ईरान पर अमेरिकी सैन्य एक्शन का काउंटडाउन शुरु हो चुका है. अमेरिका ने अटैक का तैयार कर लिया गया है प्लान. ईरान में उग्र प्रदर्शन में 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी वक्त अमेरिकी सेना को तेहरान के खिलाफ हरी झंडी दिखा सकते हैं.
इस सबके बीच अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा सुरक्षा अलर्ट जारी किया है. अमेरिका ने अपने नागरिकों को ‘बिना देरी किए’ ईरान छोड़ने की सख्त चेतावनी दी है. अमेरिका ने नागरिकों से आर्मेनिया या तुर्किए के रास्ते ईरान छोड़ने को कहा है.
अमेरिका किसी भी वक्त कर सकता ईरान पर हमला, नागरिकों के लिए जारी की गाइडलाइन
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने एक आपातकालीन सुरक्षा अलर्ट जारी कर सभी अमेरिकी नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने का निर्देश दिया है. अमेरिकी सरकार ने चेतावनी दी है कि अमेरिकी नागरिकों, विशेष रूप से दोहरी नागरिकता रखने वालों को वहां मनमानी गिरफ्तारी, पूछताछ और प्रताड़ना का गंभीर खतरा है.
अमेरिका ने अपने नागरिकों को फौरन ईरान छोड़ने की सलाह देते हुए एक आपात एडवाइजरी जारी करते हुए कहा, “ईरान भर में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और हिंसक रूप ले सकते हैं. सड़कें बंद कर दी गई हैं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और इंटरनेट बैन कर दिया है. एयरलाइंस ईरान से आने-जाने वाली उड़ानें रद्द की जा रही हैं. अमेरिकी नागरिकों को इंटरनेट की परेशानी लिए तैयार रहना चाहिए. संचार के वैकल्पिक साधनों की योजना बनानी चाहिए साथ ही ईरान से सड़क के रास्ते आर्मेनिया या तुर्की जाने की तैयारी करनी चाहिए.”
नागरिक पकड़े गए तो मदद मिलना मुश्किल होगा- अमेरिका
अमेरिकी प्रशासन ने कहा है कि ईरान सरकार दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देती है. ऐसे में इन नागरिकों को पूरी तरह ईरानी नागरिक मानकर उनपर वहां के सख्त कानून थोपे जा सकते हैं. अमेरिकी पासपोर्ट दिखाना या अमेरिका से संबंध होने का कोई भी सबूत गिरफ्तारी का आधार बन सकता है. ईरान में कोई अमेरिकी दूतावास नहीं है, इसलिए संकट में फंसे नागरिकों को सरकारी मदद मिलना लगभग नामुमकिन है.
ईरान में क्या हैं हालात, इंटरनेट ठप, सड़कों पर डटे प्रदर्शनकारी
ईरान में कट्टरपंथियों को चुनौती देने वाले प्रदर्शनकारी हटने को तैयार नहीं. ईरान के सभी 31 प्रांतों में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन जारी हैं. अबतक 640 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. सरकार ने इंटरनेट पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है. इस अशांति के कारण लुफ्थांसा, एमिरेट्स, टर्किश एयरलाइंस और कतर एयरवेज जैसी बड़ी कंपनियों ने अपनी सेवाएं सीमित या रद्द कर दी हैं. तेहरान के खुमैनी एयरपोर्ट के जरिए नागरिकों का निकलना मुश्किल है.
भारत ने भी अपने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
मौजूदा हालात को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान को लेकर अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि “अगले आदेश तक भारतीय नागरिक ईरान की गैर-जरूरी यात्राओं से बचें.”
विदेश मंत्रालय ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों और पीआईओ (भारतीय मूल के व्यक्ति) को अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी है. उन्हें विरोध-प्रदर्शनों या किसी भी अशांत क्षेत्र से दूर रहने, अपनी आवाजाही सीमित रखने और स्थानीय हालात पर करीबी नजर बनाए रखने को कहा गया है.
विदेश मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिक नियमित रूप से तेहरान स्थित भारतीय दूतावास की वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल्स पर जारी सूचनाओं पर नजर रखें. मंत्रालय ने ईरान में रेजिडेंट वीजा पर रहने वाले भारतीय नागरिकों को भी तत्काल भारतीय दूतावास में रजिस्ट्रेशन कराने की सलाह दी है.

