई थी मुलाकात, दोनों एकदूसरे के हैं कट्टर विरोधी

पेट्रो ने इसी महीने 3 फरवरी को व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की थी. वामपंथी नेता पेट्रो, ट्रंप की नीतियों के धुर विरोधी माने जाते हैं. चाहे वो वेनेजुएला की कार्रवाई हो या इजरायल का साथ देने पर अमेरिका की तीखी आलोचना करते रहे हैं.

वहीं पिछले साल अक्टूबर महीने में ट्रंप प्रशासन ने कोलंबियाई राष्ट्रपति पेट्रो और उनके परिवार के कुछ सदस्यों पर ड्रग तस्करी से जुड़े संबंधों के आरोप लगाते हुए प्रतिबंध लगाए थे.

वेनेजुएला पर कार्रवाई के बाद ट्रंप ने कोलंबिया का नाम लिया था. ट्रंप  ने कहा था कि “कोलंबिया एक बीमार देश है और वहां एक ऐसा शख्स शासन कर रहा है जो कोकीन बनाकर अमेरिका भेजता है.”

ट्रंप ने ये भी घोषणा की थी कि यह राष्ट्रपति (गुस्तावो पेट्रो) ज्यादा समय तक सत्ता में नहीं रहेंगें. साथ ही ट्रंप ने “कोलंबिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने को भी अच्छा विचार बताया था.”

editor
India's premier platform for defence, security, conflict, strategic affairs and geopolitics.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *